
मास्को: अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर अपना दावा करने के प्रयासों के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वैचारिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने रूस को दुनिया के सात देशों में अपना प्रभाव बढ़ाने की सलाह दी है। दुगिन का कहना है कि जिस तरह अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर ग्रीनलैंड पर दबाव डाल रहा है, रूस को भी उसी तर्क को अपनाकर अपने क्षेत्रीय विस्तार को मजबूती देनी चाहिए।
दुगिन ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और कनाडा को अमेरिकी क्षेत्र बताने वाले नक्शे जारी करने के कदम से रूस को यूरेशिया में अपने पुराने प्रभाव वाले क्षेत्रों में कदम बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने उन सात देशों का नाम लिया, जिन पर रूस को अपना प्रभाव बढ़ाने पर विचार करना चाहिए: आर्मेनिया, जॉर्जिया, अजरबैजान, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिज़स्तान।
दुगिन ने कहा, “अगर ट्रंप कहते हैं कि यह इलाका अमेरिकी होगा, तो हमें भी कहना चाहिए कि यह हमारा इलाका है और यह रूस का होगा।” उन्होंने रूस को मध्य एशिया और काकेशस में राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य प्रभाव बढ़ाने की सलाह दी। दुगिन के अनुसार, इन इलाकों में लाखों लोग रूस में काम करते हैं और वहां से अपने देशों में पैसा भेजते हैं, जो रूस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा दुगिन ने रूस को बाल्टिक देशों और मोल्डोवा में भी दबाव बढ़ाने की चेतावनी दी और अंतरराष्ट्रीय कानून को दरकिनार करते हुए ‘यूरेशियन मोनरो डॉक्ट्रिन’ अपनाने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि वर्तमान दुनिया में केवल शक्ति, क्रूरता और व्यापक प्रभाव से ही परिणाम निकलते हैं।