यूरोप बाहर, पुतिन अंदर: ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस पश्चिमी एकता को तोड़ सकता है
वॉशिंगटन/मॉस्को/दावोस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की खबर ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। बोर्ड का उद्देश्य गाजा में युद्धविराम समझौते की निगरानी और क्षेत्रीय शांति स्थापित करना है, लेकिन यूरोप की बड़ी शक्तियों ने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया है।
क्रेमलिन ने बताया कि रूस इस न्योते का जवाब तब देगा जब विदेश मंत्रालय इसे पूरी तरह समीक्षा कर ले और रणनीतिक साझेदारों से विचार-विमर्श कर ले। रूस ने बोर्ड में स्थायी सदस्यता के लिए 1 अरब डॉलर शुल्क के संदर्भ में भी दांव खेला है और कहा है कि यह शुल्क यूक्रेन युद्ध के बाद जब्त की गई रूसी संपत्तियों से ही भुगतान किया जाएगा।
ट्रंप ने दुनिया के 59 नेताओं को बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है। अब तक इजरायल, मिस्र, सऊदी अरब, यूएई, तुर्की, मोरक्क...










