पत्नी को मोहरा बनाकर 35 हजार की सैलरी वाला ‘साहब’ बना करोड़पति, ACB ने अब याद दिलाया ‘छठी का दूध’
बीकानेर/फलोदी: राजस्थान के फलोदी में एक आम सरकारी कर्मचारी की रॉयल लाइफ ने उसकी पत्नी को भी सलाखों के करीब ला खड़ा कर दिया। कनिष्ठ सहायक (LDC) शुभकरण परिहार (छीपा) की आधिकारिक तनख्वाह महज 35 हजार रुपए थी, लेकिन एसीबी की छापेमारी में खुलासा हुआ कि उनके पास 15 वर्षों में अर्जित धन से कई गुना अधिक काली कमाई थी।
75 लाख कैश, 2 किलो सोना और 5 आलीशान मकान
शुक्रवार को एसीबी की पांच टीमों ने शुभकरण के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। घर के कोनों से 75 लाख रुपए की नगदी, संदूकों में 2 किलो सोना और पांच आलीशान मकान बरामद हुए। जांच में पता चला कि कनिष्ठ सहायक ने अपनी आधिकारिक आय के मुकाबले 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी। 15 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति में 17 बीघा उपजाऊ जमीन और महंगे प्लॉट भी शामिल थे।
पत्नी सरिता बनी 'संपत्ति की ढाल'
शुभकरण ने अपनी काली कमाई को सुरक्षित रखने के लिए पत्नी सरिता ...










