
नई दिल्ली: दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट जारी है। बाजार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिटकॉइन की कीमत और भी नीचे जा सकती है, संभवतः 10,000 डॉलर तक।
ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के रणनीतिकार माइक मैकग्लॉन का कहना है कि बिटकॉइन की कीमत में 87 प्रतिशत तक गिरावट संभव है। बुधवार को बिटकॉइन की कीमत में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया। यह 73,000 डॉलर के करीब आ गया, हालांकि शाम तक कीमत कुछ सुधार कर 76,000 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। 24 घंटे में कीमत में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
मैकग्लॉन ने साल 2026 को साल 2008 के वित्तीय संकट जैसा बताया है। उनका कहना है कि आने वाला समय निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है और बाजार में व्यापक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
इस गिरावट के चलते बाजार में व्यापक बिकवाली शुरू हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह अमेरिका में फेडरल रिजर्व के नए प्रमुख केविन वॉर्श के सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के संकेतों के बाद और तेज हुई।
बिटकॉइन पिछले साल अक्टूबर में अपने ऑल टाइम हाई 1.25 लाख डॉलर तक पहुंचा था, लेकिन अब यह करीब 40 प्रतिशत गिर चुका है। निवेशक वर्तमान में भू-राजनीतिक चिंताओं और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते जोखिम भरे निवेशों से पैसा निकाल रहे हैं।
हालांकि, क्रिप्टो विशेषज्ञ रॉब हैडिक का कहना है कि बिटकॉइन और क्रिप्टो बाजार की कीमतें हमेशा अस्थिर रही हैं। उन्होंने निवेशकों को मध्यम और लंबी अवधि के दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है। उनका मानना है कि स्टेबलकॉइन और टोकनाइज्ड एसेट निवेशकों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं और बाजार अपने आप को पुनर्गठित कर रहा है।
निवेशक अब इस समय सावधानी और सोच-समझकर निवेश करने की आवश्यकता है, क्योंकि बिटकॉइन की अस्थिरता भविष्य में भी जारी रह सकती है।