Sunday, January 25

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ट्रंप के टैरिफ के बीच नितिन गडकरी की दो टूक: आयात घटे, निर्यात बढ़े—यहीं से खुलेगा भारत के तीसरी अर्थव्यवस्था बनने का रास्ता
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ट्रंप के टैरिफ के बीच नितिन गडकरी की दो टूक: आयात घटे, निर्यात बढ़े—यहीं से खुलेगा भारत के तीसरी अर्थव्यवस्था बनने का रास्ता

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए आयात पर निर्भरता कम करनी होगी और निर्यात को मजबूती देनी होगी। उन्होंने यह बात सीएसआईआर की ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेरेमनी’ को संबोधित करते हुए कही। गडकरी ने जोर देते हुए कहा कि कृषि अपशिष्ट (एग्रो-वेस्ट) को उपयोगी उत्पादों में बदलकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता भी घटाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में पेट्रोलियम-रहित बायो-बिटुमेन का उपयोग ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम और परिवर्तनकारी कदम साबित होगा। मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है। इसमें से 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क रूसी तेल आयात के कारण...
बड़े कारोबारी घराने से हैं सचिन तेंदुलकर की होने वाली बहू सानिया चंडोक, दिग्गज बिजनेसमैन रवि घई की पोती
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बड़े कारोबारी घराने से हैं सचिन तेंदुलकर की होने वाली बहू सानिया चंडोक, दिग्गज बिजनेसमैन रवि घई की पोती

नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर आगामी 5 मार्च 2026 को अपनी मंगेतर सानिया चंडोक के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह विवाह समारोह मुंबई में निजी तौर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें परिवार के सदस्य और करीबी मित्र ही शामिल होंगे। शादी से जुड़ी रस्में 3 मार्च से शुरू होंगी। अर्जुन और सानिया की सगाई पिछले वर्ष अगस्त में एक सादे समारोह में हुई थी, जिसकी पुष्टि स्वयं सचिन तेंदुलकर ने की थी। सानिया चंडोक एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह देश के जाने-माने उद्योगपति रवि घई की पोती हैं। रवि घई ग्रेविस ग्रुप के प्रमुख रहे हैं, जिसका कारोबार होटल, हॉस्पिटैलिटी और फूड एंड बेवरेज सेक्टर में फैला हुआ है। उनका नाम मुंबई के प्रतिष्ठित इंटरकॉन्टिनेंटल होटल (मरीन ड्राइव) से भी जुड़ा रहा है। इसके अलावा वह लोकप्रिय आइसक्रीम ब्रांड ‘द ब्रुकलिन क्रीमेरी’ क...
भारत का सर्विस सेक्टर 11 महीनों में सबसे धीमी रफ्तार पर, क्या दे रहा संकेत?
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भारत का सर्विस सेक्टर 11 महीनों में सबसे धीमी रफ्तार पर, क्या दे रहा संकेत?

नई दिल्ली: दिसंबर 2025 में भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ धीमी पड़ी। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई (Purchasing Managers Index) 11 महीनों के निचले स्तर पर आ गया। नए बिजनेस में कमी और घरेलू मांग में नरमी के कारण रोजगार में बढ़ोतरी रुकी, जबकि निर्यात मांग ने कुछ सहारा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर का योगदान 50% से अधिक है। इसलिए इसकी सुस्ती का असर देश की जीडीपी ग्रोथ पर भी पड़ सकता है। दिसंबर में नए ऑर्डर की गति सबसे धीमी रही, जिससे घरेलू बाजार में मांग कमजोर होने का संकेत मिला। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे और विस्तार योजनाओं पर पड़ सकता है। मुख्य कारण और असर: मंदी मुख्य रूप से नए ऑर्डर में गिरावट के कारण हुई। घरेलू मांग अभी भी ठीक है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की सतर्कता से रफ्तार धीमी हुई। सेवा प्रदाताओं ने अपनी उत्पादन...
भारत बना रहेगा रफ्तार का राजा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीडीपी बढ़ेगी 7.4%
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भारत बना रहेगा रफ्तार का राजा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीडीपी बढ़ेगी 7.4%

नई दिल्ली: वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% की मजबूत दर से बढ़ने की उम्मीद है। यह अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने जारी किए गए पहले एडवांस सकल घरेलू उत्पाद (GDP) आंकड़ों के आधार पर लगाया है। पिछली वित्तीय वर्ष की 6.5% विकास दर की तुलना में यह काफी उत्साहवर्धक वृद्धि है। नॉमिनल जीडीपी में भी 8.0% की बढ़ोतरी की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार इस विकास का मुख्य कारण सेवा क्षेत्र की मजबूत गति है। इसके अलावा विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन देखा जाएगा। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में भी विकास की उम्मीद है, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। सेवा क्षेत्र में तेजी: वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाएं, सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं में 9.9% की वृद्धि की संभावना है। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़े क्...
सोने-चांदी से दोगुना रिटर्न, प्लैटिनम ने निवेशकों की झोली भरी
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सोने-चांदी से दोगुना रिटर्न, प्लैटिनम ने निवेशकों की झोली भरी

नई दिल्ली, राजेश भारती: साल 2026 की शुरुआत में प्लैटिनम ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। शुरुआती 7 दिनों में प्लैटिनम ने सोने और चांदी को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। बुधवार को सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोने में करीब 0.5 फीसदी और चांदी में लगभग 1.5 फीसदी की कमी आई। वहीं प्लैटिनम ने 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की। पिछले साल यानी 2025 में भी सोने में लगभग 70 फीसदी, चांदी में 160 फीसदी और प्लैटिनम में 140 फीसदी रिटर्न रहा था। लेकिन साल 2026 के शुरुआती 7 दिनों में प्लैटिनम ने निवेशकों को सबसे ज्यादा लाभ दिया। 7 दिनों में रिटर्न की तुलना: 31 दिसंबर 2025: प्लैटिनम – 58,410 रुपये प्रति 10 ग्राम 7 जनवरी 2026: प्लैटिनम – 67,530 रुपये प्रति 10 ग्राम 7 दिनों में रिटर्न: लगभग 15.6% इसी अवधि में सोने का रिटर्न: 2%, चांदी का रिटर्न: 8% इ...
इनकम टैक्स फाइलिंग में ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स आगे, सैलरीड क्लास पीछे
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इनकम टैक्स फाइलिंग में ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स आगे, सैलरीड क्लास पीछे

नई दिल्ली: भारत में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वालों के प्रोफाइल में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। क्लियरटैक्स की रिपोर्ट 'How India Filed in 2025' के अनुसार अब नौकरीपेशा लोग सबसे ज्यादा टैक्स फाइल नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, बिजनेस करने वाले प्रोफेशनल, ट्रेडर्स और निवेशक (Investors) सबसे आगे निकल रहे हैं। सैलरीड क्लास की संख्या घट रही पहले ज्यादातर सैलरीड लोग ITR-1 फॉर्म भरते थे, क्योंकि उनकी कमाई फिक्स सैलरी से होती थी। लेकिन अब ITR-2 और ITR-3 फाइल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ITR-3 फाइल करने वालों में 2025 में 45% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें छोटे बिजनेसमैन, ट्रेडर और F&O मार्केट में एक्टिव लोग शामिल हैं। वहीं, ITR-2 फाइल करने वालों की संख्या 17% बढ़ी, जो सैलरीड होते हुए भी निवेश और कैपिटल गेन से कमाई दिखाते हैं। टैक्स फाइलिंग बन गई 'फाइनेंशियल बायोग्राफी' आज इनकम ...
भारत का सर्विस सेक्टर दिसंबर में धीमी रफ्तार पर, 11 महीनों का न्यूनतम स्तर
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भारत का सर्विस सेक्टर दिसंबर में धीमी रफ्तार पर, 11 महीनों का न्यूनतम स्तर

नई दिल्ली: भारत के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ दिसंबर 2025 में धीमी पड़ी, जिससे अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े हिस्से पर असर की आशंका बढ़ गई है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 11 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया। मुख्य कारण नए बिजनेस में आई कमी और घरेलू मांग में नरमी है। दिसंबर में नए ऑर्डर्स की गति सबसे धीमी रही, जबकि रोजगार में बढ़ोतरी भी रुक गई। कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की संख्या स्थिर रखी और कुछ मामलों में कम भी किया। इससे संकेत मिलता है कि व्यवसाय अपने भविष्य को लेकर सतर्क हो गए हैं और आक्रामक विस्तार की बजाय मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर ध्यान दे रहे हैं। कमजोर बिजनेस सेंटिमेंट भविष्य की गतिविधियों को लेकर कंपनियों का भरोसा लगातार तीसरे महीने गिरकर कई साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, मांग की अनिश्चितता और बाजार की अस्थिरता ने व्यवसाय...
शेयर बाजार की गिरावट के बीच NALCO ने छुआ 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर, जानिए तेजी के पीछे की बड़ी वजहें
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शेयर बाजार की गिरावट के बीच NALCO ने छुआ 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर, जानिए तेजी के पीछे की बड़ी वजहें

नई दिल्ली। जहां एक ओर घरेलू शेयर बाजार लगातार दबाव में है, वहीं सरकारी नवरत्न कंपनी नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) का शेयर मजबूती से चमक रहा है। बुधवार को NALCO का शेयर 52 हफ्ते के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में ही इस शेयर ने करीब 14 फीसदी की जोरदार तेजी दिखाई है, जिससे निवेशकों का ध्यान इस पर टिक गया है। बीएसई पर NALCO का शेयर बुधवार को करीब 3 फीसदी चढ़कर 357.50 रुपये तक पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय आई है, जब सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का माहौल बना हुआ है। एल्युमिनियम की कीमतों से मिला बड़ा सहारा NALCO के शेयर में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह एल्युमिनियम की वैश्विक कीमतों में उछाल मानी जा रही है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमिनियम की कीमतें तीन साल से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमिनियम 3,000 डॉलर प्रति टन क...
₹5.40 लाख करोड़ के बिटकॉइन छिपाए बैठा है वेनेज़ुएला? क्या क्रिप्टो बाजार पर मंडरा रहा है क्रैश का खतरा
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₹5.40 लाख करोड़ के बिटकॉइन छिपाए बैठा है वेनेज़ुएला? क्या क्रिप्टो बाजार पर मंडरा रहा है क्रैश का खतरा

नई दिल्ली। वेनेज़ुएला को लेकर वैश्विक वित्तीय और क्रिप्टो बाजारों में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य अभियान में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद न केवल वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार, बल्कि उसके संभावित क्रिप्टो एसेट्स पर भी दुनिया की नजरें टिक गई हैं। जानकारों का दावा है कि मादुरो सरकार के पास करीब 60 अरब डॉलर (लगभग ₹5.40 लाख करोड़) मूल्य के बिटकॉइन छिपे हो सकते हैं। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो इसका असर वैश्विक क्रिप्टो मार्केट पर भारी पड़ सकता है। सीएनबीसी समेत कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन बिटकॉइन को बेचा गया या जब्त किया गया, तो बिटकॉइन की कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है और पूरे क्रिप्टो बाजार में उथल-पुथल मच सकती है। क्यों वेनेज़ुएला के पास बिटकॉइन होने की आशंका? वेनेज़ुएला वर्षों से अमेरिकी प...
लगातार तीसरे दिन फिसला शेयर बाजार, ये 4 बड़े कारण बना रहे हैं दबाव
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लगातार तीसरे दिन फिसला शेयर बाजार, ये 4 बड़े कारण बना रहे हैं दबाव

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ। पिछले तीन दिनों में बीएसई सेंसेक्स 1,100 अंकों से ज्यादा टूट चुका है, जबकि निफ्टी 50 भी करीब 1 फीसदी नीचे आ गया है। बड़े शेयरों में बिकवाली, बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताएं और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में साफ दिशा का अभाव है और उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बाजार की इस गिरावट के पीछे चार प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं— 1. बड़े शेयरों में तेज बिकवाली इंडेक्स के दिग्गज शेयरों में लगातार हो रही बिकवाली ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला है। बुधवार को एचडीएफसी बैंक के शेयर 1.7 फीसदी टूट गए, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.4 फीसदी नीचे बंद हुई। ट्रेंट के शेयरों में भी 1.4 फीसदी की गि...