Wednesday, February 11

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पाकिस्तान में हिंदू किसान की गोली मारकर हत्या, सिंध में लोगों का गुस्सा फूटा
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पाकिस्तान में हिंदू किसान की गोली मारकर हत्या, सिंध में लोगों का गुस्सा फूटा

इस्लामाबाद, 10 जनवरी: पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर बढ़ती हिंसा का नया मामला सामने आया है। सिंध प्रांत के बदीन जिले में 25 वर्षीय हिंदू किसान कैलाश कोल्ही को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हत्या के पीछे स्थानीय जमींदार सरफराज निजामी का नाम लिया जा रहा है। घटना के बाद हिंदू और स्थानीय समुदाय के हजारों लोग सड़क पर उतर आए और थार कोयला सड़क को जाम कर दिया। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता के बाद धरना समाप्त किया गया। हालांकि, हिंदू समुदाय में गुस्सा और रोष अभी भी बरकरार है। घटना का विवरण प्रदर्शनकारी आरोप लगाते हैं कि निजामी ने 4 जनवरी को तलहार गांव में कोल्ही को नशे की हालत में गोली मार दी। घटना स्थल पर पहुंचे लोग कैलाश को घावों के साथ जमीन पर गिरा पाया। निजामी और उसके समर्थक मौके से फरार हो गए। धरने में हिंदू समुदाय के हजारों लोग, ...
बांग्लादेश से सऊदी अरब तक JF 17 फाइटर जेट की बढ़ी मांग, पाकिस्तान रक्षा बाजार में मजबूत कर रहा पकड़
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बांग्लादेश से सऊदी अरब तक JF 17 फाइटर जेट की बढ़ी मांग, पाकिस्तान रक्षा बाजार में मजबूत कर रहा पकड़

इस्लामाबाद, 10 जनवरी: पाकिस्तान ने हालिया महीनों में अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में अपनी मौजूदगी तेज़ी से बढ़ाई है। खासतौर पर उसका स्वदेशी रूप से विकसित JF‑17 थंडर लड़ाकू विमान कई देशों की दिलचस्पी का केंद्र बन गया है। पाकिस्तान सेना के मुताबिक बांग्लादेश के साथ JF‑17 की बिक्री को लेकर समझौता जल्द होने की संभावना है, जबकि सऊदी अरब भी लगभग 2 अरब डॉलर के रक्षा सौदे के तहत इन जेट विमानों को खरीदने पर विचार कर रहा है। बांग्लादेश और सऊदी अरब के अलावा भी कई देश या तो JF‑17 को पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर चुके हैं या फिर इसे खरीदने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसे पाकिस्तान के लिए रक्षा निर्यात के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। क्यों बढ़ रही है JF‑17 की मांग अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, JF‑17 थंडर की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे इसकी कम कीमत, बहुउद्देश्यीय क्षमता और पश्चिमी देशों के प्...
कनाडा में रहने वाले भारतीयों के माता-पिता और दादा-दादी के लिए इस साल भी दरवाजे बंद, अब केवल सुपर वीजा है विकल्प
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कनाडा में रहने वाले भारतीयों के माता-पिता और दादा-दादी के लिए इस साल भी दरवाजे बंद, अब केवल सुपर वीजा है विकल्प

ओट्टावा, 10 जनवरी: कनाडा में रहने वाले भारतीयों के लिए बुरी खबर है। पैरेंट्स एंड ग्रैंडपैरेंट्स प्रोग्राम (PGP) पर 2026 में भी आवेदन शुरू नहीं होंगे। यह रोक 2025 में लगाई गई थी और अभी तक जारी है। इस दौरान कनाडा इमिग्रेशन विभाग केवल 2025 से पहले प्राप्त आवेदनों पर ही कार्रवाई करेगा, जिसकी सीमा अधिकतम 10,000 आवेदन तक है। नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि अब भारतीय परिवारों के पास केवल सुपर वीजा ही विकल्प बचा है। इसके तहत माता-पिता या दादा-दादी कनाडा में पाँच साल तक रह सकते हैं और वीजा का नवीनीकरण किया जा सकता है। हालांकि, सुपर वीजा से स्थायी निवास (PR) की सुविधा नहीं मिलती। क्यों रोके गए आवेदन? कनाडा सरकार ने PGP श्रेणी में लंबित आवेदनों की संख्या देखते हुए 2025 में आवेदन पर रोक लगाई थी। 1 जनवरी 2025 से नए आवेदन स्वीकार नहीं किए गए। इसके बाद IRCC (Immigration, Refu...
यूक्रेन बहाना, नाटो पर संदेश: रूस के ओरेश्निक मिसाइल हमले से यूरोप में बढ़ा तनाव
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यूक्रेन बहाना, नाटो पर संदेश: रूस के ओरेश्निक मिसाइल हमले से यूरोप में बढ़ा तनाव

मॉस्को, 10 जनवरी: रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के घर पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ओरेश्निक का इस्तेमाल किया है। रूस का कहना है कि यह हमला पुतिन पर हुए हमले की साजिश का प्रतिकार है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल यूक्रेन के खिलाफ है बल्कि नाटो को चेतावनी देने का भी एक संकेत है। रूस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ओरेश्निक मिसाइल इंटरसेप्ट करना लगभग नामुमकिन है। इसकी रेंज लगभग 5,000 किलोमीटर तक है, जिसका मतलब यह है कि यह मिसाइल यूरोप के किसी भी हिस्से और पूर्वी अमेरिका तक पहुंच सकती है। गुरुवार रात को मिसाइल लेविव शहर के पास गिरी, जो पोलैंड सीमा से केवल 60 किलोमीटर दूर है। यह क्षेत्र युद्ध के दौरान यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने के लिए इस्तेमाल होने वाले सैन्य अड्डों के पास आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला इसलिए और भी चिंताजनक है क्योंकि ओ...
सरबजीत कौर को भारत भेजने पर पलटी पाकिस्तान सरकार, वाघा बॉर्डर से रवाना करने का परमिट अभी नहीं
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सरबजीत कौर को भारत भेजने पर पलटी पाकिस्तान सरकार, वाघा बॉर्डर से रवाना करने का परमिट अभी नहीं

इस्लामाबाद: भारतीय नागरिक सरबजीत कौर को वापस भारत भेजने पर पाकिस्तान सरकार का रुख अभी अनिश्चित है। वाघा बॉर्डर के जरिए उन्हें भारत भेजने की संभावनाओं के बीच अब पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कोई अंतिम फैसला नहीं किया है, जिससे सरबजीत के भविष्य को लेकर संशय बना हुआ है। सरबजीत कौर पिछले साल नवंबर में सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं। वहां पहुंचने के बाद वह अपने जत्थे से अलग हो गईं और गायब हो गईं। बाद में उन्होंने एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी की और इस्लाम धर्म स्वीकार कर अपना नाम 'नूर फातिमा' रखा। फिलहाल, उनकी भारत वापसी को लेकर लाहौर हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। पूरी तरह स्वस्थ हैं सरबजीत ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सरबजीत का दारुल अमन, लाहौर में मेडिकल चेकअप किया गया और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया गया। उनके स्वास्थ्य ठीक पाए जाने के बाद ही उन्हें भारत भेजा जाना था। हालांकि, वाघा...
ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच रजा पहलवी की 50 साल बाद वापसी की संभावना
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ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच रजा पहलवी की 50 साल बाद वापसी की संभावना

तेहरान/नई दिल्ली: ईरान में महंगाई और करेंसी गिरावट के विरोध में दो हफ्ते से जारी प्रदर्शन और बढ़ते राजनीतिक अस्थिरता के बीच ईरान के अंतिम शाह के बेटे और कथित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का नाम चर्चा में है। रजा के समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों के बीच "वापस आओ रजा" के नारे लगाए हैं। रजा पहलवी 1978 में 17 साल की उम्र में पायलट ट्रेनिंग के लिए अमेरिका चले गए थे। इसी दौरान ईरान में राजशाही के खिलाफ बड़े प्रदर्शन शुरू हुए और 1979 में शाह को सत्ता छोड़नी पड़ी। तब से रजा विदेश में हैं। हालिया प्रदर्शनों में उन्होंने ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को चुनौती देने और बदलाव की अपील की है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि रजा पहलवी को ईरान में सामाजिक और राजनीतिक समर्थन केवल सीमित वर्ग से ही मिल रहा है। शाह के समर्थक पुराने राजशाही यादों में जी रहे हैं और रजा को इस वर्ग का समर्थन प्राप्त...
500 साल पहले पहुंची थी एक नाव: ग्रीनलैंड कैसे बना डेनमार्क का हिस्सा, ट्रंप ने क्या कहा
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500 साल पहले पहुंची थी एक नाव: ग्रीनलैंड कैसे बना डेनमार्क का हिस्सा, ट्रंप ने क्या कहा

नुक/कोपेनहेगेन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका यह कदम नहीं उठाएगा तो चीन और रूस इसे ले सकते हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड पर डेनमार्क की संप्रभुता को चुनौती देते हुए कहा, "500 साल पहले उनकी एक नाव वहां पहुंची थी, इसका मतलब यह नहीं कि इस जमीन पर उनका मालिकाना हक है।" इतिहास में देखें तो ग्रीनलैंड में पहली नॉर्डिक उपस्थिति 10वीं शताब्दी के अंत में हुई थी, जब वाइकिंग एरिक द रेड ने इसे बसाया। नॉर्स लोग सदियों तक दक्षिणी ग्रीनलैंड में रहे, लेकिन 1500 ईस्वी के आसपास उनकी आबादी गायब हो गई। करीब 200 साल बाद, 1721 में नॉर्वे के पादरी हैंस एगेडे डेनमार्क और नार्वे की मदद से ग्रीनलैंड पहुंचे। उन्होंने यहां रहने वाले इनुइट लोगों को ईसाई धर्म से जोड़ा। इसी यात्रा से ग्रीनलैंड में औपनिवेशिक काल की शुरुआत हुई। ...
सऊदी अरब ने हज-2026 के लिए शुरू किया खास डायरेक्ट प्रोग्राम, भारतीयों को मिलेगा फायदा
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सऊदी अरब ने हज-2026 के लिए शुरू किया खास डायरेक्ट प्रोग्राम, भारतीयों को मिलेगा फायदा

रियाद/नई दिल्ली: सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 के लिए अहम घोषणा की है। इस साल मई के आखिरी सप्ताह में आयोजित होने वाले हज के लिए अब दुनियाभर के मुसलमान "डायरेक्ट हज प्रोग्राम" के तहत पैकेज चुन सकते हैं। यह सुविधा सऊदी अरब के नुसुक हज प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए योग्य तीर्थयात्री अपने बजट, सेवाओं और सुविधाओं के हिसाब से अलग-अलग पैकेज की तुलना कर सकते हैं और पांच पसंदीदा विकल्प चुन सकते हैं। साथ ही डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किश्तों में भुगतान भी किया जा सकता है। भारत उन देशों में शामिल है, जहां से हर साल बड़ी संख्या में मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं। ऐसे में भारतीय मुसलमानों को इस डायरेक्ट प्रोग्राम से सीधे लाभ मिलेगा। सऊदी सरकार ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं या अपनी जानकारी अपडेट करें। परिवार के सदस्यों को एक साथ आवेदन...
अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच हिंद महासागर में गरजेंगे BRICS देशों के युद्धपोत चीन-रूस-ईरान की संयुक्त नौसैनिक ड्रिल शुरू, भारत ने बनाई दूरी दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी, भू-राजनीतिक संकेतों पर टिकी दुनिया की नजर
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अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच हिंद महासागर में गरजेंगे BRICS देशों के युद्धपोत चीन-रूस-ईरान की संयुक्त नौसैनिक ड्रिल शुरू, भारत ने बनाई दूरी दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी, भू-राजनीतिक संकेतों पर टिकी दुनिया की नजर

केपटाउन। अमेरिका से बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच BRICS देशों की संयुक्त नौसैनिक शक्ति प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चीन, रूस और ईरान के युद्धपोत दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में हिंद महासागर के रणनीतिक जलक्षेत्र में एक सप्ताह लंबे संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास शुक्रवार से शुरू हो गया है। दक्षिण अफ्रीका के सशस्त्र बलों ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, समुद्री लूट (पाइरेसी) रोधी अभियानों और आपसी सैन्य समन्वय को मजबूत करना है। यह ड्रिल ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कार्रवाई और प्रतिबंधित तेल टैंकरों की जब्ती को लेकर वैश्विक तनाव चरम पर है। भारत की गैरमौजूदगी ने खींचा ध्यान इस नौसैनिक अभ्यास की सबसे अहम बात यह रही कि BRICS का प्रमुख सदस्य भारत इसमें शामिल नहीं है। भारत, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका लंबे सम...
ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण जरूरी, नहीं तो रूस-चीन कर लेंगे कब्जा: ट्रंप डेनमार्क को खुली चेतावनी, सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी बरकरार नाटो में बढ़ा तनाव, यूरोप में चिंता की लहर
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ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण जरूरी, नहीं तो रूस-चीन कर लेंगे कब्जा: ट्रंप डेनमार्क को खुली चेतावनी, सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी बरकरार नाटो में बढ़ा तनाव, यूरोप में चिंता की लहर

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अब तक का सबसे सीधा और आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं किया, तो रूस और चीन वहां कब्जा कर लेंगे। उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए संकेत दिए कि इसके लिए सैन्य विकल्प भी पूरी तरह खारिज नहीं किए जा सकते। बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, “किसी इलाके की सुरक्षा के लिए उसका मालिकाना हक जरूरी होता है। आप किसी जगह को किराये पर लेकर उसकी रक्षा नहीं कर सकते। ग्रीनलैंड पर रूस और चीन की नजर है। हमें उसकी रक्षा करनी होगी और इसके लिए अमेरिका को वहां नियंत्रण लेना पड़ेगा।” डेनमार्क और यूरोप भड़के ट्रंप के इस बयान के बाद डेनमार्क, ग्रीनलैंड और यूरोपीय देशों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। डेनमार्क सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है क...