Wednesday, February 11

सौभाग्य समझूं या भाग्य, नहीं बता सकती: जया बच्चन ने राज्यसभा में लगवाए ठहाके

नई दिल्ली। राज्यसभा में बुधवार को हास्य और आत्मीयता का एक अनोखा पल देखने को मिला, जब सपा सांसद जया बच्चन ने पीठासीन अधिकारी भुवनेश्वर कालिता से संवाद करते हुए पूरा सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठाया।

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जया बच्चन ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं जब भी बोलने के लिए आती हूं, आप ही चेयर पर होते हैं। अब मैं इसे सौभाग्य समझूं या भाग्य, नहीं बता सकती।” उनकी यह बात सुनते ही भुवनेश्वर कालिता हाथ जोड़कर अभिवादन करते दिखे और सदन जोर-जोर से ठहाके लगाकर गूंज उठा।

राज्यसभा में इस हास्यप्रद क्षण ने संसदीय वातावरण को हल्का और मित्रवत बना दिया। खास बात यह रही कि ठहाके केवल किसी एक दल के सांसदों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्य इस माहौल का हिस्सा बने।

लोकसभा से अलग, राज्यसभा में शांति
वहीं लोकसभा में आजकल सरकार और विपक्ष के बीच तीखी खींचतान देखी जा रही है। लेकिन राज्यसभा में बजट और यूएस-भारत ट्रेड डील पर भी चर्चा के दौरान सांसद आपस में शांति और व्यवस्थित ढंग से सवाल पूछते दिखे।

जया बच्चन ने ट्रेड डील पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आप मखाना भेजिए, हमें पॉपकॉर्न खाना पड़ेगा।” बजट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि “बजट में 3.1 करोड़ बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर कितना आवंटन किया गया है।

राज्यसभा के इस हल्के-फुल्के और मित्रवत माहौल ने दर्शकों को सोशल मीडिया पर भी आकर्षित किया, जहां लोग इस संसदीय हास्य और सौहार्द की सराहना कर रहे हैं।

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