
त्रिपोली: लीबिया के तट के पास प्रवासियों से भरी नाव डूबने से कम से कम 53 लोग मारे गए या लापता हो गए हैं। हादसे का शिकार दो बच्चे भी हुए। यह दुर्घटना तब हुई, जब 55 अफ्रीकी प्रवासियों को लेकर गुरुवार रात लीबिया के पश्चिमी शहर जाविया से रवाना हुई नाव शुक्रवार सुबह जुवारा शहर के पास पलट गई। यह रूट अफ्रीका से यूरोप जाने वाले प्रवासियों के लिए सबसे खतरनाक माना जाता है।
केवल दो महिलाओं को बचाया जा सका
इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने बताया कि नाव में सिर्फ दो नाइजीरियाई मूल की महिलाएं बच पाईं। एक जीवित महिला ने बताया कि उसने इस हादसे में अपने पति को खो दिया, जबकि दूसरी ने अपने दो बच्चों को खोने की बात कही। नाव में पानी भरने के लगभग छह घंटे बाद यह पलट गई। बची हुई महिलाओं को तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद दी गई।
सेंट्रल मेडिटेरेनियन सबसे खतरनाक रूट
IOM के अनुसार, यह रूट प्रवासियों के लिए सबसे खतरनाक है। इस त्रासदी के बाद 2026 में मरने वालों की संख्या 484 हो गई है। एजेंसी ने चेतावनी दी कि तस्करी नेटवर्क खराब और असुरक्षित नावों का उपयोग कर प्रवासियों का फायदा उठाना जारी रखे हुए हैं।
लगातार हो रहे हादसे
पिछले साल नवंबर में भी ज़ुवारा से निकली एक रबर की नाव पलट गई थी, जिसमें 42 प्रवासियों की मौत हुई थी। उस समय सात लोग ही बच पाए थे। 2025 में सेंट्रल मेडिटेरेनियन में 1,000 से ज्यादा प्रवासियों और शरणार्थियों की मौत हुई थी।
लीबियाई अधिकारियों की कार्रवाई
लीबिया की मान्यता प्राप्त गवर्नमेंट ऑफ नेशनल यूनिटी (GNU) के तहत रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने उत्तर-पश्चिमी लीबिया में अवैध प्रवासियों की तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाली कई नावों को निशाना बनाया।
