Wednesday, February 11

World

वेनेजुएला की विपक्षी नेता ने ट्रंप को गिफ्ट किया नोबेल शांति पुरस्कार, राष्ट्रपति ने कहा—बड़ा सम्मान
World

वेनेजुएला की विपक्षी नेता ने ट्रंप को गिफ्ट किया नोबेल शांति पुरस्कार, राष्ट्रपति ने कहा—बड़ा सम्मान

वॉशिंगटन। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और उन्हें अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल भेंट किया। यह मुलाकात अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों और वेनेजुएला में राजनीतिक संकट के बीच हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस भेंट को “बड़ा सम्मान और आपसी सम्मान का प्रतीक” बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मारिया कोरिना मचाडो एक शानदार महिला हैं जिन्होंने बहुत कुछ सहा है और वेनेजुएला की आजादी के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “आज मुझसे मिलकर मुझे बहुत सम्मान महसूस हुआ। मारिया ने मेरे काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। धन्यवाद, मारिया!” ट्रंप के पास फिलहाल मेडल वॉइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने मेडल अपने पास रखने का फैसला किया है। मचाडो ने इसे वॉइट हाउस में ही छोड़ दिया था और वर्तमान में यह राष्ट्रपति के पास ह...
ईरान तनाव के बीच इजरायल में भूकंपीय झटके, न्यूक्लियर टेस्ट की आशंका
World

ईरान तनाव के बीच इजरायल में भूकंपीय झटके, न्यूक्लियर टेस्ट की आशंका

तेल अवीव। इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में गुरुवार सुबह अचानक जमीन हिलने लगी और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय समय अनुसार सुबह 9 बजे आए झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 मापी गई। झटके 100 किलोमीटर तक महसूस किए गए और उत्तर इजरायल के मध्य और यरुशलम के उत्तर के इलाकों में भी लोगों ने इन्हें महसूस किया। विशेषज्ञों का कहना है कि झटकों की यह तीव्रता और अवधि कम से मध्यम स्तर के परमाणु परीक्षण के बराबर मानी जा सकती है। इसी इलाके में इजरायल की डिमोना न्यूक्लियर फैसिलिटी स्थित है, जिसके पास भूकंप आने से यह सवाल उठ गया कि क्या यह झटके प्राकृतिक नहीं बल्कि न्यूक्लियर टेस्ट के परिणाम हो सकते हैं। संदर्भ में क्षेत्रीय तनाव इजरायल में आए इन झटकों के समय पर क्षेत्रीय तनाव उच्चतम स्तर पर है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा और हत्या करने का आरोप लगात...
सऊदी अरब और UAE में तनाव के बीच यमन के प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्राइक ने दिया इस्तीफा, विदेश मंत्री शाय्या मोहसिन जिंदानी बने नए PM
World

सऊदी अरब और UAE में तनाव के बीच यमन के प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्राइक ने दिया इस्तीफा, विदेश मंत्री शाय्या मोहसिन जिंदानी बने नए PM

सना। यमन में राजनीतिक उथल-पुथल फिर बढ़ गई है। गुरुवार को प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्राइक ने इस्तीफा दे दिया, जिसे सऊदी समर्थित प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने मंजूर कर लिया। उनके इस्तीफे के बाद विदेश मंत्री शाय्या मोहसिन जिंदानी को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया और उन्हें अगली सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा गया। सलेम बिन ब्राइक का इस्तीफा राजनीतिक और सुरक्षा तनाव के बीच आया है। PLC ने इसी दिन पूर्व रक्षा मंत्री अल-सुबैही और हद्रामौत के गवर्नर सलेम अल-खानबाशी को भी नियुक्त किया, जिन्होंने सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) से संबंधों के चलते बर्खास्त किए गए सदस्यों की जगह ली। यमन में हिंसा और संघर्ष का दशक यमन 2014 से संघर्ष में फंसा हुआ है, जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी इलाकों पर कब्जा किया। अदन समेत बाकी हिस्सों पर सऊदी समर्थित PLC का नियंत्रण है। सऊदी अर...
ब्रिटेन–रूस तनाव बढ़ा: मॉस्को ने वरिष्ठ ब्रिटिश राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया
World

ब्रिटेन–रूस तनाव बढ़ा: मॉस्को ने वरिष्ठ ब्रिटिश राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया

मॉस्को। रूस और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक तनाव फिर बढ़ गया है। रूस ने मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास के एक वरिष्ठ राजनयिक को जासूसी के आरोप में देश छोड़ने का आदेश दिया है। रूसी खुफिया एजेंसी एफएसबी का दावा है कि अधिकारी का संबंध ब्रिटिश गुप्त सेवाओं से है। रूस ने स्पष्ट किया कि वह अपनी धरती पर विदेशी खुफिया गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। दो सप्ताह में देश छोड़ने का आदेश रूस के विदेश मंत्रालय ने ब्रिटिश दूतावास की प्रभारी डेने ढोलकिया को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और संदिग्ध राजनयिक को दो हफ्ते के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया। मंत्रालय के बयान में कहा गया, “मॉस्को रूसी धरती पर ब्रिटिश विशेष सेवाओं के अघोषित एजेंटों की गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।” राष्ट्रीय सुरक्षा पर सख्त रुख बयान में यह भी कहा गया कि रूस राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में “कतई बर्दाश्त नहीं” की नीति अपना...
ईरान को एक और मौका मिले… सऊदी अरब, कतर और ओमान की अमेरिका से अपील, क्या ट्रंप मानेंगे?
World

ईरान को एक और मौका मिले… सऊदी अरब, कतर और ओमान की अमेरिका से अपील, क्या ट्रंप मानेंगे?

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए खाड़ी देशों ने आख़िरी कोशिशें तेज कर दी हैं। सऊदी अरब, कतर और ओमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वे ईरान पर संभावित सैन्य हमले से फिलहाल पीछे हटें और कूटनीति को एक और मौका दें। इन देशों को आशंका है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो पूरा मध्य पूर्व अस्थिर हो सकता है और क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। खाड़ी देशों की ‘आख़िरी समय की कूटनीति’ एक वरिष्ठ सऊदी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तीनों देशों ने राष्ट्रपति ट्रंप को समझाने के लिए लंबी और जोरदार राजनयिक पहल की है। उनका कहना है कि ईरान को “अच्छे इरादे दिखाने” का एक मौका दिया जाना चाहिए। अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा सकारात्मक माहौल और आपसी भरोसे को मजबूत करने के लिए बातचीत अभी भी जारी है। हमले से पूरे क्षेत्र में उथल-पुथल का ...
अमेरिकी सैनिक कतर लौटे, ईरान ने खोला एयरस्पेस, क्या ट्रंप ने हमले के इरादे छोड़े?
World

अमेरिकी सैनिक कतर लौटे, ईरान ने खोला एयरस्पेस, क्या ट्रंप ने हमले के इरादे छोड़े?

तेहरान/दोहा। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव में कमी के संकेत मिलने लगे हैं। अमेरिकी सैनिकों ने कतर के अल उदीद एयरबेस से हटने के दो दिन बाद वापस बेस पर लौटना शुरू कर दिया है। अमेरिकी सैन्य विमान लगातार अल उदीद में उतर रहे हैं और सुरक्षा चेतावनी का स्तर भी कम कर दिया गया है। पहले यह एयरबेस ईरान के संभावित हमले के खतरे के चलते हाई अलर्ट पर रखा गया था। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से यह संकेत मिलता है कि फिलहाल वॉशिंगटन की ईरान पर सीधी सैन्य कार्रवाई की योजना नहीं है। अमेरिका ने बुधवार को जिन सैनिकों को बेस छोड़ने की सलाह दी थी, उन्हें वापस लौटने की अनुमति दे दी है। ईरान ने भी एयरस्पेस खोला ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को करीब पाँच घंटे बंद करने के बाद रात 10 बजे फिर से खोल दिया। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और ईरानी एयरलाइंस की सेवाओं को पुनः संचालन की अनुमति मिली। इससे पहले एयरस्प...
अमेरिका–ईरान युद्ध की आहट? जानिए ट्रंप की चेतावनियों के बीच ईरान पर किन घातक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है अमेरिका
World

अमेरिका–ईरान युद्ध की आहट? जानिए ट्रंप की चेतावनियों के बीच ईरान पर किन घातक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है अमेरिका

वॉशिंगटन। ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों और उन पर हो रही कथित हिंसक कार्रवाई को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार तेहरान को चेतावनी दे रहे हैं कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमन जारी रहा तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप से पीछे नहीं हटेगा। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि यदि हालात युद्ध की ओर बढ़ते हैं, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ किन घातक हथियारों और सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल कर सकता है। मध्य पूर्व में अमेरिका की रणनीतिक मौजूदगी ईरान के आसपास अमेरिका की सैन्य मौजूदगी सीमित जरूर है, लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत मानी जाती है। अमेरिका के पास मध्य पूर्व में कुल 19 सैन्य ठिकाने हैं। बहरीन, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, इराक और मिस्र में स्थित ये ठिकाने ईरान पर नजर रखने और त्वरित कार्रव...
USS अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट की ओर: अमेरिका का परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर कितना शक्तिशाली, INS विक्रांत से कैसे तुलना करता है?
World

USS अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट की ओर: अमेरिका का परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर कितना शक्तिशाली, INS विक्रांत से कैसे तुलना करता है?

    तेल अवीव/वॉशिंगटन: अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा संचालित एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य क्षेत्र में तैनाती और संभावित तनाव प्रबंधन है, हालांकि किसी सीधे हमले की पुष्टि नहीं हुई है। यह एयरक्राफ्ट कैरियर हाल ही में दक्षिण चीन सागर में फायर ड्रिल के दौरान देखा गया था और अब इसे ईरान और आसपास के पानी में पहुँचने में कम से कम एक हफ्ता लगेगा।   दुनिया का चलता-फिरता किला: USS अब्राहम लिंकन, निमित्ज क्लास का हिस्सा, अमेरिका के सबसे ताकतवर और विनाशक एयरक्राफ्ट कैरियर्स में से एक है। इसका एयर विंग F/A-18 सुपर हॉर्नेट, F-35 स्टील्थ फाइटर, EA-18G ग्राउलर, E-2D हॉकआई और MH-60 सीहॉक हेलीकॉप्टर से लैस है। यह जहाज जमीन, समुद्र और आकाश में हर तरह की युद्ध क्षमता रखता है। इसका विस्थापन 1 लाख टन से अधिक...
अफ्रीका में चीन-तुर्की के प्रभुत्व को चुनौती दे सकता है भारत, इजरायल ने मांगा दिल्ली का सहयोग
World

अफ्रीका में चीन-तुर्की के प्रभुत्व को चुनौती दे सकता है भारत, इजरायल ने मांगा दिल्ली का सहयोग

  तेल अवीव / नई दिल्ली: हॉर्न ऑफ अफ्रीका में सोमालीलैंड को हाल ही में इजरायल ने मान्यता दी है। इसे तेल अवीव का एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इजरायल के एक्सपर्ट का मानना है कि इस क्षेत्र में चीन और तुर्की के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करने में भारत की भूमिका निर्णायक हो सकती है।   डॉ. लॉरेन डागन एमोस, जो बेगिन-सादत सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (BESA) में फेलो और बार-इलान यूनिवर्सिटी में लेक्चरर हैं, ने जेरूशलम पोस्ट में अपने ओपिनियन लेख में कहा कि भारत की मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और इजरायल की उन्नत साइबर व सुरक्षा तकनीक का संयोजन इस क्षेत्र में रणनीतिक बदलाव ला सकता है।   उन्होंने लिखा है कि सोमालीलैंड एक “अनौपचारिक प्रयोगशाला” के रूप में उभर रहा है, जो समुद्री शासन और सुरक्षा व्यवस्था के नए मॉडल को परखने का मौका देता है। इस साझेदारी के माध्यम से भारत और इजरायल चीन...
175 अरब डॉलर के ‘गोल्डन डोम’ के लिए ग्रीनलैंड जरूरी  ट्रंप का खुलासा: रूसी मिसाइलों से अमेरिका को बचाने की तैयारी
World

175 अरब डॉलर के ‘गोल्डन डोम’ के लिए ग्रीनलैंड जरूरी ट्रंप का खुलासा: रूसी मिसाइलों से अमेरिका को बचाने की तैयारी

  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने आक्रामक रुख के पीछे की असली वजह पहली बार सार्वजनिक रूप से साफ कर दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ के लिए ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण बेहद जरूरी है। यह गोल्डन डोम परियोजना करीब 175 अरब डॉलर की बताई जा रही है।   ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह उस गोल्डन डोम के लिए जरूरी है, जिसे हम बना रहे हैं।”   ग्रीनलैंड से कम कुछ भी मंजूर नहीं   राष्ट्रपति ट्रंप ने यहां तक कहा कि ग्रीनलैंड से कम कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है। उनका दावा है कि अगर ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण होता है तो नाटो पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और प्रभावी बन जाएगा। उन्होंने यह संक...