
तेहरान/वॉशिंगटन।
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका ने ईरान को चारों ओर से सैन्य रूप से घेरने की व्यापक तैयारी कर ली है। अमेरिकी वायुसेना के C‑17 और C‑5 सुपर गैलेक्सी कार्गो विमान लगातार मध्य पूर्व के अलग‑अलग सैन्य अड्डों पर उतर रहे हैं और भारी मात्रा में हथियार व सैन्य साजो‑सामान पहुंचा रहे हैं। वहीं समुद्र से लेकर आसमान तक अमेरिका ने अपनी ताकत झोंक दी है।
उत्तरी अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन की तैनाती
अमेरिका का शक्तिशाली USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप उत्तरी अरब सागर में तैनात है। इस कैरियर के साथ तीन गाइडेड‑मिसाइल डिस्ट्रॉयर और पूरा कैरियर एयर विंग मौजूद है, जिसमें शामिल हैं—
- F/A‑18E सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट
- F‑35C लाइटनिंग‑II स्टील्थ फाइटर जेट
- EA‑18G ग्राउलर इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जेट
इसके अलावा USS डेल्बर्ट डी. ब्लैक, USS मैकफॉल और USS मिट्शर जैसे अत्याधुनिक डिस्ट्रॉयर भी क्षेत्र में तैनात हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष नजर
सीएनएन के मुताबिक, बहरीन में तैनात तीन लिटोरल कॉम्बैट शिप्स—USS सांता बारबरा, USS कैनबरा और USS तुलसा—को माइनस्वीपिंग ड्यूटी के लिए तैयार रखा गया है। आशंका है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइंस बिछाई हो सकती हैं।
अमेरिकी ड्रोन और टोही विमान लगातार फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।
कतर में एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती
ईरान से संभावित बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए अमेरिका ने THAAD और पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी तैनात किए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में कतर के अल‑उदीद एयर बेस पर इनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
टॉमहॉक मिसाइलों से शुरुआती हमले की आशंका
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर संघर्ष शुरू होता है तो अमेरिका की ओर से शुरुआती हमला टॉमहॉक लैंड अटैक मिसाइलों से किया जा सकता है। इन मिसाइलों की मारक क्षमता 1000 मील से अधिक है और ये भारी वारहेड ले जाने में सक्षम हैं।
अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप आमतौर पर एक हमलावर परमाणु पनडुब्बी के साथ चलता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं की जाती।
आसमान में ईंधन, जमीन पर हथियार
- कतर में E‑11A हाई‑एल्टीट्यूड कम्युनिकेशन रिले एयरक्राफ्ट की तैनाती
- F‑15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमानों का स्क्वाड्रन क्षेत्र में सक्रिय
- अटलांटिक पार कर 8 से अधिक एयर टैंकर विमान स्पेन के मोरोन एयर बेस पर उतरे
ये टैंकर फाइटर जेट्स और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर विमानों को हवा में ही ईंधन उपलब्ध कराएंगे।
ट्रंप की खुली चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ईरान अमेरिकी शर्तों को नहीं मानता, तो “अगला हमला पहले से कहीं ज्यादा भयानक होगा।”
परमाणु ठिकाने भी निशाने पर
पिछले वर्ष ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों में B‑2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स और गाइडेड‑मिसाइल पनडुब्बियों का इस्तेमाल किया गया था। अमेरिका के पास ओहियो‑क्लास की ऐसी पनडुब्बियां हैं, जो एक साथ 154 टॉमहॉक मिसाइलें दाग सकती हैं।