Wednesday, March 11

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मोदी से बातचीत, इंडिया गेट की तस्वीर और मैगजीन वाला पोस्ट: ट्रंप को अचानक क्यों आई भारत की याद?
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मोदी से बातचीत, इंडिया गेट की तस्वीर और मैगजीन वाला पोस्ट: ट्रंप को अचानक क्यों आई भारत की याद?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर लगातार किए जा रहे सोशल मीडिया पोस्ट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई फोन बातचीत ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पहले ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ इंडिया टुडे मैगजीन के कवर पेज की तस्वीर साझा की, फिर इंडिया गेट की फोटो पोस्ट कर उसे “भारत का खूबसूरत विजय द्वार” बताया। इसी बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत हुई है। इन घटनाओं के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ट्रंप को अचानक भारत की याद क्यों आई और दोनों नेताओं के बीच किन अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दूसरे कार्यकाल में रिश्तों में बढ़ा था तनाव डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों में पहले जैसी गर्मजोशी नहीं दिखी। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया, वहीं पा...
इंडिया गेट की तस्वीर के साथ ट्रंप का पोस्ट: क्या विजय स्मारक के बहाने संदेश देना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?
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इंडिया गेट की तस्वीर के साथ ट्रंप का पोस्ट: क्या विजय स्मारक के बहाने संदेश देना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इंडिया गेट की तस्वीर साझा किए जाने से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इंडिया गेट को “भारत का खूबसूरत विजय द्वार” बताते हुए लिखा— “हमारा वाला उन सबमें सबसे महान होगा।” ट्रंप के इस बयान ने अटकलों को जन्म दे दिया है कि वह वॉशिंगटन डीसी में भी किसी भव्य विजय स्मारक के निर्माण की योजना बना रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने अपने पोस्ट में किसी योजना का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान उनके नेतृत्व, सैन्य शक्ति और वैश्विक प्रभाव को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। क्यों इंडिया गेट पर गई ट्रंप की नजर माना जा रहा है कि राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल में ट्रंप अपने कार्यों को ऐतिहासिक रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उन्हों...
इस्लामिक नाटो की हकीकत: क्यों नामुमकिन है मुस्लिम देशों का सैन्य गठबंधन, पाकिस्तान-सऊदी का सपना अधूरा
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इस्लामिक नाटो की हकीकत: क्यों नामुमकिन है मुस्लिम देशों का सैन्य गठबंधन, पाकिस्तान-सऊदी का सपना अधूरा

इस्लामाबाद/रियाद।मुस्लिम देशों के कथित सैन्य गठबंधन यानी ‘इस्लामिक नाटो’ का विचार एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यह सपना फिलहाल हकीकत से कोसों दूर नजर आता है। पाकिस्तान और सऊदी अरब जिस इस्लामिक नाटो की कल्पना कर रहे हैं, उस पर अब पानी फिरता दिखाई दे रहा है। तुर्की के स्पष्ट इनकार के बाद यह साफ हो गया है कि मुस्लिम देशों के बीच नाटो जैसा मजबूत सैन्य गठबंधन बनना लगभग नामुमकिन है। दरअसल, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने हाल के वर्षों में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच एक रक्षा समझौता किया, जिसके तहत एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा। इसी समझौते के बाद दोनों देशों ने अन्य मुस्लिम मुल्कों को भी इस संभावित सैन्य गठबंधन में शामिल होने का न्योता देना शुरू किया। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने यहां तक कह दिया कि यदि और मुस्लिम देश इसमें शामिल होते है...
केंद्रीय बजट में अफगानिस्तान की मदद बढ़ाने पर तालिबान ने की भारत की सराहना
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केंद्रीय बजट में अफगानिस्तान की मदद बढ़ाने पर तालिबान ने की भारत की सराहना

काबुल/नई दिल्ली, 2 फरवरी: भारत सरकार द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 में अफगानिस्तान के लिए विकास सहायता बढ़ाने के फैसले का अफगान तालिबान ने स्वागत किया है। तालिबान नेतृत्व ने इसे दोनों देशों के संबंधों में सुधार का संकेत बताया है। बजट में भारत ने अफगानिस्तान के लिए विकास सहायता 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 150 करोड़ रुपये कर दी है। यह राशि विदेश मंत्रालय के माध्यम से अफगानिस्तान को उपलब्ध कराई जाएगी। पिछले वर्ष की तुलना में यह 50 करोड़ रुपये की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे स्थल-रुद्ध (लैंडलॉक्ड) अफगानिस्तान के लिए यह मदद अहम साबित हो सकती है। तालिबान की प्रतिक्रिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कतर में अफगानिस्तान के प्रतिनिधि और तालिबान के वरिष्ठ नेता सुहैल शाहीन ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बजट आवंटन में वृद्धि से संकेत मिलता है कि दोनों देश आ...
चागोस द्वीप पर नया विवाद: मालदीव ने जताया दावा, डिएगो गार्सिया बेस पर अमेरिका को प्रस्ताव
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चागोस द्वीप पर नया विवाद: मालदीव ने जताया दावा, डिएगो गार्सिया बेस पर अमेरिका को प्रस्ताव

माले/वॉशिंगटन, 2 फरवरी: हिंद महासागर स्थित चागोस द्वीपसमूह को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवाद गहराता नजर आ रहा है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने संकेत दिया है कि यदि चागोस द्वीपसमूह मालदीव को सौंप दिया जाता है, तो अमेरिका डिएगो गार्सिया स्थित अपने रणनीतिक नौसैनिक अड्डे का उपयोग जारी रख सकता है। उनके इस बयान ने मॉरीशस और ब्रिटेन से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है। चागोस द्वीपसमूह लगभग 60 द्वीपों का समूह है, जो मालदीव से करीब 500 किलोमीटर दूर स्थित है। इसका सबसे बड़ा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण द्वीप डिएगो गार्सिया है, जहां अमेरिका का प्रमुख सैन्य अड्डा स्थित है। वर्तमान में इस क्षेत्र का प्रशासनिक नियंत्रण ब्रिटेन के पास है, हालांकि 2024 में ब्रिटेन ने मॉरीशस की संप्रभुता को स्वीकार करने का समझौता किया था। मुइज्जू का प्रस्ताव क्या है? अमेरिकी पत्रिका न्यूजवीक को दिए साक...
बलूचों के हमले से थर्राया चीन, ग्वादर पोर्ट पर CPEC का काम रोका, पाकिस्तानी सेना ने की 20 ड्रोन हमलों की कार्रवाई
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बलूचों के हमले से थर्राया चीन, ग्वादर पोर्ट पर CPEC का काम रोका, पाकिस्तानी सेना ने की 20 ड्रोन हमलों की कार्रवाई

इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के समन्वित हमलों ने ग्वादर पोर्ट और क्षेत्रीय सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों से चीन ने अपने सभी जमीनी ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए और अपने कर्मचारियों को वापस बुला लिया। पाकिस्तान की सेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत नोशकी के किल्ली जमालदीनी में कम से कम 20 ड्रोन हमले किए, जिनमें कई नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की मौत की खबर है। चीन ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित कियासीएनएन न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपने सभी जमीनी स्टाफ को बलूचिस्तान से निकाल लिया है। हालांकि पाकिस्तानी सपोर्ट स्टाफ चीन के फंड वाले प्रोजेक्ट्स पर जमीनी स्तर पर काम जारी रखेगा, लेकिन चीनी टीमें दूर से स्थिति पर नजर रख रही हैं। चीन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल सुरक्षा आकलन के लिए है और इसका मतलब CPEC परियोजनाओं से पीछे हटना नहीं है। BLA के हमले का प...
बलूचिस्तान हमला: पाकिस्तान की नाकामी पर तालिबान का करारा जवाब
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बलूचिस्तान हमला: पाकिस्तान की नाकामी पर तालिबान का करारा जवाब

काबुल: बलूचिस्तान के 12 शहरों में हुए हालिया हमलों के बाद पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान पर आरोप लगाने की कोशिश की, लेकिन अफगानिस्तान के तालिबान ने इसे तुरंत खारिज कर दिया और पाकिस्तान की रणनीति की पोल खोल दी। तालिबान नियंत्रित हुर्रियत रेडियो ने कहा कि पाकिस्तान वर्षों से आंतरिक अस्थिरता और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए झूठी कहानियां गढ़ता रहा है। बशीर जेब ने पाकिस्तानी दावों की हवा निकाल दीतालिबानी मीडिया ने बलूच अलगाववादी नेता बशीर जेब का नाम विशेष रूप से लिया। पाकिस्तान हमेशा दावा करता रहा कि जेब उत्तरी अफगानिस्तान में तालिबान के संरक्षण में है, लेकिन हालिया हमले में वह बलूचिस्तान में हमलावरों का नेतृत्व करते हुए देखा गया, जिससे स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तान के दावे झूठ और मनगढ़ंत हैं। पाकिस्तान का नियंत्रण कमजोरतालिबान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार और उसके मीडिया संस्थान बार-बार झूठे आ...
बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी का भारत पर बड़ा बयान, कहा – सत्ता में आने पर होंगे अच्छे संबंध
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बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी का भारत पर बड़ा बयान, कहा – सत्ता में आने पर होंगे अच्छे संबंध

ढाका: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले पाकिस्तान समर्थक मानी जाने वाली जमात-ए-इस्लामी ने भारत के साथ अपने संभावित रिश्तों को लेकर अहम बयान दिया है। शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध और देश में हाल ही की राजनीतिक हलचल के बीच जमात-ए-इस्लामी इस चुनाव में प्रमुख दावेदार बनकर उभरी है। भारत के साथ संबंधों पर आशावादजमात-ए-इस्लामी के असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल और मीडिया प्रमुख अहसानुल महबूब जुबैर ने ABP लाइव से कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने की आशा रखती है। जुबैर ने कहा, “हमने कभी तानाशाह ताकतों के सामने घुटने नहीं टेके और भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हुए। अब बांग्लादेश के लोग हमें भरोसा देने को तैयार हैं।” चुनावी गठबंधन और प्रमुख मुद्देइस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी 11 पार्टियों के बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। जुबैर ने कहा कि च...
भारत-यूरोप फ्री ट्रेड डील: पाकिस्तानी विशेषज्ञ ने दी चेतावनी, कहा – नहीं तो आएगी तबाही
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भारत-यूरोप फ्री ट्रेड डील: पाकिस्तानी विशेषज्ञ ने दी चेतावनी, कहा – नहीं तो आएगी तबाही

इस्लामाबाद: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच “मदर ऑफ ऑल फ्री ट्रेड डील” ने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस डील से उत्पन्न होने वाले आर्थिक दबाव से चिंतित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के मुकाबले पाकिस्तान वैश्विक व्यापार में पिछड़ रहा है और यदि उसने यूरोपीय संघ के साथ तत्काल व्यापक ट्रेड समझौता नहीं किया, तो इसका खामियाजा भारी होगा। पाकिस्तानी विशेषज्ञ की चेतावनीइंटरनेशनल ट्रेड विशेषज्ञ शमसुल इस्लाम खान ने पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून में लिखा कि भारत-यूरोप की ट्रेड डील वैश्विक वाणिज्य का परिदृश्य बदल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के कारण भारत के टेक्सटाइल और वस्त्र निर्यात पर असर पड़ा था। इसके चलते यूरोपीय बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ रही है और पाकिस्तानी निर्यातकों के लिए चुनौती पैदा हो रही है। विशेष...
नार्वे के शीर्ष राजनयिक की भारत विरोधी टिप्पणी, एपस्टीन फाइल में खुलासा
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नार्वे के शीर्ष राजनयिक की भारत विरोधी टिप्पणी, एपस्टीन फाइल में खुलासा

वॉशिंगटन: नार्वे के वरिष्ठ राजनयिक टेर्जे रॉड-लार्सन का नाम अमेरिकी दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी हाल ही में जारी फाइलों में सामने आया है। इन फाइलों में लार्सन की भारतीयों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी का खुलासा हुआ है। फाइलों के अनुसार, लार्सन ने 25 दिसंबर 2025 को एपस्टीन को भेजे एक ईमेल में लिखा था:"क्या आपने यह कहावत सुनी है: जब किसी भारतीय और सांप से सामना हो, तो भारतीय को पहले मार दो।" यह टिप्पणी तब सामने आई जब एपस्टीन ने लार्सन को एक भारतीय राजनेता का ईमेल फॉरवर्ड किया था। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नार्वे के वरिष्ठ राजनयिक की जमकर आलोचना की। कई यूजर्स ने इसे घटिया और नस्लभेदी टिप्पणी करार दिया। टेर्जे रॉड-लार्सन कौन हैं?रॉड-लार्सन नार्वे के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ हैं और उन्होंने नार्वे में मंत्री के रूप में भी कार्य किया है। उन्हें 1990 में इजरायल और फिलिस्तीन मुक्त...