
तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वह ईरानी तेल और गैस के संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो उसे क्षेत्रीय युद्ध का सामना करना पड़ेगा। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट के माध्यम से लिखा कि ईरान के तेल, गैस, खनिज और भौगोलिक स्थिति अमेरिका के लिए आकर्षक हैं, लेकिन ईरानी कौम मजबूती से खड़ा है और किसी भी विदेशी दबाव को सहन नहीं करेगी।
सुप्रीम लीडर का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की ताकत बढ़ा दी गई है। खामेनेई ने कहा कि अमेरिका 30 से अधिक वर्षों तक ईरान के तेल, राजनीति और सुरक्षा संसाधनों पर नियंत्रण रखता था, लेकिन अब उनकी पकड़ कमजोर हो चुकी है। ईरानी जनता और नेतृत्व मिलकर इस कोशिश को नाकाम करेंगे।
ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन जल्दी ही सत्ता विरोधी आंदोलन में बदल गए। ईरानी सरकार ने अब तक 3,117 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों का अनुमान 20,000 से अधिक मौतों का है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्यालयों, बैंकों और मस्जिदों पर हमला किया, जिसे खामेनेई ने “बगावत” बताया।
तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम में खामेनेई ने कहा, “अगर अमेरिका इस बार युद्ध शुरू करता है, तो यह पूरे क्षेत्र में संघर्ष का कारण बनेगा। ईरान मजबूती से खड़ा है और रहेगा। अल्लाह की इच्छा से अमेरिका की शरारतों का अंत होगा।”
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बयान दिया कि वे ईरान के साथ समझौते की संभावना पर आशान्वित हैं, लेकिन खामेनेई की ताजा चेतावनी यह स्पष्ट कर देती है कि ईरान घुटने टेकने के मूड में नहीं है।