Monday, March 30

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Mutual Funds में निवेशक कर रहे बदलाव: फ्लेक्सीकैप और मिडकैप फंड बने पसंदीदा विकल्प
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Mutual Funds में निवेशक कर रहे बदलाव: फ्लेक्सीकैप और मिडकैप फंड बने पसंदीदा विकल्प

मुंबई: बीते कई महीनों से इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश गिर रहा है और निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) लाने की रणनीति अपना रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश सितंबर के मुकाबले 19% घटकर घटा। फ्लेक्सीकैप और मिडकैप में बढ़ी दिलचस्पी निवेशक अब फ्लेक्सीकैप और मिडकैप फंडों की ओर बढ़ रहे हैं। सितंबर में फ्लेक्सीकैप म्यूचुअल फंड में 7,029 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जो अक्टूबर में बढ़कर 8,929 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, मिडकैप फंड में निवेश 3,807 करोड़ रुपये रहा। इसके विपरीत, लार्जकैप और स्मॉलकैप फंडों में निवेशक कम रुचि दिखा रहे हैं। मिडकैप फंड्स का प्रदर्शन पिछले तीन वर्षों में मिडकैप फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया है। उदाहरण के लिए: निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड – 25.13%...
Success Story: छुट्टी पर गए थे त्रिपुरा, लौटे तो 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार साथ लेकर
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Success Story: छुट्टी पर गए थे त्रिपुरा, लौटे तो 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार साथ लेकर

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के कोल्हापुर के मैकेनिकल इंजीनियर अद्वैत कुलकर्णी की जिंदगी की दिशा एक हॉलीडे ट्रिप ने हमेशा के लिए बदल दी। 2017 में त्रिपुरा के अनानास बागानों की हरियाली देखकर अद्वैत को फूड प्रोसेसिंग बिजनेस का आइडिया आया। इसके बाद उन्होंने लगातार 2017 से 2020 तक त्रिपुरा के कई गांवों का दौरा किया और वहां की अनानास की खेती और उत्पादन क्षमता का गहन अध्ययन किया। हॉलीडे ट्रिप से बिजनेस आइडिया तक त्रिपुरा के अनानास सस्ते, रसीले और बड़े पैमाने पर उपलब्ध थे, लेकिन परिवहन और प्रोसेसिंग की कमी के कारण किसानों के उत्पाद की बर्बादी हो रही थी। 'क्वीन अनानास' किस्म को 2015 में GI टैग मिल चुका था। अपने पिता और एक जानकार मित्र से मार्गदर्शन लेकर अद्वैत ने 2021 में कुमारघाट में बंद पड़ी यूनिट को पुनर्जीवित किया और ‘ननसेई फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स प्रोडक्ट्स इंडस्ट्री’ की स्थापना की। किसानों ...
इंफोसिस का इतिहास का सबसे बड़ा शेयर बायबैक कल से, जानिए हर जरूरी जानकारी
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इंफोसिस का इतिहास का सबसे बड़ा शेयर बायबैक कल से, जानिए हर जरूरी जानकारी

बेंगलुरु: सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) अपने शेयरधारकों को बड़ा मौका दे रही है। कंपनी ने 18,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक की घोषणा की है, जो इंफोसिस का इतिहास का सबसे बड़ा और पांचवां बायबैक ऑफर है। बायबैक कब शुरू होगा और कैसे होगा इस बायबैक की प्रक्रिया गुरुवार, 20 नवंबर 2025 से शुरू होगी और बुधवार, 26 नवंबर 2025 तक चलेगी। कंपनी अपने शेयर 1,800 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी। यह ऑफर उन शेयरधारकों के लिए है जिनके पास 14 नवंबर 2025 की रिकॉर्ड डेट तक शेयर थे। बायबैक टेंडर ऑफर के माध्यम से, यानी सीधे शेयरधारकों से, तय अनुपात में किया जाएगा। बायबैक में भाग लेने की प्रक्रिया टेंडर फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख: 26 नवंबर शाम 5 बजे तक। शेयर का कोटा: छोटे शेयरधारक: हर 11 शेयर पर 2 शेयर बायबैक के लिए टेंडर कर सकते हैं। जनरल कैटेगरी शेयरधारक: ...
कम बोली के बावजूद अडानी ने मारी बाज़ी, वेदांता के अनिल अग्रवाल रह गए पीछे
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कम बोली के बावजूद अडानी ने मारी बाज़ी, वेदांता के अनिल अग्रवाल रह गए पीछे

नई दिल्ली: दिवालिया हो चुकी दिग्गज इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) अब अडानी ग्रुप की झोली में गिर सकती है। कंपनी के क्रेडिटर्स ने सर्वसम्मति से अडानी एंटरप्राइजेज के ऑफर को मंजूरी दे दी है। इस प्रक्रिया में अनिल अग्रवाल की वेदांता भी प्रतिस्पर्धा में थी और उन्होंने अडानी से बड़ी बोली लगाई थी, लेकिन क्रेडिटर्स ने बेहतर प्रीपेमेंट टर्म्स और अधिक अंक मिलने के कारण अडानी का प्रस्ताव चुना। बोली और स्कोरिंग का विवरण सूत्रों के अनुसार, वेदांता ने सितंबर में हुई ई-नीलामी में ₹17,000 करोड़ की बोली लगाई थी। अडानी एंटरप्राइजेज की बोली वेदांता से लगभग ₹500 करोड़ कम थी, लेकिन अग्रिम भुगतान और बेहतर शर्तों के कारण उन्हें क्रेडिटर्स का समर्थन मिला। क्रेडिटर्स ने मंगलवार रात 9 बजे वोटिंग समाप्त की और अडानी को सबसे अधिक अंक दिए गए। क्रेडिटर्स का निर्णय और कानूनी संभावनाएँ नेशनल ...
रूस से कच्चे तेल की लोडिंग में भारी गिरावट, आधे टैंकर बिना मंजिल के घूम रहे
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रूस से कच्चे तेल की लोडिंग में भारी गिरावट, आधे टैंकर बिना मंजिल के घूम रहे

नई दिल्ली: रूस, जो भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर है, इस महीने भारत को तेल की आपूर्ति में भारी गिरावट देखी गई है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों, रोसनेफ्ट और लुकोइल पर पाबंदी लगी है। इससे भारतीय रिफाइनरी कंपनियां, खासकर एयर इंडिया, रूस से तेल खरीदने में सावधानी बरत रही हैं। चीन और तुर्की ने भी इसी अवधि में रूस से तेल की खरीद घटा दी है। गिरावट के आंकड़े डेटा एनालिटिक्स कंपनी Kpler के अनुसार, 1 से 17 नवंबर के बीच भारत आने वाले रूसी तेल की औसत लोडिंग 672,000 बैरल प्रतिदिन रही, जो अक्टूबर के 1.88 मिलियन बैरल की तुलना में लगभग दो-तिहाई कम है। रूस की कुल तेल लोडिंग भी नवंबर में 28% घटकर 2.78 मिलियन बैरल रह गई। बिना मंजिल के टैंकर विशेषज्ञों के अनुसार, रूस से लोड किए गए लगभग आधे टैंकर अभी बिना किसी तय मंजिल के समुद्र में घूम रहे हैं। इसका अर्थ है कि निर्...
पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद, एयर इंडिया ने सरकार से मांगी शिनजियांग से उड़ान की अनुमति
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पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद, एयर इंडिया ने सरकार से मांगी शिनजियांग से उड़ान की अनुमति

नई दिल्ली: पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद कर रखा है, जिससे भारतीय एयरलाइन कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। खासतौर पर एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबा रूट लेने के कारण समय और ईंधन की लागत में वृद्धि हुई है। कई उड़ानों का समय तीन घंटे तक बढ़ गया है। टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया अब भारत सरकार से चीन के शिनजियांग इलाके के ऊपर से उड़ान भरने की अनुमति मांग रही है। कंपनी के दस्तावेज़ के अनुसार, इससे उड़ानों का समय कम होगा और अमेरिका, कनाडा और यूरोप की यात्रा सुगम बनेगी। एयर इंडिया ने चीन से शिनजियांग के होटन, काशगर और उरुमकी हवाई अड्डों पर आपातकालीन लैंडिंग की सुविधा भी देने की मांग की है। बढ़ती लागत और नुकसान पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से एयर इंडिया की फ्यूल लागत 29% तक बढ़ गई है। लंबे रूट और समय वृद्धि के कारण कंपनी को सालाना लगभग 455 मि...
डीमर्जर के बाद टाटा मोटर्स पर सेंसेक्स से बाहर होने का खतरा, इंडिगो को मिल सकती है जगह
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डीमर्जर के बाद टाटा मोटर्स पर सेंसेक्स से बाहर होने का खतरा, इंडिगो को मिल सकती है जगह

नई दिल्ली: टाटा मोटर्स पर एक बार फिर सेंसेक्स से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में कंपनी का डीमर्जर हुआ है, जिसमें कमर्शियल और पैसेंजर वाहनों का बिजनेस अलग हो गया। इस कारण कंपनी का मार्केट कैप दो हिस्सों में बंट गया है – कमर्शियल वाहन डिवीजन का 1.19 लाख करोड़ रुपये और पैसेंजर वाहन यूनिट का 1.37 लाख करोड़ रुपये। टाटा मोटर्स सेंसेक्स के 30 मूल घटकों में शामिल है, लेकिन कंपनी पहले भी इस इंडेक्स से बाहर हो चुकी है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले महीने टाटा मोटर्स को सेंसेक्स से बाहर होना पड़ सकता है, जबकि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को इंडेक्स में जगह मिल सकती है। इंडिगो का मार्केट कैप इस समय 2.27 लाख करोड़ रुपये है। दिसंबर रिव्यू की घोषणा अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है। सेंसेक्स का संक्षिप्त इतिहास सेंसेक्स 1 जनवरी 19...
बिटकॉइन गिरा 90,000 डॉलर से नीचे, निवेशकों में बढ़ा तनाव
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बिटकॉइन गिरा 90,000 डॉलर से नीचे, निवेशकों में बढ़ा तनाव

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को यह सात महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गई और पहली बार 90,000 डॉलर से नीचे कारोबार करने लगी। अक्टूबर में बिटकॉइन की कीमत 126,000 डॉलर के पार थी, लेकिन उसके बाद लगभग 30% की गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजार में मंगलवार को बिटकॉइन 2% गिरकर 89,953 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता और शेयर बाजारों में नरमी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों को दबा रही है। ईथर पर भी दबाव दुनिया की दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ईथर भी महीनों से दबाव में है। अगस्त में यह 4,955 डॉलर से ऊपर थी, लेकिन अब लगभग 40% की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को यह 2,997 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े निवेशकों द्वारा अपनी ...
ट्रेन की वेज बिरयानी में मरा कीड़ा, यात्री अस्पताल में भर्ती – IRCTC पर 25 हजार का जुर्माना
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ट्रेन की वेज बिरयानी में मरा कीड़ा, यात्री अस्पताल में भर्ती – IRCTC पर 25 हजार का जुर्माना

नई दिल्ली: चलती ट्रेन में पेंट्री कार का भोजन यात्रियों के लिए कभी-कभी परेशानी का कारण बन जाता है। ऐसा ही एक मामला नई दिल्ली से जसीडीह जा रहे यात्री सौरव राज के साथ हुआ। भूख लगने पर उन्होंने ट्रेन में वेज बिरयानी मंगाई, लेकिन खाने के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दुमका सदर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। मामला क्या है? 28 दिसंबर 2018 को सौरव राज पूर्वा एक्सप्रेस से नई दिल्ली से जसीडीह जा रहे थे। यात्रा के दौरान भूख लगने पर उन्होंने पेंट्री कार के वेटर से वेज बिरयानी खरीदी। बिरयानी की कीमत 80 रुपये वसूली गई। जैसे ही उन्होंने खाना शुरू किया, उन्होंने देखा कि बिरयानी में सफ़ेद रंग का लंबा सा कीड़ा (जोंक) मृत पड़ा था। कुछ कौर खाने के बाद उन्हें उबकाई, उल्टी और पेट दर्द होने लगा। तबियत बिगड़ने के बावजूद सौरव जसीडीह तक पहुंचे और सीधे अस्पताल गए। उन्हें तीन बोतल पानी, दवा और इंजेक...
1 लाख रुपये किलो! फ्रांस में मिलता है दुनिया का सबसे महंगा आलू, जानिए क्यों है इतना खास
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1 लाख रुपये किलो! फ्रांस में मिलता है दुनिया का सबसे महंगा आलू, जानिए क्यों है इतना खास

नई दिल्ली—भारत में जहाँ आलू 25 रुपये किलो तक आसानी से मिल जाता है, वहीं दुनिया के कुछ देशों में इसकी कीमत कई गुना अधिक है। आलू को ‘कंप्लीट फूड’ कहा जाता है और यह लगभग हर देश में लोकप्रिय है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे महंगा आलू फ्रांस में पाया जाता है, जिसकी कीमत 1 लाख रुपये प्रति किलो के करीब है? आसियाई देशों में आलू की कीमतें भारत में आलू सस्ता जरूर है, लेकिन एशिया के कई देशों में इसकी कीमत काफी अधिक है। दक्षिण कोरिया: लगभग 4.28 डॉलर (≈ 380 रुपये/किलो) जापान: 2.95 डॉलर ताइवान: 2.82 डॉलर हॉन्ग कॉन्ग: 2.61 डॉलर फिलीपींस: 2.46 डॉलर सिंगापुर: 2.28 डॉलर इंडोनेशिया: 1.51 डॉलर थाईलैंड: 1.49 डॉलर वियतनाम: 1.02 डॉलर चीन: 0.98 डॉलर मलेशिया: 0.91 डॉलर इन देशों में आलू के महंगे होने का कारण मौसम, उत्पादन लागत और आयात पर निर्भरता है। कौन स...