Thursday, January 29

Su-57 फाइटर जेट को लेकर रूस का बड़ा दावा, भारत के साथ ज्वाइंट प्रोडक्शन पर उन्नत स्तर की बातचीत जारी

मॉस्को। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम संकेत सामने आया है। रूस ने दावा किया है कि पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट सुखोई Su-57E के भारत में संयुक्त उत्पादन (ज्वाइंट प्रोडक्शन) को लेकर दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर पर उन्नत चरण की बातचीत चल रही है। यह बयान रूस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वादिम बदेखा ने दिया है।

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हालांकि, भारत सरकार या भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। Su-57 रूस का अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो स्टील्थ तकनीक, उन्नत सेंसर और आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है। रूस लंबे समय से इस विमान को भारत को पेश करता आ रहा है।

एसयू-30 की असेंबली लाइन पर बन सकता है Su-57

हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर आयोजित विंग्स इंडिया एयर शो से इतर रूसी पत्रकारों से बातचीत में वादिम बदेखा ने कहा कि दोनों देश इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि भारत में पहले से मौजूद Su-30MKI विमानों के उत्पादन ढांचे का उपयोग करते हुए Su-57 का लाइसेंस प्राप्त उत्पादन कैसे किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस संभावित समझौते में भारतीय उद्योग और स्वदेशी प्रणालियों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।

बदेखा के अनुसार,
“हम इस अनुबंध को लेकर तकनीकी बातचीत के उन्नत चरण में हैं। हमारे अनुभव को देखते हुए ऐसे समझौते होते हैं, जो आने वाले कई दशकों तक दोनों देशों के सहयोग की दिशा तय करते हैं।”

AMCA प्रोजेक्ट में भी सहयोग का प्रस्ताव

रूस की सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, इससे पहले रूस की हथियार निर्यातक कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के सीईओ अलेक्जेंडर मिखीव ने भारत को न केवल Su-57E की आपूर्ति, बल्कि भारत में इसके उत्पादन और भारत के स्वदेशी AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) स्टील्थ फाइटर प्रोजेक्ट में तकनीकी सहायता देने का प्रस्ताव भी दिया था।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भरता और अत्याधुनिक तकनीक पर जोर दे रहा है।

सुपरजेट-100 को लेकर भी बड़ा समझौता

इसी बीच भारत-रूस के विमानन सहयोग को लेकर एक और अहम खबर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच भारत में सुपरजेट-100 क्षेत्रीय यात्री विमान के उत्पादन को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।
इस समझौते के तहत HAL भारत में सुपरजेट-100 के टाइप सर्टिफिकेशन और सत्यापन प्रक्रिया में UAC की सहायता करेगा। साथ ही HAL को इस विमान के निर्माण, बिक्री, मरम्मत और रखरखाव से जुड़े पुर्जों के निर्माण का लाइसेंस भी मिलेगा।

रणनीतिक मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Su-57 का संयुक्त उत्पादन साकार होता है, तो यह भारत-रूस रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम होगा। इससे भारत को अत्याधुनिक फाइटर तकनीक तक पहुंच मिलेगी, जबकि रूस को एशियाई रक्षा बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

फिलहाल सभी की नजर भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि यह दावा सिर्फ बातचीत तक सीमित रहेगा या भविष्य में एक बड़े रणनीतिक समझौते का रूप लेगा।

 

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