जापान की 30 साल की शून्य दर नीति टूटी, महंगाई 25 साल में सबसे ऊंची, भारत पर क्या असर?
नई दिल्ली/अमित शुक्ला। जापान ने 30 साल पुराना वित्तीय ट्रेंड तोड़ते हुए अपनी उधारी दर 2.8% तक बढ़ा दी है। इस अचानक बदलाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है और 'येन कैरी ट्रेड' पर बड़ा असर डाला है। निवेशक विदेशी निवेश बेचकर जापानी कर्ज चुकाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं, जिससे दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है।
येन कैरी ट्रेड का संकट
दशकों तक जापान की बेहद कम ब्याज दरें (लगभग 0%) दुनिया भर के निवेशकों के लिए सबसे सस्ती उधारी का जरिया रही हैं। बड़े संस्थान येन उधार लेकर अमेरिका, भारत और अन्य देशों के उच्च रिटर्न वाले बाजारों में निवेश करते थे। अब जब जापान की उधारी दर बढ़कर 2.8% हो गई है, यह ग्लोबल कैरी ट्रेड खत्म होने की ओर है। निवेशक अब अपने विदेशी निवेश बेचकर जापानी कर्ज चुकाने की कोशिश कर सकते हैं।
इन्वेस्टमेंट बैंकर सार्थक आहूजा ने चेतावनी दी है कि यदि यह दर 3% प...










