Saturday, February 7

बांग्लादेश चुनाव: हिफाजत-ए-इस्लाम ने जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ जिहाद का ऐलान, वोट देना बताया हराम

ढाका। 12 फरवरी को बांग्लादेश में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से ठीक पहले देश के प्रमुख इस्लामिक संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम ने कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ खुला संघर्ष घोषित किया है। संगठन के अमीर अल्लामा शाह मुहीबुल्लाह बाबुनगरी ने मुसलमानों को चेतावनी दी कि जमात-ए-इस्लामी को वोट देना हराम है।

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मुहीबुल्लाह बाबुनगरी ने गुरुवार, 5 फरवरी को चटगांव में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मेरे लिए यह चुनाव नहीं है, यह जमात के खिलाफ जिहाद है। हमें इस झूठी ताकत को बढ़ने से रोकने के लिए एकजुट होना होगा। अगर जमात सत्ता में आई तो इस्लाम और मुसलमानों का नुकसान होगा।”

जमात-ए-इस्लामी पर गंभीर आरोप

हिफाजत के नेता ने जमात-ए-इस्लामी पर आरोप लगाया कि यह पार्टी इस्लाम की गलत व्याख्या कर रही है और मुसलमानों की बुनियाद को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। बाबुनगरी ने कहा, “जमात सत्ता में आई तो वे इस्लाम को जड़ से उखाड़ देंगे। यह ऐसा समूह है जो लोगों का गला काटने जैसा हिंसक चरित्र रखता है।”

मुहीबुल्लाह ने पहले भी जमात-ए-इस्लामी की आलोचना करते हुए इसे पाखंडी इस्लामिक पार्टी कहा था। उन्होंने बताया कि जमात मौदूदी के इस्लाम को मानती है, जबकि हिफाजत मदीना के इस्लाम का पालन करती है।

चुनाव में जमात की बढ़ती ताकत

हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, इस बार जमात-ए-इस्लामी पहले से अधिक मजबूत होकर उभर सकती है। यह पार्टी तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को कड़ी टक्कर दे रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि BNP ने चुनाव अभियान के दौरान हिफाजत-ए-इस्लाम के साथ अपने संपर्क बढ़ा लिए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि हिफाजत का यह ऐलान न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकता है।

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