
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में कृषि अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बिजनेस पार्टनर बताए जाने वाले कारोबारी मफतलाल मोहनोत और उनकी कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए वेयरहाउस टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं की गईं।
मंत्री ने कहा कि टेंडर की शर्तें दो-तीन बार बदली गईं और सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाने की कोशिश तक की गई। इसके चलते कंपनियों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का लाभ मिला। मंत्री ने विधानसभा में यह भी बताया कि आईएएस अधिकारी संदीप वर्मा ने मई 2023 से 2024 के बीच इस मामले की एसीबी जांच के लिए पत्र लिखा था। अब राज्य सरकार ने इस मामले में एसीबी जांच कराने का फैसला किया है।
नकली खाद और बीज पर कार्रवाई
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं और उनके रिश्तेदारों के कई क्षेत्रों में नकली खाद और बीज बनाते पाए गए। मंत्री ने करणपुर, सूरतगढ़, सालासर और डीडवाना सहित कई स्थानों पर छापों का उल्लेख किया। बीकानेर के जामसर में 10 हजार बैग खाद जब्त किए गए, जबकि सूरतगढ़ में 32 हजार बैग बरामद कर किसानों में वितरित किए गए।
विभागीय कार्रवाई में कुल 11,938 निरीक्षण किए गए, जिसमें 765 विक्रेताओं को नोटिस, 169 के लाइसेंस निलंबित, 46 निरस्त किए गए और 107 एफआईआर दर्ज की गईं। 28 मामलों में गिरफ्तारी और 16 मामलों में चालान पेश किए गए। कुल 27 फैक्ट्रियां सीज की गईं।
फसल बीमा में 500 करोड़ का घोटाला
मंत्री ने आरोप लगाया कि फसल बीमा योजना में पिछली सरकार के दौरान सहकारी समितियों ने फर्जी बंटाईदार दिखाकर करोड़ों रुपये का दावा उठाया। यह घोटाला 10 से अधिक जिलों में फैला और लगभग 500 करोड़ रुपये का बताया गया। वर्तमान में बैंक अधिकारियों द्वारा खातों की जांच की जा रही है। मंत्री ने कहा कि पात्र किसानों को अब तक 6,517 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें पूर्व सरकार के समय का 830 करोड़ रुपये बकाया भी शामिल है।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया, “टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप गंभीर हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मामले की एसीबी जांच कराई जाएगी।”
