Wednesday, February 11

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भारत नहीं, ऑस्ट्रेलिया में बहती है दुनिया की सबसे प्राचीन नदी 40 करोड़ साल पुरानी फिंके नदी, डायनासोर से भी पहले की गवाह
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भारत नहीं, ऑस्ट्रेलिया में बहती है दुनिया की सबसे प्राचीन नदी 40 करोड़ साल पुरानी फिंके नदी, डायनासोर से भी पहले की गवाह

कैनबरा। अब तक माना जाता था कि नदियां भी समय के साथ जन्म लेती हैं, अपनी धारा बदलती हैं और अंततः सूख जाती हैं। लेकिन भूवैज्ञानिक शोधों ने इस धारणा को चुनौती दी है। दुनिया की सबसे प्राचीन जानी-मानी नदी आज भी अस्तित्व में है—और वह भारत में नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बहती है। इस नदी का नाम है फिंके नदी, जिसे स्थानीय अर्रेंटे भाषा में लारापिंटा कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार फिंके नदी लगभग 30 से 40 करोड़ वर्ष (300–400 मिलियन साल) पुरानी है। यह नदी डायनासोर के धरती पर आने से भी पहले मौजूद थी। माना जाता है कि जब पृथ्वी पर विशालकाय डायनासोर घूमते थे, तब भी यह नदी अपने मार्ग पर बह रही थी। रेगिस्तान में बहती अनोखी नदी ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी में स्थित फिंके नदी अपनी प्रकृति में बेहद अनोखी है। यह अधिकतर समय सूखी रहती है और रेत के बीच छोटे-छोटे जलकुंडों जैसी दिखाई देती है। बारिश के मौसम...
सऊदी अरब या UAE—किसके साथ खड़ा होगा पाकिस्तान? अरब दुनिया की वर्चस्व की जंग में फंसी इस्लामाबाद की कूटनीति
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सऊदी अरब या UAE—किसके साथ खड़ा होगा पाकिस्तान? अरब दुनिया की वर्चस्व की जंग में फंसी इस्लामाबाद की कूटनीति

इस्लामाबाद। अरब दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली देशों—सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)—के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान को कूटनीतिक असमंजस में डाल दिया है। दोनों देशों से दशकों पुराने सैन्य, आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों के चलते पाकिस्तान के सामने अब “किसके साथ और किसके खिलाफ” का सबसे कठिन सवाल खड़ा हो गया है। यह स्थिति पाकिस्तान के लिए वफादारी की परीक्षा बन चुकी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से टेलीफोन पर बातचीत कर सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि इस्लामाबाद खुले तौर पर किसी एक पक्ष का समर्थन करने से बच रहा है। खासतौर पर यमन में जारी संघर्ष के मुद्दे पर सऊदी अरब चाहता है कि पाकिस्तान खुलकर उसके साथ खड़ा हो, लेकिन पाकिस्तान की चुप्पी लगातार सवाल खड़े कर रही है। रक्षा समझौते के बावजूद झिझक पिछले वर्ष पाकिस्...
राफेल जेट से दहशत में चीन, J-16 विमान से किया नकली युद्धाभ्यास, भारत की 114 फ्रांसीसी जेट्स खरीदने की संभावना
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राफेल जेट से दहशत में चीन, J-16 विमान से किया नकली युद्धाभ्यास, भारत की 114 फ्रांसीसी जेट्स खरीदने की संभावना

बीजिंग/नई दिल्ली, 12 जनवरी 2026 – भारत के राफेल लड़ाकू विमान ने चीन को केवल डराया ही नहीं, बल्कि उसकी रणनीतिक तैयारियों को भी प्रभावित किया है। चीन ने हाल ही में भारतीय राफेल के खिलाफ J-16 फाइटर जेट का इस्तेमाल कर नकली युद्धाभ्यास किया। यह जानकारी चीन की सरकारी चैनल CCTV द्वारा जारी वीडियो में सामने आई है। वीडियो में दिखाया गया है कि J-16 और राफेल लड़ाकू विमान हवा में मुकाबला कर रहे हैं। इस नकली युद्धाभ्यास का आयोजन हेनान प्रांत के शुचांग में किया गया था। इसमें चीनी थल सेना की कम से कम 20 यूनिट्स ने भाग लिया। बोर्ड पर हवाई युद्ध का सीन दर्शाया गया और अधिकारी खतरों की ओर इशारा कर रहे थे। राफेल क्यों है चुनौती डिफेंस विशेषज्ञों का मानना है कि J-16 और राफेल को वॉरगेम सिमुलेशन के लिए चुना गया। J-16 की क्षमताओं को नए J-20 और J-35 जेट्स के मुकाबले सिमुलेट करना आसान है। वहीं, चीन को सिर्फ राफेल...
ईरान के हिंसक विरोध प्रदर्शनों से पाकिस्तान में बढ़ी चिंता, शहबाज शरीफ की नजर हर पल ईरान पर
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ईरान के हिंसक विरोध प्रदर्शनों से पाकिस्तान में बढ़ी चिंता, शहबाज शरीफ की नजर हर पल ईरान पर

इस्लामाबाद, 12 जनवरी 2026 – ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब तेहरान से पूरे देश में फैल चुके हैं, जिससे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ईरान में बढ़ती अस्थिरता पर दिन-रात नजर रख रही है, क्योंकि उसे लगता है कि अगर स्थिति बिगड़ी तो इसके गंभीर प्रभाव देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय संतुलन पर पड़ सकते हैं। पाकिस्तान और ईरान का लंबा बॉर्डर लगभग 900 किलोमीटर का है, जिसमें ज्यादातर पहाड़ी और बाड़ेबंदी से असुरक्षित इलाके शामिल हैं। इस वजह से पाकिस्तान को डर है कि ईरान में चल रही अशांति सीमा पार फैल सकती है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “पाकिस्तान इसे ईरान का अंदरूनी मामला मानता है, लेकिन पूरी सतर्कता से स्थिति पर नजर रख रहा है। हम पड़ोसी देश में अराजकता नहीं चाहते।” पाकिस्तानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक विरोध प्रदर्...
अमेरिकी कब्जे का डर: ग्रीनलैंड में NATO सेना बढ़ाने की तैयारी, यूरोप ने ट्रंप को संदेश देने की रणनीति बनाई
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अमेरिकी कब्जे का डर: ग्रीनलैंड में NATO सेना बढ़ाने की तैयारी, यूरोप ने ट्रंप को संदेश देने की रणनीति बनाई

कोपनहेगन, 12 जनवरी 2026 – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की धमकियों ने यूरोप में बेचैनी बढ़ा दी है। ट्रंप का कहना है कि अगर अमेरिका ने यह कदम नहीं उठाया तो रूस या चीन इस रणनीतिक क्षेत्र पर कब्जा कर सकते हैं। इस बीच, ब्रिटेन और जर्मनी के नेतृत्व में यूरोपीय नेताओं ने ग्रीनलैंड में NATO की सेना की मौजूदगी बढ़ाने पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया है। यूरोपीय देशों का मकसद स्पष्ट है – ट्रंप को यह संदेश देना कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा केवल अमेरिका का जिम्मा नहीं है, बल्कि यह एक साझा जिम्मेदारी है। ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी ने आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक संयुक्त NATO मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव पेश किया है। यूरोपीय सरकारें इस पहल से यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि आर्कटिक सुरक्षा मौजूदा संरचना और सहयोग के तहत ही मजबूत रहे। ट्रंप ने बा...
डोनाल्ड ट्रंप को लगेगा दोहरा झटका! भारत यूरोपीय संघ के साथ दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता करने के करीब
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डोनाल्ड ट्रंप को लगेगा दोहरा झटका! भारत यूरोपीय संघ के साथ दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता करने के करीब

नई दिल्ली/ब्रसेल्स: भारत और यूरोपीय संघ (EU) दुनिया का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करने के बेहद करीब हैं। इस महीने ब्रसेल्स में भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने EU के कारोबारी मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें संभावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत हुई। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार यह बातचीत अब अंतिम चरण में है। यह पहल विशेष रूप से अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और H-1B वीज़ा प्रतिबंधों से प्रभावित भारतीय व्यवसायों और प्रोफेशनल्स के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि EU के दरवाजे पूरी तरह खुलने से अमेरिकी असर को कम किया जा सकेगा, खासकर STEM प्रोफेशन में। चीन पर निर्भरता घटाने में मदद भारत और EU दोनों ही चीन पर अपनी निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहे हैं। यूरोप के क्रिटिकल रॉ मटीरियल्स एक्ट (CRMA) ने भारत को कच्चे माल के प्रमुख स्र...
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारतीय छात्रों की गिरफ्तारी की अफवाह झूठी, तेहरान ने दी सफाई
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ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारतीय छात्रों की गिरफ्तारी की अफवाह झूठी, तेहरान ने दी सफाई

तेहरान: ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत में फैली अफवाहों का तेहरान ने खंडन किया है। ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट किया है कि ईरानी पुलिस ने छह भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। राजदूत फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "ईरान में हो रहे डेवलपमेंट के बारे में कुछ विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स ऐसी खबरें चला रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत हैं। मेरी सभी से गुजारिश है कि वे ऐसी रिपोर्टों पर भरोसा न करें और केवल भरोसेमंद स्रोत से ही जानकारी लें।" 28 दिसंबर से ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 10,000 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। प्रदर्शन की शुरुआत महंगाई, आर्थिक संकट और करेंसी में गिरावट के विरोध में हुई थी। प्रदर्शनकारियों ...
पाकिस्तान-बांग्लादेश रक्षा संबंध पर भारत को बोलने का अधिकार नहीं, JF-17 जेट डील पर शहबाज सरकार का बयान
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पाकिस्तान-बांग्लादेश रक्षा संबंध पर भारत को बोलने का अधिकार नहीं, JF-17 जेट डील पर शहबाज सरकार का बयान

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ अपने रक्षा संबंधों को लेकर भारत की टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत द्वारा JF-17 थंडर लड़ाकू विमान की संभावित खरीद पर बयान देना "गलत और बेवजह दखलअंदाजी" है। सूत्रों ने कहा, "पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय सहयोग एक संप्रभु मामला है और इसके लिए किसी तीसरे देश की पुष्टि या अनुमति की आवश्यकता नहीं है। भारत को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।" इस बयान से पहले, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि नई दिल्ली इस मामले पर करीब से नजर रख रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 29 जनवरी से ढाका और कराची के बीच सीधे हवाई संपर्क को फिर से शुरू करने के मामले को मौजूदा व्यवस्थाओं के तहत मैनेज किया जाएगा। पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सि...
डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ घोषित किया, मादुरो को अमेरिका ने किया गिरफ्तार
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डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ घोषित किया, मादुरो को अमेरिका ने किया गिरफ्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का 'एक्टिंग राष्ट्रपति' घोषित कर दिया है। इस महीने अमेरिका द्वारा किए गए एक हमले में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को राजधानी काराकास से गिरफ्तार किया गया था। अब मादुरो के खिलाफ अमेरिका में ड्रग्स तस्करी और अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। ट्रंप ने मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद कहा था कि अमेरिका अब वेनेजुएला को नियंत्रित करेगा। इसी क्रम में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक डिजिटल रूप से बदली हुई तस्वीर साझा की, जिसमें उन्होंने खुद को "वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति" के रूप में दिखाया। इसके साथ ही उन्होंने विकिपीडिया के ऑफिशियल पेज को भी एडिट किया, जिसमें उनका ऑफिशियल पोर्ट्रेट इस्तेमाल किया गया। हालांकि, वेनेजुएला की संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार देश की अंतरिम लीडरशिप सुप्रीम ट्रिब्यूनल ऑफ जस्टिस और...
ईरान ने टेके घुटने? ट्रंप का बड़ा दावा—अमेरिका से समझौता चाहता है तेहरान, प्रदर्शन के बीच वार्ता की तैयारी
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ईरान ने टेके घुटने? ट्रंप का बड़ा दावा—अमेरिका से समझौता चाहता है तेहरान, प्रदर्शन के बीच वार्ता की तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए संपर्क किया है और दबाव से थककर अब समझौते की राह तलाश रहा है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं और देश गंभीर अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका के साथ वार्ता के लिए फोन किया है और बैठक की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “मुझे लगता है कि वे अमेरिका से पिटकर थक चुके हैं।” हालांकि ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि यदि बातचीत से पहले कोई “बुरी घटना” होती है तो अमेरिका कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने ईरान के विपक्षी नेताओं के संपर्क में होने का भी दावा किया। रुख में बदलाव के संकेत ईर...