
भिवाड़ी, 16 फरवरी 2026: खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री भीषण आग की चपेट में आ गई। इस आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप ले लिया और 7 श्रमिकों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। शव इतनी भयावह स्थिति में थे कि मानव कंकाल जैसी हालत में पाए गए।
धमाकों से दहल उठा औद्योगिक क्षेत्र
घटना सुबह करीब 10 बजे प्लॉट नंबर G-1/118 में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री में अचानक धुएं का गुबार उठते ही 3-4 जोरदार धमाके हुए। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि आसपास के दूर-दराज इलाकों में भी सुनाई दिए। फैक्ट्री में भारी मात्रा में बारूद और गत्ते का स्टॉक जमा था, जिसने आग की लपटों को और अधिक भड़का दिया।
अवैध पटाखा निर्माण में जुटे थे मजदूर
प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह फैक्ट्री कागजों में बंद थी, लेकिन मालिक द्वारा किराए पर दी गई यूनिट में किरायेदार गुपचुप तरीके से अवैध रूप से पटाखा बना रहा था। हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई और आसपास के कर्मचारियों ने जान बचाकर बाहर भागना शुरू किया। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके की बिजली काट दी गई और पड़ोसी फैक्ट्रियों को खाली कराया गया।
यूपी-बिहार के मजदूरों की मौत
एडीएम भिवाड़ी सुमित्रा मिश्र ने बताया कि पुलिस गश्ती गाड़ी ने सबसे पहले धुआं देखा। तुरंत छह दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल इंचार्ज राजू खान के अनुसार, फैक्ट्री में गत्तों और बारूद का बड़ा स्टॉक था, जिससे कूलिंग ऑपरेशन में कई घंटे लगे। मृतक श्रमिक उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
प्रशासनिक जांच में फैक्ट्री और मालिक
बड़ा सवाल यह है कि जो फैक्ट्री रिकॉर्ड में बंद थी, वहां महीनों से इतना बड़ा अवैध कारोबार कैसे चल रहा था। भिवाड़ी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और मुख्य आरोपी (किरायेदार) की तलाश जारी है।
इस हादसे ने न केवल औद्योगिक क्षेत्र में खौफ पैदा कर दिया है, बल्कि अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल भी उठाए हैं।
