यूनुस की नई चाल: पद्मा नदी पर बांग्लादेश का बैराज, खतरे में भारत-बांग्लादेश की फरक्का जल संधि
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे के लिए 1996 में हुई फरक्का जल संधि इस साल समाप्त हो रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच रिश्तों में हालिया तनाव ने संधि के नवीनीकरण पर वार्ता को रोक दिया है। इसी बीच बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने पद्मा नदी पर नया बैराज बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
पद्मा बैराज प्रोजेक्ट का विवरणबांग्लादेश वाटर डेवलपमेंट बोर्ड (BWDB) लगभग 50,443 करोड़ टका की लागत से लंबे समय से अटके पद्मा बैराज प्रोजेक्ट को लागू करने की तैयारी कर रहा है। पद्मा नदी गंगा नदी का ही आगे का हिस्सा है, जो भारत से बांग्लादेश में बहती है। ढाका का यह कदम भारत-बांग्लादेश संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है।
फरक्का संधि पर संकटफरक्का जल संधि के तहत भारत और बांग्लादेश हर साल 1 जनवरी से 31 मई तक गंगा नदी के पानी का बंटवारा करते हैं। ब...










