Monday, June 22

Natioanal

AI से रिश्ते: अकेलेपन में सहारा या खतरे की घंटी? अकेलेपन से जूझ रहे लोग चैटबॉट्स और AI की ओर क्यों हो रहे हैं आकर्षित
Natioanal

AI से रिश्ते: अकेलेपन में सहारा या खतरे की घंटी? अकेलेपन से जूझ रहे लोग चैटबॉट्स और AI की ओर क्यों हो रहे हैं आकर्षित

    क्या आपने कभी तनाव, अकेलेपन या उलझन के क्षणों में किसी AI चैटबॉट से बातचीत की है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। आज लाखों लोग अपने मन की बात कहने, भावनात्मक सहारा पाने और अकेले समय को भरने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की ओर रुख कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों में तेज़ी से बढ़ रही है।   AI: बिना सवाल के संवेदनशील साथी   AI-आधारित सिस्टम्स उपयोगकर्ता की भाषा, मूड और भावनात्मक संकेतों के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। वे न सवाल पूछते हैं, न आलोचना करते हैं और न ही दूरी बनाते हैं। यही सहजता और लगातार उपलब्धता उन्हें कई बार वास्तविक मानवीय रिश्तों का विकल्प बना देती है।   जापान की कानो की कहानी इस बदलते यथार्थ का मार्मिक उदाहरण है। टूटे हुए रिश्ते और गहरे भावनात्मक आघात के बाद उन्होंने ChatGPT को अपना सहारा बनाया। शुरू में यह...
‘नेशनल सिक्योरिटी का मतलब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि जनता और विचारधारा की सुरक्षा भी’ : JNU में CDS अनिल चौहान का जोरदार संदेश
Natioanal

‘नेशनल सिक्योरिटी का मतलब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि जनता और विचारधारा की सुरक्षा भी’ : JNU में CDS अनिल चौहान का जोरदार संदेश

नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और इतिहास पर अपने विचार साझा किए। जनरल चौहान ने कहा कि आज की बदलती और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में नेताजी की आक्रामक कूटनीति और यथार्थवादी दृष्टिकोण आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि नेताजी ने भारत की आजादी के लिए एक सरकार बनाई, सेना तैयार की, हमलों की योजना बनाई, समझौते किए और सेना के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की। उनके अनुसार यह दिखाता है कि राजनीतिक सोच, कुशल कूटनीति और सैन्य कार्रवाई आपस में कितनी गहराई से जुड़ी हुई थीं। सीडीएस ने INA (इंडियन नेशनल आर्मी) की उपलब्धियों और योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा, “INA ने स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अधिक नुकसान झेला। इसे अब त...
‘आएं न आएं कोई फर्क नहीं पड़ता’: कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित का शशि थरूर पर हमला
Natioanal

‘आएं न आएं कोई फर्क नहीं पड़ता’: कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित का शशि थरूर पर हमला

  केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल न होने के शशि थरूर के फैसले को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने उन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पूर्वी दिल्ली के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने न्यूज एजेंसी एआईएनएस से बातचीत में कहा, “केरल में कांग्रेस के जितने भी मजबूत और प्रासंगिक नेता हैं, वे सभी बैठक में शामिल हो रहे हैं। जो कांग्रेस के लिए प्रासंगिक नहीं हैं और बड़े नेता नहीं माने जाते, उनका आने या न आने से कोई फर्क नहीं पड़ता।” थरूर के कांग्रेस में अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर असंतुष्ट होने की चर्चाएं लंबे समय से हैं। खबरों के अनुसार, कोच्चि यात्रा के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात न होने पर थरूर नाराज थे। इसी कारण उन्होंने केरल की बैठक में भाग लेने के बजाय केरल लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। शशि थ...
‘क्या बिगाड़ लिया मेरा, सुप्रीम कोर्ट से आदेश ले आया’ CJI सूर्यकांत ने झारखंड हाईकोर्ट वकील की याचिका खारिज की, कहा – जाइए और माफी मांगिए
Natioanal

‘क्या बिगाड़ लिया मेरा, सुप्रीम कोर्ट से आदेश ले आया’ CJI सूर्यकांत ने झारखंड हाईकोर्ट वकील की याचिका खारिज की, कहा – जाइए और माफी मांगिए

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील महेश तिवारी की याचिका खारिज कर दी। वकील ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही रद्द करने का अनुरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने न्यायिक कार्यवाही में बाधा डालने का कोई इरादा नहीं रखा था और अब वह अत्यंत पश्चातापी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वे माफी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। मामले का हाल 16 अक्टूबर 2025 को झारखंड हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर 24 में महेश तिवारी द्वारा कार्यवाही बाधित करने की घटना हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद पांच न्यायाधीशों की पीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अवमानना का मामला दर्ज किया। CJI सूर्यकांत...
निजी स्कूलों में गरीबों के लिए आरक्षण जरूरी, लेकिन केवल सीटें देने से बदलाव नहीं होगा
Natioanal

निजी स्कूलों में गरीबों के लिए आरक्षण जरूरी, लेकिन केवल सीटें देने से बदलाव नहीं होगा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में याद दिलाया कि शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत निजी स्कूलों में 25% सीटें कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। हालांकि, यह आरक्षण केवल ‘सीट’ देने तक सीमित रह गया तो असली बदलाव नहीं आएगा। अर्थशास्त्र का बुनियादी सिद्धांत यह है कि किसी भी नीति का मूल्यांकन उसके नेक इरादों से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक परिणाम से होना चाहिए। शिक्षा के संदर्भ में इसका मतलब है—क्या बच्चा सचमुच सीख रहा है, क्या वह स्कूल में टिक पा रहा है, और क्या उसकी क्षमताएं भविष्य के प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए तैयार कर रही हैं। सीखने की छिपी हुई लागत अक्सर हम शिक्षा को केवल 'सीट' या 'फीस' तक सीमित कर देते हैं। जबकि स्कूल की फीस ही एक मात्र खर्च नहीं है। गरीब परिवारों के लिए किताबें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, प्रोजेक्ट्स का सामान और परिवहन का खर्च भी काफी होता है। यह खर्च कभी-कभी परिवार ...
भगदड़ रोकने के लिए दिशानिर्देश तय करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार कहा– यह नीति निर्धारण का विषय, अदालत नहीं कर सकती हस्तक्षेप
Natioanal

भगदड़ रोकने के लिए दिशानिर्देश तय करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार कहा– यह नीति निर्धारण का विषय, अदालत नहीं कर सकती हस्तक्षेप

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक आयोजनों, राजनीतिक रैलियों, यात्राओं और अन्य बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह विषय नीति निर्धारण और कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय का हस्तक्षेप उचित नहीं है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वह अपनी मांगें केंद्रीय गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग के समक्ष रखे। कानून-व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी पीठ ने कहा कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। यह कार्य कानून-व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियों के दायरे में आता है, जिनके पास इस क्षेत्र की व्यावहारिक ...
वंदे मातरम् विवाद पर कांग्रेस का तीखा हमला पीएम मोदी पर इतिहास को विकृत करने का आरोप, ‘भारत के सबसे बड़े डिस्टोरियन’ कहा
Natioanal

वंदे मातरम् विवाद पर कांग्रेस का तीखा हमला पीएम मोदी पर इतिहास को विकृत करने का आरोप, ‘भारत के सबसे बड़े डिस्टोरियन’ कहा

नई दिल्ली। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन को लेकर चल रही बहस के बीच कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा सरकार जानबूझकर ऐतिहासिक तथ्यों को छिपा रही है और इससे देश की विरासत तथा महान विभूतियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “भारत का सबसे बड़ा इतिहास-विकृतकर्ता (डिस्टोरियन)” करार दिया। ‘राष्ट्रगान के इतिहास को भी किया गया विकृत’ जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि हाल ही में संसद में राष्ट्रगान को लेकर हुई चर्चा के दौरान सरकार ने उसके इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश...
‘हलाला’ के नाम पर महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप पति समेत कई नामजद, ट्रिपल तलाक कानून की कानूनी खामियां आईं सामने
Natioanal

‘हलाला’ के नाम पर महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप पति समेत कई नामजद, ट्रिपल तलाक कानून की कानूनी खामियां आईं सामने

नई दिल्ली/अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से सामने आया एक मामला न सिर्फ तीन तलाक कानून की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि उससे जुड़े उन कानूनी और सामाजिक अंधेरे पहलुओं पर भी सवाल खड़े करता है, जिन पर अब तक व्यापक चर्चा नहीं हो सकी है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि तत्काल तीन तलाक दिए जाने के बाद उसे दोबारा निकाह के नाम पर ‘हलाला’ की आड़ में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में 9 दिसंबर 2025 को एफआईआर दर्ज की थी। पीड़िता के अनुसार, उसके पति, देवर और कुछ मौलवियों ने उसे बार-बार हलाला के लिए मजबूर किया और धमकाकर शारीरिक शोषण किया गया। क्या है आरोप पीड़िता का कहना है कि तीन तलाक के बाद उसे यह कहकर दबाव में रखा गया कि दोबारा पति के साथ रहने के लिए हलाला जरूरी है। इसी बहाने उसे अलग-अलग लोगों के पास भेजा गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए। ...
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं संग बारिश, ठंड बढ़ी पश्चिमी विक्षोभ के असर से सुधरेगा AQI, जानिए क्या है ‘गरजता चालीसा’
Natioanal

दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं संग बारिश, ठंड बढ़ी पश्चिमी विक्षोभ के असर से सुधरेगा AQI, जानिए क्या है ‘गरजता चालीसा’

नई दिल्ली। जनवरी के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज सर्द हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जिससे जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं लंबे समय से प्रदूषण से जूझ रहे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का पूर्वानुमान सटीक साबित हुआ है। मौसम विभाग ने पहले ही 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की थी। इसके साथ ही 9 राज्यों में भारी बारिश, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और उत्तर भारत के 17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट भी दिया गया था। फिर गिरेगा पारा, सर्दी बढ़ने के आसार शुक्रवार सुबह से दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में दर्ज की गई असाम...
ब्रिक्स समिट से पहले भारत आ रहे लूला दा सिल्वा ग्लोबल साउथ के नेतृत्व और भारत–ब्राजील साझेदारी पर होगा बड़ा मंथन
Natioanal

ब्रिक्स समिट से पहले भारत आ रहे लूला दा सिल्वा ग्लोबल साउथ के नेतृत्व और भारत–ब्राजील साझेदारी पर होगा बड़ा मंथन

नई दिल्ली। ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा की फरवरी में प्रस्तावित भारत यात्रा को सामान्य कूटनीतिक दौरे के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इस साल भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले उनका भारत आना इस बात का संकेत है कि ग्लोबल साउथ के नेतृत्व को लेकर भारत और ब्राजील किसी बड़े साझा एजेंडे पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति लूला 19 से 21 फरवरी तक भारत में रहेंगे। इससे पहले गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। लूला के भारत दौरे के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन में भाग लेने की भी संभावना है, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई वैश्विक नेता शामिल होंगे। हालांकि, लूला की यात्रा का महत्व केवल एआई समिट तक सीमित नहीं है। ट्रंप की टैरिफ न...