JEE Main Success Story: मजदूरी करते-करते पूरा किया इंजीनियरिंग का सपना, जानिए आज कहां हैं रोहिणी
तमिलनाडु के गरीब आदिवासी परिवार से आने वाली रोहिणी ने दिन में खेतों में मजदूरी और रात में पढ़ाई करके इंजीनियर बनने का सपना सच किया। पहले ही अटेंप्ट में JEE मेन्स क्रैक करने वाली रोहिणी आज अपने राज्य की पहली आदिवासी लड़की हैं, जिन्होंने इस कठिन परीक्षा में 73.8% अंक हासिल किए।
गरीबी के बावजूद बड़े सपनेपंचामलाई की पहाड़ियों में छोटे से घर में रहने वाली रोहिणी ने गरीबी के बावजूद अपने सपनों को बड़े रखा। उनके माता-पिता दिनभर खेतों में मजदूरी करते हैं और परिवार का गुजारा मुश्किल से चलता है। रोहिणी भी कई बार खेतों में काम करती थीं, लेकिन पढ़ाई को कभी नहीं छोड़ा।
मजदूरी के साथ की पढ़ाईचिन्ना इसुपुर के सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने वाली रोहिणी ने रात-दिन मेहनत कर JEE की तैयारी की। उन्हें एहसास था कि गरीबी से निकलने का सबसे बड़ा रास्ता पढ़ाई ही है।
पहले अटेंप्ट में देश की सबसे कठिन परीक्षा क्रै...










