पाकिस्तानी सेना को ‘अल्लाह की फौज’ में बदलने की राह पर असीम मुनीर क्या जिया उल हक का अधूरा सपना कर रहे हैं पूरा?
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर बीते कुछ महीनों से न केवल सैन्य प्रतिष्ठान बल्कि देश की सत्ता संरचना पर भी अपनी पकड़ लगातार मज़बूत करते दिखाई दे रहे हैं। उनकी बढ़ती ताकत का सबसे बड़ा असर पाकिस्तानी सेना के तेज़ी से होते इस्लामीकरण के रूप में सामने आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल मुनीर वही राह अपना रहे हैं, जिसका सपना 1980 के दशक में सैन्य तानाशाह जनरल जिया उल हक ने देखा था।
हाल ही में लाहौर में एक कार्यक्रम के दौरान जनरल मुनीर ने कहा कि “पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर बना देश है और अब अपने असली उद्देश्य की ओर लौट रहा है।” उनके इस बयान ने एक बार फिर उनके कट्टर धार्मिक रुख को रेखांकित कर दिया है। पिछले एक साल में मुनीर कई ऐसे भाषण दे चुके हैं, जिनमें इस्लामी विचारधारा की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
सेना की भाषा भी बदली, धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल
इंडिया टुडे की ए...










