
इस्लामाबाद।
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ते ही पाकिस्तान और तुर्की के सैन्य संबंधों पर भी नजरें हैं। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने शुक्रवार को तुर्की के मिलिट्री जनरल स्टाफ जनरल सेल्कुक बायराकटारोग्लू से रावलपिंडी में मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया।
मुख्य बिंदु:
- दोनों देशों ने सैन्य संबंधों को मजबूत करने और संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाने पर सहमति जताई।
- तुर्की पाकिस्तान के अंदर एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए तुर्की का हाई‑लेवल डेलिगेशन पहले ही पाकिस्तान का दौरा कर चुका है।
- तुर्की ने पाकिस्तान की अगोस्टा 90B‑क्लास पनडुब्बियों को आधुनिक बनाने में मदद की और ड्रोन सहित एडवांस्ड हथियार भी सप्लाई किए हैं।
- पिछले साल अगस्त में दोनों देशों की नौसेनाओं ने द्विपक्षीय एम्फीबियस अभ्यास किया था। फरवरी 2025 में आयोजित अतातुर्क‑XIII अभ्यास में स्पेशल फोर्सेज यूनिट्स की ट्रेनिंग के जरिए फील्ड ऑपरेशन क्षमता बढ़ाई गई।
- पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने तुर्की की सहायता का स्वागत किया और सैन्य‑से‑सैन्य सहयोग को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
विशेष टिप्पणी:
मुलाकात ऐसे समय में हुई जब मिडिल ईस्ट में ईरान पर संभावित अमेरिकी हमला और सऊदी‑यूएई के तनाव ने क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित किया है। तुर्की फिलहाल सैन्य गठबंधन में शामिल नहीं हुआ है, लेकिन भविष्य में इस दिशा में कदम बढ़ सकता है।
नतीजा:
पाकिस्तान और तुर्की के बीच गहरे सैन्य और वैचारिक संबंधों को देखते हुए, क्षेत्रीय सुरक्षा और सामरिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में यह मुलाकात अहम मानी जा रही है।