सक्सेस स्टोरी: बिहार के छोरे ने ‘गरीबों के खाने’ को दी ग्लोबल पहचान, पीएम मोदी तक पहुंची थाली
नई दिल्ली: बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर से निकले शेफ गौतम कुमार की कहानी प्रेरणादायक है। संकरी गलियों और रेल इंजन की सीटी के बीच पले-बढ़े इस युवा ने कभी सोचा नहीं था कि उनके बनाए व्यंजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की थाली तक पहुंचेंगे।
गौतम बचपन में हर रोज अपने गांव से कई किलोमीटर पैदल स्कूल जाते थे। उस समय उन्हें हमेशा कुछ कमी महसूस होती थी, जैसे वे कहीं फिट नहीं बैठते। यही भावना उनके शेफ बनने के निर्णय में भी काम आई। उस दौर में खाना बनाना अक्सर महिलाओं का काम माना जाता था और छोटे शहर का लड़का इस क्षेत्र में करियर बनाने की कोशिश करता देख लोगों को हैरानी होती थी।
‘बिहारी’ पहचान के साथ संघर्षबिहार से बाहर प्रोफेशनल किचन में प्रवेश करने पर गौतम को अपनी बोली, खानपान और पृष्ठभूमि के कारण ‘बिहारी’ पहचान के साथ जज किया गया। लंबे समय तक उन्हें यह साबित करना पड़ा क...










