Wednesday, February 11

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ट्रंप ने गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का किया ऐलान, अजय बंगा समेत इन दिग्गजों को मिली अहम जिम्मेदारी
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ट्रंप ने गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का किया ऐलान, अजय बंगा समेत इन दिग्गजों को मिली अहम जिम्मेदारी

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' के गठन की घोषणा कर दी है। इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा में स्थिरता और लंबे समय तक शांति स्थापित करना है। बोर्ड के संस्थापक कार्यकारी सदस्यों में भारतीय अमेरिकी अजय बंगा को भी शामिल किया गया है। संस्थापक सदस्यों में दिग्गज शामिल राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को बोर्ड में शामिल किया है। इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के दामाद और मध्य पूर्व के विशेष दूत जेरेड कुशनर, और ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी संस्थापक कार्यकारी सदस्य होंगे। भारतीय अमेरिकी अजय बंगा, जो विश्व बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं, बोर्ड के संस्थापक कार्यकारी सदस्य बनाए गए हैं। इसके अलावा प्राइवेट इक्विटी फर्म अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन और अमेरिका के डेप्युटी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर रॉबर्...
मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका में संभावित अमेरिकी सैन्य गतिविधियों की चेतावनी, ट्रंप ने दिए संकेत
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मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका में संभावित अमेरिकी सैन्य गतिविधियों की चेतावनी, ट्रंप ने दिए संकेत

वॉशिंगटन: अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने शुक्रवार को मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका के एयरस्पेस को लेकर चेतावनी जारी की है। FAA ने नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) जारी करते हुए एयरलाइंस को संभावित खतरनाक स्थिति और सैन्य गतिविधियों के लिए सतर्क रहने को कहा है। यह चेतावनी सेंट्रल अमेरिका के कई देशों, इक्वाडोर, कोलंबिया और पूर्वी प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों को कवर करती है। FAA ने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में GPS सिग्नल में दखल की संभावना हो सकती है। FAA की यह एडवाइजरी शुक्रवार से प्रभावी होकर अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी। यह कदम बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और दक्षिणी कैरीबियन में अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच आया है। अमेरिकी सेना ने हाल ही में वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने का प्रयास किया था। इसके बाद अब मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका के लिए संभावित...
अमेज़न की दुर्लभ जनजाति का पहला ‘जिंदा’ वीडियो आया सामने, हथियार नीचे रखते ही दौड़े फलों की नाव की ओर
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अमेज़न की दुर्लभ जनजाति का पहला ‘जिंदा’ वीडियो आया सामने, हथियार नीचे रखते ही दौड़े फलों की नाव की ओर

ब्रासीलिया: दक्षिण अमेरिका के अमेज़न वर्षावन में रहने वाली एक दुर्लभ जनजाति का अब तक का सबसे अद्वितीय वीडियो सामने आया है। बाहरी दुनिया से कटे रहने वाले इन आदिवासियों का यह फुटेज पहली बार कैमरे में कैद किया गया है, जिसमें वे अपने पारंपरिक हथियारों को नीचे रखकर भोजन की नाव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। लेखक और पर्यावरण कार्यकर्ता पॉल रोसोली ने पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के शो में यह फुटेज साझा किया। रोसोली ने बताया कि उन्होंने अमेज़न में दो दशक बिताए और इस दौरान ऐसे कई दुर्लभ पल देखे, लेकिन यह अनुभव उनके जीवन का सबसे गहरा रहा। वीडियो में देखा जा सकता है कि जनजाति के सदस्य पहले सतर्क रहते हैं और हथियारों के साथ ग्रुप बनाकर पानी के किनारे खड़े होते हैं। उनके रुख से यह साफ था कि वे किसी भी संभावित हमले के लिए तैयार हैं। रोसोली ने कहा, “शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि कोई भी पल हिंसा हो सकती है। हर दिशा...
ग्रीनलैंड पर हमले की सोचना भी मत, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ट्रंप को दी खुली चेतावनी, नाटो के साथ तैनात की सेना
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ग्रीनलैंड पर हमले की सोचना भी मत, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ट्रंप को दी खुली चेतावनी, नाटो के साथ तैनात की सेना

पेरिस/वॉशिंगटन: फ्रांस ने अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्जे के विचार का कड़ा विरोध किया है। फ्रांसीसी सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड में कोई सैन्य कार्रवाई करना “हद पार करना” होगा और इससे पूरी तरह से नई दुनिया का निर्माण हो सकता है। फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि ग्रीनलैंड एक संप्रभु देश का हिस्सा है और यूरोपीय संघ (EU) में आता है, इसलिए इसके साथ कोई छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी हमले की कोशिश से अमेरिका और EU के बीच आर्थिक संबंधों को गंभीर खतरा होगा। फ्रांस का सख्त रुख फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट किया है कि फ्रांस और यूरोपीय देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके चलते फ्रांस ने नाटो के सहयोगी देशों—डेनमार्क, जर्मनी, स...
भारत दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेड डील करने के करीब, ट्रंप की नीतियों से दोनों पक्षों को फायदा
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भारत दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेड डील करने के करीब, ट्रंप की नीतियों से दोनों पक्षों को फायदा

ब्रसेल्स/नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) दुनिया की सबसे बड़ी व्यापारिक समझौता डील पर पहुंचने के बेहद करीब हैं। भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि 24 में से 20 चैप्टर पर दोनों पक्षों ने सहमति बना ली है और लक्ष्य इस महीने के अंत तक डील को फाइनल करना है, ताकि EU नेताओं की भारत यात्रा से पहले इसे पूरा किया जा सके। इस समझौते की औपचारिक घोषणा भारत में होने वाले 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान होगी। इसमें यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। डील क्यों है ग्लोबल गेमचेंजर? विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत की 1.4 अरब आबादी को EU की 450 मिलियन आबादी से जोड़ देगा। दोनों मिलाकर यह दुनिया की कुल आबादी का 25 प्रतिशत हिस्सा बनाता है। इसके अलावा, यह डील दुन...
पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड कसूरी ने भारत को दी समुद्र में चुनौती, कहा- 2026 में पाकिस्तान बनेगा “समुद्रों का शहजादा”
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पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड कसूरी ने भारत को दी समुद्र में चुनौती, कहा- 2026 में पाकिस्तान बनेगा “समुद्रों का शहजादा”

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी (जिसे साजिद सैफुल्लाह जट्ट या खालिद के नाम से भी जाना जाता है) ने भारत के खिलाफ फिर से खुला बयान दिया है। कसूरी ने कहा कि “2025 में हमने आसमान पर राज किया, 2026 में हम समुद्र पर भी राज करेंगे।” सैफुल्लाह कसूरी लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी है और मई 2025 में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी शामिल थे। इसके बावजूद कसूरी अपने आतंकियों को यह कहानी सुना रहा है कि पाकिस्तान ने आकाश में प्रभुत्व स्थापित किया। अब वह समुद्र का जिक्र कर रहा है, जिसका मतलब है कि वह भारतीय नौसेना से टकराने की धमकी दे रहा है। कसूरी के बयानों में पाकिस्तान सेना का हाथ विशेषज्ञों के अनुसार, सैफुल्लाह कसूरी जैसे आत...
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को बड़ा झटका, मार्शल लॉ लगाने पर 5 साल जेल की सजा
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दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को बड़ा झटका, मार्शल लॉ लगाने पर 5 साल जेल की सजा

सोल: दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को मार्शल लॉ लागू करने के मामले में 5 साल कैद की सजा सुनाई। यह फैसला उन आठ आपराधिक मामलों में पहला निर्णय है, जिनमें यून के खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। यून सुक योल पर आरोप है कि दिसंबर 2024 में उन्होंने देश में संक्षिप्त समय के लिए मार्शल लॉ लागू किया, जिससे व्यापक विरोध और उनके इस्तीफे की मांग शुरू हो गई। इसके बाद उन पर महाभियोग लगाया गया और उन्हें गिरफ्तार कर राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया। अदालत ने यह भी माना कि उनके द्वारा मार्शल लॉ लागू करना देश में विद्रोह के समान है। सजा का आधार और आरोप सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने यून सुक योल को हिरासत में लेने के प्रयासों की अवहेलना, मार्शल लॉ की घोषणा गढ़ने, और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक को दरकिनार करने के आरोपों में दोषी ठहराया। न्यायाधीश बेक डे-ह्यून न...
भारत को कभी नहीं दी जाती थी सबमशीनगन, अब 8 अरब डॉलर की AIP सबमरीन डील: बनेगा अगला रूस?
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भारत को कभी नहीं दी जाती थी सबमशीनगन, अब 8 अरब डॉलर की AIP सबमरीन डील: बनेगा अगला रूस?

बर्लिन/नई दिल्ली: भारत और जर्मनी के बीच रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की दो दिवसीय भारत यात्रा के बाद जल्द ही भारत और जर्मनी के बीच 8 अरब डॉलर की AIP (एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन) से लैस सबमरीन डील हो सकती है। यह डील भारत के समुद्री सामरिक बल को मजबूत करने के साथ-साथ नौसेना में लंबी अवधि तक पानी में रहने वाली उच्च तकनीक वाली पनडुब्बियों की क्षमताओं में वृद्धि करेगी। विश्लेषकों के अनुसार, इससे भारत हिंद महासागर में अपनी ताकत बढ़ा सकता है और रणनीतिक स्वतंत्रता सुनिश्चित कर सकता है। भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों का नया दौर जर्मनी में सत्ता में आने के बाद यह मर्ज का पहला एशिया दौरा था। इस अवसर पर दोनों देशों ने सैन्य और औद्योगिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। अब भारत और जर्मनी मिलकर हथियार विकसित करेंगे, तकनीक का स्थानांतरण करेंगे और उनका संयुक्त उत्प...
दुनिया में 39 करोड़ ईसाइयों से हिंसा, सबसे खतरनाक 15 देशों में भारत भी शामिल: वेटिकन का बड़ा दावा
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दुनिया में 39 करोड़ ईसाइयों से हिंसा, सबसे खतरनाक 15 देशों में भारत भी शामिल: वेटिकन का बड़ा दावा

वेटिकन सिटी: दुनियाभर में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न में खतरनाक बढ़ोतरी देखी गई है। गैर-लाभकारी संगठन ओपन डोर्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में 38.8 करोड़ (लगभग 39 करोड़) ईसाइयों को विभिन्न प्रकार के अत्याचार और हिंसा का सामना करना पड़ा। यह संख्या 2024 के मुकाबले 80 लाख अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन 38.8 करोड़ पीड़ितों में 20.1 करोड़ महिलाएं और लड़कियां हैं, जबकि 11 करोड़ की उम्र 15 साल से कम यानी नाबालिग हैं। ओपन डोर्स ने बुधवार को अपनी वर्ल्ड वॉच लिस्ट 2026 प्रकाशित की, जिसमें दुनिया के उन 15 देशों को चिन्हित किया गया है, जहां ईसाइयों के साथ अत्याचार का स्तर सबसे अधिक है। सबसे खतरनाक देशों की सूची: उत्तर कोरिया में ईसाई होना सबसे खतरनाक माना गया है। इसके अलावा अत्याचार के उच्च स्तर वाले देशों में सोमालिया, इरिट्रिया, लीबिया, अफगानिस्तान, यमन, सूडान, माली, नाइ...
दुनिया में 39 करोड़ ईसाइयों पर हिंसा, भारत भी शामिल, वेटिकन ने जताई चिंता
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दुनिया में 39 करोड़ ईसाइयों पर हिंसा, भारत भी शामिल, वेटिकन ने जताई चिंता

वेटिकन सिटी, 16 जनवरी 2026: दुनिया में ईसाइयों पर हो रही हिंसा में खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ओपन डोर्स द्वारा प्रकाशित वर्ल्ड वॉच लिस्ट 2026 के अनुसार, 2025 में 2024 की तुलना में 80 लाख ज्यादा ईसाइयों के साथ उत्पीड़न और हिंसा हुई। कुल मिलाकर 38.8 करोड़ (लगभग 39 करोड़) ईसाइयों ने अलग-अलग प्रकार के अत्याचार झेले। रिपोर्ट के मुताबिक, इन पीड़ितों में 20.1 करोड़ महिलाएं और लड़कियां हैं, जबकि 11 करोड़ की उम्र 15 साल से कम है। सबसे खतरनाक देशों में भारत भी शामिल रिपोर्ट में 15 ऐसे देश चिन्हित किए गए हैं, जहां ईसाइयों पर अत्याचार का स्तर “बहुत ज्यादा” है। इनमें उत्तर कोरिया, सोमालिया, इरिट्रिया, लीबिया, अफगानिस्तान, यमन, सूडान, माली, नाइजीरिया, पाकिस्तान, ईरान, भारत, सऊदी अरब, म्यांमार और सीरिया शामिल हैं। भारत को इस सूची में 12वें स्थान पर रखा गया है और इसे 100 में से 84 अंक दिए गए हैं। रि...