ब्रह्मोस का हाइपरसोनिक अवतार: भारत-रूस मिलकर बना रहे अगली पीढ़ी का घातक हथियार, चीन की रणनीति पर सीधी चुनौती
नई दिल्ली/मॉस्को।
भारत और रूस मिलकर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को हाइपरसोनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। यदि यह परियोजना सफल होती है तो यह एशिया की सामरिक शक्ति-संतुलन में बड़ा बदलाव ला सकती है। ब्रह्मोस-2 नाम से विकसित हो रही यह मिसाइल चीन के लिए आने वाले कई वर्षों तक एक ऐसी चुनौती होगी, जिसका प्रभावी जवाब ढूंढना आसान नहीं होगा।
रूस की अग्रणी मिसाइल निर्माता कंपनी NPO माशिनोस्ट्रोयेनिया के डायरेक्टर जनरल और चीफ डिज़ाइनर अलेक्जेंडर लियोनोव ने पुष्टि की है कि भारत और रूस ब्रह्मोस मिसाइल की स्पीड और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा सुपरसोनिक ब्रह्मोस को हाइपरसोनिक श्रेणी में ले जाने के लिए तकनीकी आधुनिकीकरण जारी है।
मैक-5 से मैक-7 की रफ्तार, इंटरसेप्शन लगभग नामुमकिन
ब्रह्मोस-2 को एक नेक्स्ट-जेनरेशन हाइपरसोनिक क्रूज मिसा...










