Saturday, February 7

मिडिल ईस्ट में तुर्की का महामिलन: एर्दोगन ने सऊदी और मिस्र से पुराने झगड़े भुलाकर किया समझौता, खाड़ी में नया पावर गेम?

रियाद/काहिरा। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने मिडिल ईस्ट में अपने पुराने दुश्मनों सऊदी अरब और मिस्र से महामिलन किया है। यह दौरा क्षेत्रीय राजनीति में संभावित सुपर-गठबंधन का संकेत माना जा रहा है।

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सऊदी अरब दौरा

एर्दोगन मंगलवार को रियाद पहुंचे, जहां उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। इस बैठक को MENA क्षेत्र की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मिलन के रूप में प्रचारित किया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।

मिस्र दौरा और निवेश समझौते

एर्दोगन इसके बाद मिस्र गए, जहां उन्होंने राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मुलाकात की। इस दौरान—

  • मिस्र-तुर्की उच्च-स्तरीय रणनीतिक सहयोग परिषद का आयोजन किया गया

  • तुर्की-मिस्र बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया गया

  • उम्मीद जताई गई कि 2026 में तुर्की से मिस्र में लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश आएगा

  • दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो संभावित गठबंधन का संकेत हैं

तुर्की और सऊदी अरब के पुराने झगड़े

सऊदी और तुर्की के संबंध कई सालों तक तनावपूर्ण रहे। तनाव की वजहें—

  • एर्दोगन सरकार का अरब स्प्रिंग का समर्थन

  • मिस्र में 2013 के तख्तापलट और मुस्लिम ब्रदरहुड के नेताओं का तुर्की भागना

  • सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या, जिसे तुर्की ने सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से जोड़ा

इसके अलावा, दोनों देश वर्षों तक इस्लामिक दुनिया के मुखिया बनने की रेस में लगे रहे। सऊदी के पास दो पवित्र मस्जिदें, तुर्की के पास करीब 9 करोड़ की आबादी और शक्तिशाली सेना है।

सुधार की दिशा में कदम

  • एर्दोगन ने 2022 और 2023 में जेद्दा और रमजान के दौरान सऊदी दौरे किए

  • मुस्लिम ब्रदरहुड के नेताओं के प्रति तुर्की ने सख्ती दिखाई

  • 2024 में काहिरा में मिस्र की पहली यात्रा (2012 के बाद) में दोनों देशों ने व्यापार और सहयोग बढ़ाने का वादा किया

रणनीतिक बदलाव और खाड़ी में नया खेल

मौजूदा हालात तब बदले जब सऊदी अरब और UAE के संबंध बिगड़े। इसके बाद—

  • सऊदी ने पाकिस्तान से रक्षा सौदा किया

  • तुर्की के साथ संबंध सुधारने के लिए हाथ बढ़ाया

  • रिपोर्ट्स के अनुसार, तुर्की सऊदी-पाकिस्तान रक्षा गठबंधन में शामिल होकर UAE की संभावित चौतरफा घेराबंदी में भूमिका निभा सकता है

विश्लेषकों के अनुसार, एर्दोगन का यह महामिलन मिडिल ईस्ट में राजनीतिक और सैन्य संतुलन बदलने की दिशा में एक अहम कदम है।

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