टैरिफ से बड़ा खतरा प्रदूषण, भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर गीता गोपीनाथ के बयान का शशि थरूर ने किया समर्थन, ‘एयर क्वालिटी जार’ की उठाई मांग
नई दिल्ली।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं से कहीं अधिक बड़ा खतरा भारत की अर्थव्यवस्था को पर्यावरण प्रदूषण से है। यह कहना है हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ का। उनके इस आकलन का समर्थन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने भी किया है।
गुरुवार को दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के सत्र में गीता गोपीनाथ ने कहा कि प्रदूषण से होने वाले आंतरिक नुकसान—जैसे स्वास्थ्य समस्याएं, काम करने की क्षमता में गिरावट और उत्पादकता का नुकसान—वैश्विक टैरिफ बदलावों से पैदा होने वाले जोखिमों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हैं। उन्होंने प्रदूषण को केवल सामाजिक या स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक जोखिम के रूप में रेखांकित किया।
हवा और पानी की गुणवत्ता से जुड़ी है आर्थिक स्थिरता
गोपीनाथ के अनुसार,...










