सोमनाथ मंदिर: 17 बार हुए हमले, फिर भी बढ़ती रही भव्यता
प्रभास पाटन, गुजरात: देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल सोमनाथ मंदिर का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और चुनौतीपूर्ण रहा है। यह मंदिर न केवल 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, बल्कि इतिहास में बार-बार हमलों का भी शिकार रहा। इतिहासकारों के अनुसार, सोमनाथ मंदिर पर कुल 17 बार हमला हुआ, जिसमें मुगलों ने इसे कई बार लूटा।
सोमनाथ मंदिर का उल्लेख शिव पुराण के अध्याय-13 में भी मिलता है। यह गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में समुद्र तट पर स्थित है और इसे सोने-चांदी व रत्नों से सजाया गया था।
महमूद गजनवी का पहला हमला:
मंदिर पर हमलों की शुरुआत 11वीं सदी में हुई थी। 1026 में भीम प्रथम के शासनकाल के दौरान तुर्की शासक महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और इसे लूट लिया। इस दौरान ज्योतिर्लिंग को भी तोड़ दिया गया।
अलाउद्दीन खिलजी का आक्रमण:
1299 में गुजरात पर फिर हमला हुआ। इस बार अलाउद्दीन खिलजी की सेना ...









