
ओउगादोउगोउ।
पश्चिमी अफ्रीका के बुर्किना फासो में सत्ता पर कब्ज़ा कर चुके सेना के युवा जनरल कैप्टन इब्राहिम ट्रोरे ने देश के सभी राजनीतिक दलों को भंग कर दिया है। सरकार ने आदेश जारी कर राजनीतिक दलों की संपत्तियों को जब्त कर लिया है।
सेना का शासन और राजनीतिक दलों का खात्मा
बुर्किना फासो में सेना का शासन सितंबर 2022 में कैप्टन ट्रोरे के तख़्तापलट के बाद से चल रहा है। इससे पहले देश में बहुदलीय व्यवस्था थी। आदेश के अनुसार, राजनीतिक दल समाज में बंटवारा पैदा करते हैं और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करते हैं।
गृहमंत्री इमिले जेर्बो ने कहा, “देश की समीक्षा में यह पाया गया कि राजनीतिक दल बंटवारे को बढ़ावा देते हैं। यह फैसला देश के पुनर्निर्माण और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।”
पिछले राजनीतिक परिदृश्य का हाल
- बुर्किना फासो में तख़्तापलट से पहले 100 पंजीकृत राजनीतिक दल थे।
- 2020 के आम चुनाव में 15 दलों के सांसद संसद में प्रतिनिधित्व करते थे।
- ट्रोरे के सत्ता में आने से पहले राष्ट्रपति रोच मार्क काबोरे को हटाया गया था।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सुरक्षा सहयोग
इब्राहिम ट्रोरे ने सत्ता संभालने के बाद फ्रांस से अपने औपनिवेशिक संबंध तोड़ दिए और रूस से सुरक्षा सहयोग मांगा। 2024 में सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को आदेश दिया कि बीबीसी, वॉइस ऑफ अमेरिका जैसी पश्चिमी न्यूज़ वेबसाइटों को बंद कर दें। ट्रोरे रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी मिल चुके हैं।
बुर्किना फासो ने पड़ोसी देशों माली और नाइजर के साथ मिलकर साहेल इलाके में सैन्य और आर्थिक गठबंधन बनाया है। ये तीनों देश सैन्य शासन और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।