
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत देशी कंपनियां अब रक्षा क्षेत्र में भी अपने कदम बढ़ा रही हैं। तमिलनाडु की कंपनी अग्निवस्त्रा प्राइवेट लिमिटेड (Agneevasthraa Pvt Ltd) ने भारतीय सेना के साथ एडवांस कार्बन फैब्रिक और हाई-परफॉरमेंस कंपोजिट मैटेरियल की सप्लाई के लिए रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमओयू की अहमियत
इस समझौते के तहत कंपनी भारतीय सेना के लिए विशेष रूप से डिजाइन और मैन्यूफैक्चर किए गए एडवांस कार्बन और एलाइड मैटेरियल उपलब्ध कराएगी। ये सामग्री विशेष रूप से उच्च-स्तरीय रक्षा अनुप्रयोगों (High-Stake Defence Applications) के लिए इंजीनियर की जाएगी।
अग्निवस्त्रा का अनुभव
2008 में स्थापित अग्निवस्त्रा ने 2012 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में कार्बन फैब्रिक सप्लायर के रूप में अर्हता प्राप्त की। कार्बन फैब्रिक का उपयोग रॉकेट कंपोनेंट, मिसाइल, स्पेस शटल और सैटेलाइट निर्माण में किया जाता है। कंपनी ने भारत के प्रमुख स्पेस प्रोजेक्ट जैसे PSLV, GSLV और LVMK3 के लिए कार्बन फैब्रिक सप्लाई की है। इसके अलावा, यह कंपनी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की भी सप्लायर है।
विदेशी मुद्रा की बचत
सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को इसलिए प्रोत्साहित करती है क्योंकि देश में बनी वस्तुएं विदेशी उत्पादों के मुकाबले सस्ती होती हैं। साथ ही, इन्हें भारत में बनाने से विदेशी मुद्रा के बहिर्वाह पर रोक लगती है।
विशेष टिप्पणी: यह कदम भारतीय रक्षा और स्पेस उद्योग की आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा और विदेशी निर्भरता को कम करने में मददगार साबित होगा।
