Sunday, April 5

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जयपुर पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय दुल्हन तस्करी गिरोह का आरोपी, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, यूपी और झारखंड से लड़कियों को लाया
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जयपुर पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय दुल्हन तस्करी गिरोह का आरोपी, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, यूपी और झारखंड से लड़कियों को लाया

जयपुर: राजधानी जयपुर में पुलिस ने अंतरराज्यीय दुल्हन तस्करी गिरोह के एक फरार आरोपी भंवरलाल शर्मा को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर आरोप है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को झांसा देकर राजस्थान लाकर शादी और ब्लैकमेल के माध्यम से वसूली करता था। गिरोह का तरीका आरोपी भंवरलाल शर्मा और उसके सहयोगी गरीब परिवारों की लड़कियों को नौकरी या बेहतर जीवन का झांसा देकर पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से राजस्थान लाते थे। लड़कियों की शादी सीमावर्ती जिलों के अविवाहित पुरुषों से मोटी रकम लेकर करवाई जाती थी। शादी के बाद पुरुषों को झूठे दुष्कर्म मामलों में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता था। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भंवरलाल शर्मा का 2005 से आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ अपहरण, जबरन वसूली, धोखाधड़ी ...
राजसमंद में 7 दिन बाद खुला मां-बेटे के कत्ल का राज: गर्भवती महिला का शव तालाब से मिला, बेटे की तलाश जारी
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राजसमंद में 7 दिन बाद खुला मां-बेटे के कत्ल का राज: गर्भवती महिला का शव तालाब से मिला, बेटे की तलाश जारी

राजसमंद (राजस्थान): राजस्थान के राजसमंद जिले में 7 दिन पहले लापता हुई गर्भवती महिला और उसके दो वर्षीय बेटे की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रियंका रावत (22) और उसका बेटा आर्यन (2) 11 फरवरी से लापता थे। परिजनों ने 12 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने किया खुलासा बुधवार रात पुलिस ने संदिग्ध युवक गोविंद सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने मां और बेटे की हत्या की पूरी घटना कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि पहले प्रियंका की हत्या की और शव पर पत्थर बांधकर भीम तालाब में फेंक दिया। उसके बाद दो वर्षीय आर्यन की हत्या कर शव जंगल में फेंका गया। प्रियंका नौ माह की गर्भवती थी। उसके पति का पेशा कुक बताया गया है। SDRF टीम ने तालाब से निकाला शव गुरुवार सुबह पुलिस ने SDRF टीम की मदद से तालाब में सर्च अभियान चलाया और करीब एक घंटे की मशक्कत ...
राजस्थान में खाटू श्याम जी बने सबसे बड़े आस्था केंद्र, 2025 में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
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राजस्थान में खाटू श्याम जी बने सबसे बड़े आस्था केंद्र, 2025 में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

जयपुर। राजस्थान में धार्मिक पर्यटन लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश के प्रमुख 10 धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में राजस्थान के इन प्रमुख मंदिरों में कुल 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। इस सूची में सीकर जिले का प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर सबसे आगे रहा, जहां करीब 2.54 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। लोकप्रियता के मामले में खाटू श्याम मंदिर ने देश के कई बड़े तीर्थस्थलों को पीछे छोड़ते हुए राजस्थान में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनने का गौरव प्राप्त किया है। पूंछरी का लौठा में रिकॉर्ड उछाल, एक साल में 54 प्रतिशत बढ़े श्रद्धालु प्रदेश में श्रद्धालुओं की संख्या में सबसे तेज बढ़ोतरी डीग जिले के पूंछरी का लौठा मंदिर में दर्ज ...
कानपुर। उत्तर प्रदेश में भूकंप को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के झटके यूपी तक महसूस किए गए थे, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में दहशत फैल गई थी। हालांकि उस घटना के बाद भी भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं हो सकी। अब आईआईटी कानपुर की एक विस्तृत रिसर्च ने प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।  आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार यदि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो कानपुर और प्रयागराज में भारी तबाही हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इन दोनों शहरों की मिट्टी की संरचना ऐसी है, जो भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन जैसी खतरनाक प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकती है।  लिक्विफेक्शन से सबसे बड़ा खतरा  सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के अनुसार कानपुर और प्रयागराज की जमीन में बालू की मात्रा अधिक है और इसके कण बेहद महीन हैं। भूकंप के तेज झटकों से मिट्टी की मजबूती कमजोर हो जाती है और जमीन के नीचे मौजूद पानी व सिल्टयुक्त बालू मिलकर ऊपर की ओर आने लगते हैं। इसी प्रक्रिया को लिक्विफेक्शन कहा जाता है।  इस स्थिति में जमीन का व्यवहार लगभग तरल जैसा हो जाता है, जिससे इमारतों की नींव कमजोर पड़ सकती है और बड़े-बड़े पक्के ढांचे धंस सकते हैं या गिर सकते हैं।  इतिहास में भी दर्ज हुई थीं घटनाएं  रिसर्च में यह भी बताया गया कि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 1803 और 1934 के बड़े भूकंपों के बाद लिक्विफेक्शन की घटनाएं दर्ज की गई थीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय फॉल्ट के प्रभाव क्षेत्र में भी आता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।  30 से 40 मीटर गहराई तक असर की संभावना  आमतौर पर भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन का असर 8 से 10 मीटर की गहराई तक देखा जाता है, लेकिन आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार कानपुर और प्रयागराज में यह प्रभाव 30 से 40 मीटर तक जा सकता है।  रिसर्च के लिए दोनों शहरों में 20-20 स्थानों से मिट्टी के नमूने लिए गए। कानपुर में गंगा बैराज के पास 70 से 80 मीटर गहराई तक बोरहोल के जरिए सैंपल इकट्ठे किए गए।  इस अध्ययन में गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में भी सर्वे किया गया। इसके साथ ही लखनऊ और वाराणसी के कुछ इलाकों में भी लिक्विफेक्शन की संभावना का आकलन किया गया।  सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं दोनों शहर  रिसर्च में बताया गया कि कानपुर और प्रयागराज सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं और हिमालय से लगभग 300 किलोमीटर की परिधि में स्थित हैं। यहां की मिट्टी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है, इसलिए निर्माण कार्य के दौरान विशेष सावधानी और आधुनिक ग्राउंड इम्प्रूवमेंट तकनीक अपनाने की जरूरत है।  विशेषज्ञों की चेतावनी  विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते शहरी नियोजन, निर्माण मानकों और भूकंपरोधी तकनीकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में आने वाला कोई भी बड़ा भूकंप कानपुर और प्रयागराज के लिए गंभीर तबाही का कारण बन सकता है।  आईआईटी कानपुर की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में अब भूकंप को लेकर सतर्कता और तैयारी को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी हो गया है।
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कानपुर। उत्तर प्रदेश में भूकंप को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के झटके यूपी तक महसूस किए गए थे, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में दहशत फैल गई थी। हालांकि उस घटना के बाद भी भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं हो सकी। अब आईआईटी कानपुर की एक विस्तृत रिसर्च ने प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार यदि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो कानपुर और प्रयागराज में भारी तबाही हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इन दोनों शहरों की मिट्टी की संरचना ऐसी है, जो भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन जैसी खतरनाक प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकती है। लिक्विफेक्शन से सबसे बड़ा खतरा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के अनुसार कानपुर और प्रयागराज की जमीन में बालू की मात्रा अधिक है और इसके कण बेहद महीन हैं। भूकंप के तेज झटकों से मिट्टी की मजबूती कमजोर हो जाती है और जमीन के नीचे मौजूद पानी व सिल्टयुक्त बालू मिलकर ऊपर की ओर आने लगते हैं। इसी प्रक्रिया को लिक्विफेक्शन कहा जाता है। इस स्थिति में जमीन का व्यवहार लगभग तरल जैसा हो जाता है, जिससे इमारतों की नींव कमजोर पड़ सकती है और बड़े-बड़े पक्के ढांचे धंस सकते हैं या गिर सकते हैं। इतिहास में भी दर्ज हुई थीं घटनाएं रिसर्च में यह भी बताया गया कि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 1803 और 1934 के बड़े भूकंपों के बाद लिक्विफेक्शन की घटनाएं दर्ज की गई थीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय फॉल्ट के प्रभाव क्षेत्र में भी आता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। 30 से 40 मीटर गहराई तक असर की संभावना आमतौर पर भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन का असर 8 से 10 मीटर की गहराई तक देखा जाता है, लेकिन आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार कानपुर और प्रयागराज में यह प्रभाव 30 से 40 मीटर तक जा सकता है। रिसर्च के लिए दोनों शहरों में 20-20 स्थानों से मिट्टी के नमूने लिए गए। कानपुर में गंगा बैराज के पास 70 से 80 मीटर गहराई तक बोरहोल के जरिए सैंपल इकट्ठे किए गए। इस अध्ययन में गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में भी सर्वे किया गया। इसके साथ ही लखनऊ और वाराणसी के कुछ इलाकों में भी लिक्विफेक्शन की संभावना का आकलन किया गया। सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं दोनों शहर रिसर्च में बताया गया कि कानपुर और प्रयागराज सिस्मिक जोन-3 और जोन-4 में आते हैं और हिमालय से लगभग 300 किलोमीटर की परिधि में स्थित हैं। यहां की मिट्टी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है, इसलिए निर्माण कार्य के दौरान विशेष सावधानी और आधुनिक ग्राउंड इम्प्रूवमेंट तकनीक अपनाने की जरूरत है। विशेषज्ञों की चेतावनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते शहरी नियोजन, निर्माण मानकों और भूकंपरोधी तकनीकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो भविष्य में आने वाला कोई भी बड़ा भूकंप कानपुर और प्रयागराज के लिए गंभीर तबाही का कारण बन सकता है। आईआईटी कानपुर की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में अब भूकंप को लेकर सतर्कता और तैयारी को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी हो गया है।

जयपुर। बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में जांच एजेंसियों ने सख्ती बढ़ा दी है। करीब 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह विदेश फरार हो सकते हैं, इसी के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 17 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के आवास पर तलाशी ली थी, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद से उनकी तलाश तेज कर दी गई है। 9 अफसर गिरफ्तार, कोर्ट ने 3 दिन की रिमांड मंजूर ACB ने इस मामले में जलदाय विभाग से जुड़े नौ अधिकारियों को गिरफ्तार कर गुरुवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया है। एजेंसी ने पांच दिन की रिमांड की मांग की थी, हालांकि अदालत ने सीमित अवधि ही स्वीकृत की।रिमांड के दौरान घोटाले से जुड़े दस्तावेजो...
कान्हा रेस्टोरेंट ग्रुप के 26 ठिकानों पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई
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कान्हा रेस्टोरेंट ग्रुप के 26 ठिकानों पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई

जयपुर: आयकर विभाग ने बुधवार को प्रदेश की प्रसिद्ध कान्हा रेस्टोरेंट चेन के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जयपुर में 26 ठिकानों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया, जबकि उदयपुर में दो, और श्रीगंगानगर, कोटा, करौली, हिंडौन और मुंबई में एक-एक ठिकाने पर जांच जारी है। कार्रवाई की वजह सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई आयकर चोरी और वित्तीय लेनदेन में संभावित अनियमितताओं की जानकारी मिलने के बाद की गई। विभाग की अन्वेषण शाखा की टीमें डिजिटल डेटा, अकाउंट बुक्स, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं। जांच का दायरा कुल 33 स्थानों पर टीमों ने दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। खराब मौसम के बावजूद सभी स्थानों पर जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों ने फिलहाल इस कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, और पूरे मामले का खुलासा जांच पूरी होने क...
जयपुर के आसमान में भारतीय वायुसेना की शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन, जल महल पर होगा रोमांचक एयर शो
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जयपुर के आसमान में भारतीय वायुसेना की शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन, जल महल पर होगा रोमांचक एयर शो

जयपुर: गुलाबी नगरी जयपुर में 20 और 22 फरवरी को भारतीय वायुसेना का रोमांचक एयर शो होगा। यह शो शहर के फेमस पर्यटन स्थल जल महल के पास आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्या किरण एक्रोबेटिक टीम अपने नौ हॉक एमके-132 विमानों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाएगी। रोमांचक करतब और अद्भुत प्रदर्शन एयर शो के दौरान विमान 100 से 1000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे। दर्शकों को डायमंड, लूप, मिरर रन और वाइन ग्लास जैसी क्लोज फॉर्मेशन देखने को मिलेगी, साथ ही तिरंगे के रंगों का धुआँ आसमान में उड़ान भरते विमानों की आकृतियों को और भी आकर्षक बनाएगा। विमान बैरेल रोल, लूप, क्रॉसओवर, इनवर्टेड फ्लाइंग और हार्ट मैन्युवर जैसे करतब दिखाएंगे। कई मौकों पर विमान मात्र पाँच मीटर से भी कम दूरी पर एक साथ उड़ान भरेंगे, जो दर्शकों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा। जयपुर के पायलट भी करेंगे प्रदर्शन इस एयर शो...
900 करोड़ के जेजेएम घोटाले में IAS सुबोध अग्रवाल समेत कई अधिकारियों पर एसीबी की बड़ी कार्रवाई
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900 करोड़ के जेजेएम घोटाले में IAS सुबोध अग्रवाल समेत कई अधिकारियों पर एसीबी की बड़ी कार्रवाई

जयपुर: राजस्थान के जल जीवन मिशन (JJM) में कथित 900 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में अब तक नौ वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल मुख्य जांच के दायरे में हैं। गिरफ्तारी और छापेमारी ACB ने जयपुर, बाड़मेर, दिल्ली, बिहार और झारखंड समेत 15 ठिकानों पर छापेमारी की। गिरफ्तारी में शामिल अधिकारियों में चीफ इंजीनियर (प्रशासन) दिनेश गोयल, चीफ इंजीनियर (ग्रामीण) केडी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता शुभांशु दीक्षित, वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, मुख्य अभियंता नीरिल कुमार, निलंबित एक्सईएन विशाल सक्सेना, रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव, रिटायर्ड मुख्य अभियंता डी.के. गौड़ और रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता महेंद्र प्रकाश सोनी शामिल हैं। बीते दिनों दिनेश गोयल को उदयपुर के पांच सितारा...
जयपुर: SKIT कॉलेज को RDX से उड़ाने की धमकी, प्रिंसिपल को मिला डरावना ईमेल
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जयपुर: SKIT कॉलेज को RDX से उड़ाने की धमकी, प्रिंसिपल को मिला डरावना ईमेल

जयपुर: राजधानी जयपुर में एक बार फिर धमकी भरे ईमेल ने छात्रों और कर्मचारियों के होश उड़ा दिए। स्वामी केशवानन्द इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SKIT) के प्रिंसिपल को भेजे गए ईमेल में कॉलेज को RDX बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गईं और परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। धमकी का सिलसिला जारी राजस्थान में सार्वजनिक और शैक्षणिक संस्थानों को धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट और जयपुर के मॉर्डन स्कूल को भी धमकी मिली थी। SKIT कॉलेज में सुबह अचानक ईमेल आने से हड़कंप मच गया। ईमेल में यह दावा किया गया था कि कॉलेज परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं। प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई कॉलेज प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और सुरक्ष...
राजस्थान बजट रिप्लाई: दिया कुमारी ने कर्मचारियों और बच्चों के लिए सौगातों की बारिश
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राजस्थान बजट रिप्लाई: दिया कुमारी ने कर्मचारियों और बच्चों के लिए सौगातों की बारिश

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बजट बहस के जवाब में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कर्मचारियों, छात्रों और राज्य के विकास से जुड़े कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट तक इंश्योरेंस कवर, ट्रेनिंग अवधि में दूसरी नौकरी में चयन पर वेतन वसूली से राहत और बच्चों की सेहत व शिक्षा के लिए विशेष योजनाओं की जानकारी दी। कर्मचारियों के लिए विशेष लाभ सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक इंश्योरेंस कवर मिलेगा। अब कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट तक सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि स्टेट इंश्योरेंस पॉलिसी की मेच्योरिटी तारीख रिटायरमेंट से मेल खाएगी। प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) की दो साल की अवधि में यदि कर्मचारी राज्य या केंद्र की दूसरी नौकरी में चयनित होते हैं, तो वर्तमान पद छोड़ने पर वेतन और भत्तों की वसूली नहीं होगी। अंबेडकर OBC छात्रावासों की सीटें बढ़ाई जाएंगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और ...
राजस्थान में बारिश और ओले, 29 जिलों में अलर्ट जारी
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राजस्थान में बारिश और ओले, 29 जिलों में अलर्ट जारी

जयपुर: राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आज भी 29 जिलों में बारिश और तेज हवा के लिए चेतावनी जारी की है। येलो अलर्ट के तहत मेघगर्जन और आकाशीय बिजली का खतरा बताया गया है। मौसम का हाल मंगलवार शाम से कई जिलों में अचानक मौसम बिगड़ा। नागौर जिले में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इसके अलावा सीकर, पाली, श्रीगंगानगर और डीडवाना-कुचामन में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी जयपुर, बीकानेर और अजमेर में देर रात हल्की बूंदाबादी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी दिनों में भी कई क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इससे दिन और रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। तेज हवाओं का खतरा राजस्थान के ...