Sunday, June 14

This slideshow requires JavaScript.

निपाह वायरस: कोविड से कई गुना ज्यादा घातक, भारत में मरीजों के मिलने से दुनिया में अलर्ट

नई दिल्ली/कैनबरा।
भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (NiV) से संक्रमित दो मरीजों के मिलने के बाद विश्व स्वास्थ्य समुदाय में चिंता की लहर फैल गई है। चीन, पाकिस्तान, थाईलैंड, सिंगापुर से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक में अलर्ट जारी किया गया है और कई देशों ने एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच कड़ी कर दी है।

This slideshow requires JavaScript.

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल में दो निपाह वायरस मरीज मिले थे। उनके संपर्क में आए 196 लोगों का टेस्ट किया गया, लेकिन सभी का परिणाम निगेटिव आया। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ऑस्ट्रेलिया और एशियाई देश सतर्क

ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने कहा कि सरकार भारत में मिले मामलों पर “करीबी निगरानी” रख रही है। उन्होंने नाइन नेटवर्क टेलीविजन से कहा कि “हालांकि वायरस के फैलने पर नियंत्रण पाया गया है, फिर भी हम इसे गंभीरता से देख रहे हैं।”
इसी तरह इंडोनेशिया ने बाली के प्रमुख एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच तेज कर दी है।

निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है?

निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। इंसान से इंसान में संक्रमण कम होता है और आमतौर पर सीमित मामलों में ही फैलता है। WHO ने निपाह वायरस को अपनी प्रायोरिटी पैथोजन लिस्ट में शामिल किया है क्योंकि यह गंभीर सांस और न्यूरोलॉजिकल बीमारियां पैदा कर सकता है।

लक्षण: बुखार और सिरदर्द से शुरुआत होती है, गंभीर मामलों में एक्यूट एन्सेफलाइटिस (दिमाग की सूजन) तक जा सकता है। संक्रमण की शुरुआत के 24–48 घंटे में लक्षण दिखने लगते हैं, और मरीज कोमा में भी जा सकता है। मृत्यु दर 40–75 प्रतिशत तक हो सकती है।

इतिहास और भारत में प्रसार

  • निपाह वायरस सबसे पहले 1998 में मलेशिया और सिंगापुर में पाया गया।
  • भारत में पहला मामला 2001 में सिलीगुड़ी और फिर 2007 में पश्चिम बंगाल में सामने आया।
  • 2018 में केरल में दर्जनों मौतें हुईं।
  • वायरस के फैलने का मुख्य कारण चमगादड़ों से दूषित फल और ताड़ का रस माना जाता है।

विश्व स्वास्थ्य समुदाय की चेतावनी

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन और नागासाकी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ काजा अब्बास ने कहा, “हालांकि निपाह वायरस इंसान से इंसान में सीमित रूप से फैलता है, लेकिन गंभीर बीमारी और उच्च मृत्यु दर इसे वैश्विक स्वास्थ्य के लिए खतरा बनाती है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत और आसपास के देशों से सतर्क रहने और मरीजों के शीघ्र पहचान तथा आइसोलेशन की सलाह दी है।

Leave a Reply