
कोटा, 14 फरवरी 2026 – डिजिटल इंडिया के युग में तकनीक की खामियों ने कोटा के अशोक कुमार के लिए सिरदर्द बना दिया। उनके घर के बाहर खड़ी कार का फास्टैग से दो अलग-अलग टोल प्लाजा से कुल 60 रुपये कट गए। जब शिकायत के बावजूद NHAI ने जवाब नहीं दिया, तो अशोक कुमार ने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
क्या है पूरा मामला?
लाडपुरा के अरलिया अरंड़खेड़ा निवासी अशोक कुमार नागर की कार 26 सितंबर को घर के बाहर खड़ी थी। उसी दिन कराड़िया टोल प्लाजा से 30 रुपये कट गए। इसके बाद 5 अक्टूबर को कार फिर घर पर थी, लेकिन इस बार जालिमपुरा टोल प्लाजा से 30 रुपये और वसूल लिए गए।
एडवोकेट सुजीत स्वामी के अनुसार, यह केवल 60 रुपये का मामला नहीं है, बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।
कोर्ट में कार्रवाई
अशोक कुमार ने पहले NHAI और टोल प्रबंधन को शिकायत की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 15 अक्टूबर को कानूनी नोटिस भेजा गया, जिसे विभाग ने नजरअंदाज कर दिया। अंततः उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत जिला उपभोक्ता आयोग, कोटा में परिवाद दर्ज कराया गया।
मांग और हर्जाना
कोर्ट में अशोक कुमार ने अवैध रूप से कटे 60 रुपये की ब्याज सहित वापसी और मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और अदालती खर्च के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की।
अगली सुनवाई
कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने NHAI कोटा यूनिट, मुख्य महाप्रबंधक (जयपुर) और संबंधित टोल प्लाजा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। यह मामला डिजिटल भुगतान प्रणाली और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा में अहम उदाहरण बन सकता है।
