
नई दिल्ली: ऑयल इंडिया के शेयर बुधवार को बीएसई पर 9.6% तक उछलकर 492 रुपये पर पहुंच गए, जो इस शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है। पिछले दो दिनों में शेयर में कुल 13% तेजी आई है। इस उछाल के पीछे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण बने हैं।
तेल की कीमतों में उछाल के पीछे कारण:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका का एक और जहाजी बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन संघर्ष और अमेरिका में आए बर्फीले तूफान के कारण कच्चे तेल के उत्पादन और निर्यात में रुकावट आई है। इन कारकों से ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 34 सेंट बढ़कर 67.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर और बाजार पर असर:
तेल की कीमतों में वृद्धि से ऑयल इंडिया जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए लाभ बढ़ता है। कीमत में हर डॉलर की बढ़ोतरी कंपनी के वार्षिक राजस्व को सीधे फायदा पहुंचा सकती है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि अगले 2-3 सप्ताह में शेयर खरीदने के अवसर मौजूद हैं, क्योंकि पिछले कुछ सत्रों का डाउन ट्रेंड तेजी से ऊपर की ओर मुड़ रहा है।
विशेष रूप से, 1 फरवरी को होने वाली OPEC प्लस की बैठक भी तेल की कीमतों और शेयरों की दिशा को प्रभावित कर सकती है।