
खार्तूम/इस्लामाबाद: सूडान में गृहयुद्ध लगातार तेज होता जा रहा है और इसमें अब पाकिस्तान की सक्रिय भागीदारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान सऊदी अरब समर्थित सरकार को मजबूत करने के लिए सूडान में प्रॉक्सी युद्ध को भड़का रहा है। इसके तहत पाकिस्तान अब्देल फत्ताह अल-बुरहान की सैन्य सरकार को JF-17 लड़ाकू विमान और हथियारों की सप्लाई देने जा रहा है।
सूचना के अनुसार, यह सौदा करीब 4 अरब डॉलर का है, जिसमें मिसाइलें, हल्के हमलावर विमान और लगभग 1.5 अरब डॉलर के एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इस डील के जरिए पाकिस्तान सऊदी अरब से अपने लोन में लगभग 2 अरब डॉलर की कटौती भी हासिल करेगा।
सूडान में जारी यह गृहयुद्ध, जिसमें बुरहान की सेना और मोहम्मद हमदान “हेमेती” की कमान वाली रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) आमने-सामने हैं, अब क्षेत्रीय शक्तियों के लिए भी युद्ध का मैदान बन गया है। सऊदी अरब बुरहान की सरकार का समर्थन कर रहा है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) RSF का पक्ष ले रहा है। पाकिस्तान की एंट्री ने सऊदी पक्ष को मजबूती दी है और UAE के प्रभाव को कम किया है।
अमेरिका और UAE को भी धोखा
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान इस सौदे के जरिए अमेरिका को भी धोखा दे रहा है। अमेरिका, पाकिस्तान को लंबे समय से सैन्य मदद, इंटेलिजेंस और डिप्लोमेटिक समर्थन प्रदान करता रहा है। इसके बावजूद पाकिस्तान ने चीनी लाइसेंस वाले JF-17 लड़ाकू विमान सूडान को बेचकर अमेरिका समर्थित गठबंधन को कमजोर किया। इसी तरह, UAE का एक अरब डॉलर का निवेश भी पाकिस्तान के इस कदम से प्रभावित हुआ है।
सूडान का मानवीय संकट
15 अप्रैल 2023 से शुरू हुए इस गृहयुद्ध में अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में अनुमान है कि अकाल, बीमारी और हिंसा के कारण मृतकों की संख्या 4 लाख से अधिक हो सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की यह भूमिका सऊदी अरब के हितों को बढ़ावा देने और हॉर्न ऑफ अफ्रीका में रणनीतिक प्रभाव बनाए रखने के लिए की जा रही है। हालांकि, इस कदम से क्षेत्रीय तनाव और मानवाधिकार संकट गहरा रहा है।