Tuesday, February 10

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रूस-यूक्रेन युद्ध पर उम्मीद की किरण: पुतिन से आधी रात में मिले ट्रंप के दूत, आज होगी पहली त्रिपक्षीय बातचीत
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रूस-यूक्रेन युद्ध पर उम्मीद की किरण: पुतिन से आधी रात में मिले ट्रंप के दूत, आज होगी पहली त्रिपक्षीय बातचीत

वॉशिंगटन/मॉस्को/अबू धाबी। अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के प्रयास तेज हो गए हैं। गुरुवार देर रात, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूतों से मुलाकात की और युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित फ्रेमवर्क पर चर्चा की। अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल में स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर और जोश ग्रुएनबाम शामिल थे। ट्रंप ने हाल ही में इन्हें बोर्ड ऑफ पीस में वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया था, जिसका काम गाजा में युद्धविराम के बाद पुनर्निर्माण और अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाना है। क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने आधी रात के समय अमेरिकी दूतों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव और विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव भी मौजूद थे। मुलाकात का वीडियो भी जारी किया गया है। हालांकि, बातचीत के दौरान रूस ने अपन...
कनाडा-यूएस तनाव बढ़ा, ट्रंप का न्योता रद्द, कार्नी ने कहा- हम अमेरिका के भरोसे नहीं जिएं
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कनाडा-यूएस तनाव बढ़ा, ट्रंप का न्योता रद्द, कार्नी ने कहा- हम अमेरिका के भरोसे नहीं जिएं

ओटावा/दावोस। कनाडा और अमेरिका के बीच रिश्ते इन दिनों तनावपूर्ण हो गए हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दावोस में हुए वार्तालाप ने इस स्थिति को और बढ़ा दिया। ट्रंप ने कार्नी को 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का न्योता वापस ले लिया, जबकि कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा अमेरिका पर निर्भर नहीं है। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अपने भाषण में कार्नी ने अमेरिकी नीतियों की आलोचना की और कहा कि अब वैश्विक नेतृत्व में चीन और भारत जैसे देश आगे आने चाहिए। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि कनाडा अमेरिका की वजह से ही सुरक्षित और समृद्ध है। कार्नी ने इसका कड़ा जवाब देते हुए कहा, "कनाडा इसलिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि हम कनाडाई हैं। यह कहना गलत होगा कि कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा है। हमारे अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन हमारी प्रगति कनाडा और कनाडाई लो...
भारत के फैसले से हिल गया पाकिस्तान  संसद में गूंजा सिंधु जल संधि का मुद्दा, कृषि तबाही का डर सताने लगा
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भारत के फैसले से हिल गया पाकिस्तान संसद में गूंजा सिंधु जल संधि का मुद्दा, कृषि तबाही का डर सताने लगा

  इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि को स्थगित करने के भारत के फैसले ने पाकिस्तान की बेचैनी और बढ़ा दी है। भारत के इस कड़े कदम का असर अब पाकिस्तान की संसद तक साफ नजर आने लगा है। नेशनल असेंबली में सरकार को स्वीकार करना पड़ा है कि भारत की ओर से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण देश में जल संकट और कृषि तबाही का खतरा गहराता जा रहा है।   पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने संसद को बताया कि सिंधु जल संधि पर इस्लामाबाद की बार-बार अपील और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाई गई चिंताओं के बावजूद भारत ने कोई जवाब नहीं दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, भारत द्वारा संधि को एकतरफा तरीके से स्थगित किए जाने से लाखों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होने की आशंका है, जिसका सीधा असर खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।   पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिया गया था फैसला   भारत ने अप्रैल 2025 म...
यूक्रेन युद्ध में Su-57 को झटका  रूसी पांचवीं पीढ़ी के जेट पर सवाल, भारत समेत दुनिया कर सकती है खरीद पर पुनर्विचार
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यूक्रेन युद्ध में Su-57 को झटका रूसी पांचवीं पीढ़ी के जेट पर सवाल, भारत समेत दुनिया कर सकती है खरीद पर पुनर्विचार

      मॉस्को/कीव: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान Su-57 को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। यूक्रेनी वायुसेना ने कहा है कि उसने युद्ध के मैदान में Su-57 की क्षमताओं को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय कर दिया है। इस दावे को रूस की वैश्विक हथियार बिक्री रणनीति के लिए गंभीर झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे Su-57 के संभावित खरीदार—जिनमें भारत भी शामिल है—अपनी खरीद योजना पर दोबारा विचार कर सकते हैं।   यूक्रेनी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक MiG-29 पायलट ने बताया कि रूस ने डोनेत्स्क क्षेत्र में Su-57 को जानबूझकर तैनात किया था, ताकि युद्ध में इसकी सफलता दिखाकर इसे वैश्विक बाजार में बेचा जा सके। हालांकि, यूक्रेन का दावा है कि उसकी वायुसेना ने रूस को किसी भी तरह की “प्रचारात्मक जीत” हासिल नहीं करने दी।   ‘एक भी सफलता नहीं दिखा सका Su-57’...
ट्रंप के सामने मुनीर–शहबाज नतमस्तक गाजा की इंटरनेशनल फोर्स में पाक सेना की एंट्री, देश में मचा सियासी बवाल
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ट्रंप के सामने मुनीर–शहबाज नतमस्तक गाजा की इंटरनेशनल फोर्स में पाक सेना की एंट्री, देश में मचा सियासी बवाल

  इस्लामाबाद/दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के इतर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच एक अहम कूटनीतिक सौदे की पटकथा लिखी जा रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रस्तावित मुलाकात को गाजा संकट से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा गाजा के लिए प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (ISF) में पाकिस्तान की भूमिका है।   सुरक्षा सूत्रों के हवाले से CNN-News18 की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने घरेलू विरोध के बावजूद ISF में शामिल होने का फैसला कर लिया है। इस कदम को अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत करने और ट्रंप प्रशासन को खुश करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।   ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल में भी पाकिस्तान तैयार   रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ...
ग्रीनलैंड विवाद में रूस की चुप्पी, ट्रंप की धमकियों में पुतिन को दिख रहा बड़ा मौका
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ग्रीनलैंड विवाद में रूस की चुप्पी, ट्रंप की धमकियों में पुतिन को दिख रहा बड़ा मौका

  मॉस्को: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर किसी भी कीमत पर नियंत्रण की जिद ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। यूरोप के कई देश जहां इस योजना को लेकर खुलकर या दबी जुबान में विरोध जता रहे हैं, वहीं रूस इस पूरे मुद्दे पर रणनीतिक दूरी बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस इस स्थिति को पश्चिमी एकता को कमजोर करने के अवसर के रूप में देख रहा है।   रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ग्रीनलैंड विवाद पर साफ कहा है कि यह मुद्दा रूस से जुड़ा नहीं है और अमेरिका व उसके नाटो सहयोगी इसे आपस में सुलझा लेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में पुतिन ने कहा, “ग्रीनलैंड का भविष्य हमारा विषय नहीं है। डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड को एक तरह से कॉलोनी की तरह देखा है। यह एक अलग मामला है और इसमें रूस की कोई भूमिका नहीं है।”   पुतिन ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 1...
तेल से आगे बढ़ा रूस, भारत को रिकॉर्ड मात्रा में सोना बेचा यूक्रेन जंग पर ट्रंप की रणनीति को लगा झटका
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तेल से आगे बढ़ा रूस, भारत को रिकॉर्ड मात्रा में सोना बेचा यूक्रेन जंग पर ट्रंप की रणनीति को लगा झटका

  मॉस्को: यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने भारत के साथ अपना व्यापारिक रिश्ता बनाए रखा है। अब रूस ने ऊर्जा निर्यात पर बढ़ते दबाव के बीच एक नया रास्ता अपनाया है। तेल की जगह सोने के जरिए भारत के साथ लेनदेन कर रूस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की काट खोज ली है।   रूस की सरकारी समाचार एजेंसी RIA नोवोस्ती के अनुसार, वर्ष 2025 के पहले दस महीनों में रूस ने भारत को 5 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य का सोना निर्यात किया है। यह आंकड़ा हाल के वर्षों में भारत को किया गया रूस का सबसे बड़ा गोल्ड एक्सपोर्ट माना जा रहा है। यह जानकारी भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से दी गई है।   रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2025 में रूस ने भारत को 2.34 करोड़ डॉलर मूल्य का सोना भेजा, जो 2021 के बाद सबसे बड़ा एकल शिपमेंट था। इसके बाद अक्टूबर में 2.69...
दावोस में नई बम-प्रूफ सुपर कार से पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप, जानें कितनी ताकतवर है अमेरिकी राष्ट्रपति की लिमोजिन
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दावोस में नई बम-प्रूफ सुपर कार से पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप, जानें कितनी ताकतवर है अमेरिकी राष्ट्रपति की लिमोजिन

    दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ नई कैडिलैक एस्केलेड प्रेसिडेंशियल लिमोजिन देखी गई। इसे अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के बेड़े का नया एडिशन माना जा रहा है।   रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप दावोस के लिए VC-25A एयर फोर्स वन से निकले थे, लेकिन इलेक्ट्रिकल समस्या के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने यूएस मरीन कॉर्प्स के VH-60N हेलीकॉप्टर के जरिए ज्यूरिख से दावोस का सफर तय किया। वहां उनका स्वागत मोटरकेड के साथ हुआ, जिसमें कम से कम दो एस्केलेड और कई शेवी सबअर्बन SUV शामिल थीं।   कार की सुरक्षा और तकनीक: दावोस से सामने आई तस्वीरों में ट्रंप की नई एस्केलेड में भारी बख्तरबंद सुरक्षा दिखाई दी। खासकर आगे की विंडशील्ड और दरवाजों के आसपास इसे मजबूत बनाया गया है। कार की छत और ड्राइवर की सीट क...
इंडोनेशिया में मिली दुनिया की सबसे पुरानी रॉक आर्ट, 67,800 साल पुराने हैं हाथों के निशान
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इंडोनेशिया में मिली दुनिया की सबसे पुरानी रॉक आर्ट, 67,800 साल पुराने हैं हाथों के निशान

    जकार्ता: इंडोनेशिया के सुलावेसी तट पर स्थित एक गुफा में पुरातत्वविदों ने दुनिया की सबसे पुरानी रॉक आर्ट की खोज की है। गुफा की दीवारों पर बने हाथ के स्टेंसिल कम से कम 67,800 साल पुराने हैं। यह खोज मानव इतिहास और शुरुआती माइग्रेशन के रहस्यों को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।   इंडोनेशियाई और ऑस्ट्रेलियाई पुरातत्वविदों की टीम ने इस खोज को नेचर जर्नल में प्रकाशित किया है। टीम के सह-लेखक और ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद मैक्सिम ऑबर्ट ने बताया, "हम जो देख रहे हैं वह एक बहुत गहरी और प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का धीरे-धीरे खुलासा है, जो हाल तक हमारे लिए अदृश्य थी।"   शोधकर्ताओं ने गुफा की दीवारों पर लाल गेरू से बनाए गए नुकीले उंगलियों वाले हाथों के स्टेंसिल पाए। यह स्टाइल केवल सुलावेसी में देखी गई है और इसकी उम्र स्पेन की गुफाओं में पाए गए स...
कनाडा के पीएम का बड़ा बयान: भारत जैसी देशों को संभालनी होगी विश्व व्यवस्था, दिल्ली को नजरअंदाज करना गलती
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कनाडा के पीएम का बड़ा बयान: भारत जैसी देशों को संभालनी होगी विश्व व्यवस्था, दिल्ली को नजरअंदाज करना गलती

    दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक राजनीति में मध्यम शक्तियों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली मौजूदा विश्व व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। उन्होंने भारत और चीन जैसी देशों के महत्व को रेखांकित किया और चेतावनी दी कि इन्हें नजरअंदाज करना बड़ी गलती होगी।   कार्नी ने अपने भाषण में कहा, "अमेरिका ने दशकों तक वैश्विक राजनीति को संभाला है, लेकिन अब यह व्यवस्था टूट रही है। मध्यम शक्तियों को एकजुट होकर काम करना होगा। यदि आप मेज पर नहीं हैं, तो आप मेनू पर हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी ताकतों को खुश करने से सुरक्षा नहीं मिलती और मध्यम देशों के लिए एकजुटता ही वर्तमान परिदृश्य में सबसे बड़ा विकल्प है।   कार्नी ने खासतौर से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली को नए ग्लोबल ऑर्डर में अह...