
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की धार्मिक राजनीतिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने शहबाज शरीफ सरकार और देश के सैन्य नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अब कोई दोस्त नहीं बचा है, और जिस चीन को वह सदाबहार मित्र मानता था, वह भी अब पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता।
फजलुर रहमान, जिन्हें मौलाना डीजल के नाम से भी जाना जाता है, ने कहा कि दशकों की गलत विदेश नीति के चलते पाकिस्तान आज अलग-थलग पड़ चुका है। उन्होंने कहा, “आज भारत हमारा दुश्मन है, अफगानिस्तान हमारा दुश्मन है, और यहां तक कि ईरान और चीन भी हमसे नाराज हैं।”
अफगान नीति पर उठाए सवाल
एक कार्यक्रम में फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की अफगान नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से व्यापार बंद कर रखा है, लेकिन आतंकवादियों की गतिविधियां रोक नहीं पा रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अजीब स्थिति है कि अफगानिस्तान से एक अनार भी पाकिस्तान में नहीं आ सकता, लेकिन दहशतगर्द आ रहे हैं।”
सेना में मतभेद और नीति की विफलता
फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की सेना पर भी निशाना साधा और कहा कि सैन्य नेतृत्व में अलग-अलग सोच है। एक जनरल शांति की बात करता है, जबकि दूसरा युद्ध पर जोर देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी उलझन में कोई देश कैसे सही विदेश नीति चला सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान-चीन आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) को भी नाकाम बताया। फजलुर रहमान ने आरोप लगाया कि शहबाज शरीफ सरकार चीन का खोया भरोसा वापस जीतने में असफल रही, जिसके कारण आज चीन भी पाकिस्तान से नाराज है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फजलुर रहमान के बयानों ने पाकिस्तान की विदेश नीति और सैन्य नेतृत्व में चल रही भ्रांति और असंतोष को बेपर्दा कर दिया है