Thursday, February 12

राहुल गांधी ने बजट बहस में किया मार्शल आर्ट का जिक्र, लोकसभा में भाषण को लेकर मचा हंगामा

नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। अपने संबोधन की शुरुआत राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट के उदाहरण से करते हुए की, जिस पर सदन में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।

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राहुल गांधी ने कहा कि आज पूरी दुनिया में पुराने सिस्टम को चुनौती दी जा रही है और दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने इसे “खतरनाक युग” बताते हुए कहा कि मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर अब स्थिर नहीं रहा, बल्कि तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

इकोनॉमिक सर्वे की राहुल गांधी ने की तारीफ

राहुल गांधी ने अपने भाषण में इकोनॉमिक सर्वे का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें उसमें दो बेहद ठोस और गहरी बातें मिलीं, जो उन्हें पसंद आईं।

उन्होंने कहा कि पहली बात यह है कि दुनिया में जियोपॉलिटिकल टकराव लगातार बढ़ रहे हैं। अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस और अन्य वैश्विक ताकतें चुनौती दे रही हैं।

दूसरी बात उन्होंने यह बताई कि दुनिया अब एनर्जी और फाइनेंशियल हथियारों के युग में पहुंच चुकी है। राहुल गांधी के अनुसार अब वैश्विक व्यवस्था स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया की ओर बढ़ रही है।

‘युद्ध का दौर खत्म नहीं हुआ, बढ़ रहा है’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कहा गया था कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है, लेकिन हकीकत यह है कि दुनिया अब युद्ध के दौर में जा रही है।

उन्होंने यूक्रेन, गाजा, मिडिल ईस्ट और ईरान में संभावित संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं और युद्ध का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

डॉलर को चुनौती और बदलती विश्व व्यवस्था

राहुल गांधी ने कहा कि आज की वैश्विक राजनीति में सबसे बड़ा खेल यह है कि डॉलर को चुनौती दी जा रही है और अमेरिका का प्रभुत्व कमजोर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया अब एक सुपरपावर आधारित व्यवस्था से आगे बढ़कर किसी नई व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसका अनुमान लगाना भी आसान नहीं है।

अमेरिका को चाहिए भारत का डेटा: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अपने भाषण में देश की जनसंख्या को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भारत के 1.4 अरब लोग बेहद प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और गतिशील हैं, जो दुनिया में किसी को भी चुनौती दे सकते हैं।

उन्होंने इंजीनियरों और आईटी सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले समय में बड़ी संख्या में नौकरियों को प्रभावित कर सकता है।

राहुल गांधी ने कहा कि AI के लिए पेट्रोल डेटा है, ठीक वैसे ही जैसे इंटरनल कंबशन इंजन के लिए पेट्रोल जरूरी होता है।

उन्होंने दावा किया कि आज के दौर में डेटा सबसे महत्वपूर्ण संसाधन बन चुका है और अमेरिका को भारत से सबसे ज्यादा जरूरत डेटा की ही है।

भाषण के बाद बढ़ी सियासी गर्मी

राहुल गांधी के इस भाषण के बाद संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। बजट बहस के दौरान उनके बयान और उदाहरणों पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।

संसद में राहुल गांधी के भाषण को लेकर चर्चा जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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