
नई दिल्ली, 22 जनवरी: दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने दिल्ली सरकार, नगर निगम और एनसीआर राज्यों की एजेंसियों को लॉन्ग टर्म उपायों पर ऐक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि CAQM (Central Air Quality Management Commission) की सिफारिशों पर क्या कदम उठाए गए, इसकी पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाए।
कोर्ट ने जारी किए सख्त निर्देश
CAQM की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि आयोग ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए 15 दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश की है। इनमें शामिल हैं:
पुरानी वाहनों का चरणबद्ध निरस्तीकरण
PUC (Pollution Under Control) प्रणाली को मजबूत करना
मेट्रो और रेल नेटवर्क का विस्तार
नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति और वाहन स्क्रैपिंग प्रोत्साहन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि CAQM की सिफारिशों के खिलाफ कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दीर्घकालिक उपायों को बिना किसी देरी के लागू करना अनिवार्य है।
एंट्री पॉइंट और एडवांस टेक्नॉलजी पर जवाब मांगा
बेंच ने दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर जाम और कंजेशन को ध्यान में रखते हुए एडवांस टेक्नॉलजी के समय पर उपयोग के लिए नगर निगम से जवाब मांगा। साथ ही अदालत ने ECC कोष के उपयोग के लिए नई योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और चार हफ्ते में अलग से जवाब देने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट का यह कड़ा रुख प्रदूषण नियंत्रण में तेजी लाने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।