Thursday, March 12

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अमेरिका खुद न्यूक्लियर टेस्ट शुरू करने की कोशिश में, गुप्त परमाणु परीक्षण के आरोप पर चीन का बड़ा दावा
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अमेरिका खुद न्यूक्लियर टेस्ट शुरू करने की कोशिश में, गुप्त परमाणु परीक्षण के आरोप पर चीन का बड़ा दावा

बीजिंग: चीन ने अमेरिका के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि बीजिंग ने गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण किए हैं। चीन ने इसे पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि अमेरिका इन आरोपों का इस्तेमाल खुद नए परमाणु परीक्षण शुरू करने का बहाना बनाने के लिए कर रहा है। अमेरिका के आरोपों पर चीन की प्रतिक्रियाशुक्रवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के निरस्त्रीकरण सम्मेलन में अमेरिका ने कहा था कि चीन ने साल 2020 में गुप्त परमाणु परीक्षण किए थे। चीनी विदेश मंत्रालय ने इसे बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना बताया। चीन ने अमेरिका से अपील की कि वह ऐसे कामों को रोकें जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। अमेरिका-चीन में क्यों बढ़ी तनातनीअमेरिकी विदेश उप सचिव थॉमस डिनानो ने आरोप लगाए हैं कि चीन बड़े पैमाने पर नए परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है। यह आरोप ऐसे समय पर लगाए गए हैं जब डोनाल्ड ट...
लीबिया में डूबी प्रवासियों से भरी नाव, सिर्फ 2 महिलाओं को बचाया गया, 53 की मौत का अंदेशा
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लीबिया में डूबी प्रवासियों से भरी नाव, सिर्फ 2 महिलाओं को बचाया गया, 53 की मौत का अंदेशा

त्रिपोली: लीबिया के तट के पास प्रवासियों से भरी नाव डूबने से कम से कम 53 लोग मारे गए या लापता हो गए हैं। हादसे का शिकार दो बच्चे भी हुए। यह दुर्घटना तब हुई, जब 55 अफ्रीकी प्रवासियों को लेकर गुरुवार रात लीबिया के पश्चिमी शहर जाविया से रवाना हुई नाव शुक्रवार सुबह जुवारा शहर के पास पलट गई। यह रूट अफ्रीका से यूरोप जाने वाले प्रवासियों के लिए सबसे खतरनाक माना जाता है। केवल दो महिलाओं को बचाया जा सकाइंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने बताया कि नाव में सिर्फ दो नाइजीरियाई मूल की महिलाएं बच पाईं। एक जीवित महिला ने बताया कि उसने इस हादसे में अपने पति को खो दिया, जबकि दूसरी ने अपने दो बच्चों को खोने की बात कही। नाव में पानी भरने के लगभग छह घंटे बाद यह पलट गई। बची हुई महिलाओं को तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद दी गई। सेंट्रल मेडिटेरेनियन सबसे खतरनाक रूटIOM के अनुसार, यह रूट प्रवासियों के लिए सबस...
‘चीन भी हम पर भरोसा नहीं करता’, फजलुर रहमान ने खोली पाकिस्तान की पोल
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‘चीन भी हम पर भरोसा नहीं करता’, फजलुर रहमान ने खोली पाकिस्तान की पोल

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की धार्मिक राजनीतिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने शहबाज शरीफ सरकार और देश के सैन्य नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अब कोई दोस्त नहीं बचा है, और जिस चीन को वह सदाबहार मित्र मानता था, वह भी अब पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता। फजलुर रहमान, जिन्हें मौलाना डीजल के नाम से भी जाना जाता है, ने कहा कि दशकों की गलत विदेश नीति के चलते पाकिस्तान आज अलग-थलग पड़ चुका है। उन्होंने कहा, "आज भारत हमारा दुश्मन है, अफगानिस्तान हमारा दुश्मन है, और यहां तक कि ईरान और चीन भी हमसे नाराज हैं।" अफगान नीति पर उठाए सवालएक कार्यक्रम में फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की अफगान नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से व्यापार बंद कर रखा है, लेकिन आतंकवादियों की गतिविधियां रोक नहीं पा रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अज...
37 साल में पहली बार सेना की बैठक में नहीं पहुंचे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई
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37 साल में पहली बार सेना की बैठक में नहीं पहुंचे ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई

तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने 37 साल में पहली बार ईरानी एयरफोर्स के कमांडरों की वार्षिक बैठक में हिस्सा नहीं लिया। यह बैठक 8 फरवरी को आयोजित की गई थी और इस परंपरा का पालन 1989 से हर साल होता रहा है। खामेनेई का इस कार्यक्रम में गैर-हाजिर रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। सैनिक सूत्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई का यह कदम संकेत हो सकता है कि ईरान की टॉप लीडरशिप अमेरिकी हमले के संभावित खतरे को लेकर सतर्क है। हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद खामेनेई कथित तौर पर एक गुप्त बंकर में रह रहे हैं। उन्होंने बार-बार चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब पूरे मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष के रूप में सामने आ सकता है। इस बैठक में खामेनेई की जगह ईरान सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मौसवी ने सीन...
भारतीयों को गर्व होना चाहिए: भारत-अमेरिका ट्रेड डील की वैश्विक सराहना
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भारतीयों को गर्व होना चाहिए: भारत-अमेरिका ट्रेड डील की वैश्विक सराहना

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका ने अंतरिम ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी कर दिया है, जिसे वैश्विक विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण डिप्लोमैटिक और आर्थिक उपलब्धि करार दिया है। इस डील के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए अधिकांश टैरिफ में राहत देते हुए इसे 18% तक घटाया है। सबसे बड़ी राहत रूसी तेल पर लागू 25% दंडात्मक टैरिफ को हटाने की है। इसके बदले भारत ने रूस से तेल की खरीद कम करने और अपनी ऊर्जा आयात रणनीति में विविधता लाने का वादा किया है, जिसमें अमेरिका से तेल खरीद भी शामिल है। इस कदम पर आलोचनाएँ भी हुईं, लेकिन विशेषज्ञों ने भारत की रणनीति की तारीफ की है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के कॉलमिस्ट एवं जियोपॉलिटिक्स विशेषज्ञ सदानंद धुमे ने कहा कि रूस से तेल की खरीद घटाना भारत का सही कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह डील केवल आर्थिक नहीं बल्कि एक डिप्लोमैटिक सफलता है, जिस पर भारतीयों को गर्व होना चाहिए। धुमे ने कहा,...
मिडिल ईस्ट में तुर्की का महामिलन: एर्दोगन ने सऊदी और मिस्र से पुराने झगड़े भुलाकर किया समझौता, खाड़ी में नया पावर गेम?
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मिडिल ईस्ट में तुर्की का महामिलन: एर्दोगन ने सऊदी और मिस्र से पुराने झगड़े भुलाकर किया समझौता, खाड़ी में नया पावर गेम?

रियाद/काहिरा। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने मिडिल ईस्ट में अपने पुराने दुश्मनों सऊदी अरब और मिस्र से महामिलन किया है। यह दौरा क्षेत्रीय राजनीति में संभावित सुपर-गठबंधन का संकेत माना जा रहा है। सऊदी अरब दौरा एर्दोगन मंगलवार को रियाद पहुंचे, जहां उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। इस बैठक को MENA क्षेत्र की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मिलन के रूप में प्रचारित किया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। मिस्र दौरा और निवेश समझौते एर्दोगन इसके बाद मिस्र गए, जहां उन्होंने राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मुलाकात की। इस दौरान— मिस्र-तुर्की उच्च-स्तरीय रणनीतिक सहयोग परिषद का आयोजन किया गया तुर्की-मिस्र बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया गया उम्मीद जताई गई कि 2026 में तुर्की से मिस्र में लगभग 15 अर...
बांग्लादेश चुनाव: हिफाजत-ए-इस्लाम ने जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ जिहाद का ऐलान, वोट देना बताया हराम
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बांग्लादेश चुनाव: हिफाजत-ए-इस्लाम ने जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ जिहाद का ऐलान, वोट देना बताया हराम

ढाका। 12 फरवरी को बांग्लादेश में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से ठीक पहले देश के प्रमुख इस्लामिक संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम ने कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ खुला संघर्ष घोषित किया है। संगठन के अमीर अल्लामा शाह मुहीबुल्लाह बाबुनगरी ने मुसलमानों को चेतावनी दी कि जमात-ए-इस्लामी को वोट देना हराम है। मुहीबुल्लाह बाबुनगरी ने गुरुवार, 5 फरवरी को चटगांव में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मेरे लिए यह चुनाव नहीं है, यह जमात के खिलाफ जिहाद है। हमें इस झूठी ताकत को बढ़ने से रोकने के लिए एकजुट होना होगा। अगर जमात सत्ता में आई तो इस्लाम और मुसलमानों का नुकसान होगा।” जमात-ए-इस्लामी पर गंभीर आरोप हिफाजत के नेता ने जमात-ए-इस्लामी पर आरोप लगाया कि यह पार्टी इस्लाम की गलत व्याख्या कर रही है और मुसलमानों की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। बाबुनगरी ने कहा, “जमात सत्ता में आई तो...
बांग्लादेश में चीन की ड्रोन फैक्ट्री, भारत के पड़ोस में बढ़ी ड्रैगन की सैन्य पैठ
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बांग्लादेश में चीन की ड्रोन फैक्ट्री, भारत के पड़ोस में बढ़ी ड्रैगन की सैन्य पैठ

ढाका। भारत के पड़ोस में चीन की सैन्य उपस्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने चीन के साथ एक ड्रोन निर्माण सुविधा (UAV Factory) स्थापित करने का समझौता किया है। इस फैसले को दक्षिण एशिया के रणनीतिक परिदृश्य में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। चटगांव में बनेगी हाई-टेक ड्रोन फैक्ट्री समझौते के तहत चटगांव जिले में एक अत्याधुनिक ड्रोन निर्माण और असेंबलिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। इस फैक्ट्री में सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए मानवरहित हवाई वाहन तैयार किए जाएंगे। बांग्लादेश एयरफोर्स और चीन की सरकारी रक्षा कंपनी China Electronics Technology Group Corporation International के बीच जनवरी 2026 में समझौता हुआ। भारत के लिए बड़ा झटका इस फैसले को भारत के लिए स्ट्रेटजिक चुनौती माना जा रहा है। जिस जगह पर अब ड्रोन फैक्ट्री स्थापित हो रही है, वह पहले भारत के लिए विशेष...
अमेरिका-चीन-रूस: ट्रंप प्रशासन की नई परमाणु संधि की पेशकश, चीन ने किया इनकार
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अमेरिका-चीन-रूस: ट्रंप प्रशासन की नई परमाणु संधि की पेशकश, चीन ने किया इनकार

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका, रूस और चीन को शामिल करने वाली नई परमाणु हथियार नियंत्रण संधि की पेशकश की है। यह कदम न्यू स्टार्ट संधि के 5 फरवरी 2026 को समाप्त होने के बाद उठाया गया। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि केवल अमेरिका और रूस के बीच हथियार नियंत्रण पर्याप्त नहीं है, क्योंकि चीन लगातार अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। अमेरिका की चिंता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि हथियारों पर नियंत्रण अब केवल द्विपक्षीय मुद्दा नहीं रह सकता। अन्य परमाणु-सशस्त्र देशों की रणनीतिक स्थिरता भी सुनिश्चित करनी होगी। उनका आरोप है कि चीन तेजी से और गुप्त तरीके से अपने परमाणु भंडार का विस्तार कर रहा है। अमेरिका की नई योजना के अनुसार— चीन को भी वार्ता में शामिल किया जाना चाहिए तीन-तरफा संधि से परमाणु हथियारों की नई सीमाएं तय की जा सकती हैं ...
चीन के गुप्त हथियार ‘TPG1000Cs’ का खुलासा, स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क पर मंडराया बड़ा खतरा
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चीन के गुप्त हथियार ‘TPG1000Cs’ का खुलासा, स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क पर मंडराया बड़ा खतरा

बीजिंग। चीन के हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) हथियार कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। चीनी वैज्ञानिकों द्वारा विकसित TPG1000Cs नामक यह गुप्त हथियार अब अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक यह हथियार विशेष रूप से लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में मौजूद सैटेलाइट नेटवर्क को निशाना बनाने में सक्षम है, जिसमें एलन मस्क की कंपनी SpaceX के स्टारलिंक सैटेलाइट्स भी शामिल हैं। चीन की मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि यह हथियार युद्ध जैसी स्थिति में सैटेलाइट कमांड सिस्टम, संचार नेटवर्क और निगरानी क्षमताओं को ध्वस्त करने की ताकत रखता है। इसे एक नॉन-काइनेटिक वेपन माना जा रहा है, यानी यह बिना पारंपरिक विस्फोट के दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को निष्क्रिय कर सकता है। SCMP की रिपोर्ट में सामने आया बड़ा दावा साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिप...