
जयपुर, 16 फरवरी 2026 – राजस्थान के चूरू जिले की बेटी और भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर सोनिका टांडी ने हाल ही में हरियाणा के ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी सुमित कुमार से सादगी भरे समारोह में विवाह किया। इस शादी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह पूरी तरह बिना दहेज संपन्न हुई।
सगाई के दौरान सुमित ने केवल 1 रुपये शगुन के रूप में लिया। शादी के पारंपरिक उत्सवों में जूते छुपाई की रस्म भी आयोजित की गई, जिसमें सुमित ने अपनी सालियों को डेढ़ लाख रुपये दिए। यह रस्म अब राजस्थान में चर्चाओं का मुख्य विषय बन गई है।
साधारण पृष्ठभूमि से अंतरराष्ट्रीय मानक तक
सोनिका टांडी का जन्म 20 मार्च 1997 को चूरू जिले के गालड़ गांव में हुआ। ग्रामीण माहौल में पली-बढ़ी सोनिका ने साधारण परिस्थितियों से निकलकर एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में देश के लिए पदक जीते। आज वे भारतीय महिला हॉकी टीम की मजबूत मिडफील्डर के रूप में जानी जाती हैं।
खेल और परिवार की कहानी
सोनिका के पिता दौलतराम टांडी हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रह चुके हैं, जबकि मां संतोष गृहिणी हैं। परिवार में दो बहनें मोनिका और दीपका और एक छोटा भाई मोहित हैं।
सोनिका ने मात्र 11 साल की उम्र में हॉकी स्टिक थामी। हिसार के पुलिस पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने स्कूल टीम से खेलते हुए अपनी पहचान बनाई। आगे चलकर उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते।
बिना निजी अकादमी के बनाई पहचान
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद सोनिका ने कभी किसी निजी अकादमी में प्रशिक्षण नहीं लिया। उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के मार्गदर्शन में अभ्यास किया। उनके कोच बलराज सिंह सोढ़ी रहे। लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया।
दिलीप तिर्की, अध्यक्ष, हॉकी इंडिया ने कहा: “सोनिका टांडी और सुमित कुमार जैसे खिलाड़ी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। सादगी और संस्कार के साथ उनका जीवन निर्णय सराहनीय है।”
