Saturday, January 31

Politics

नीतीश का मिथिला कार्ड: समृद्धि यात्रा का दूसरा चरण मधुबनी से, जदयू की राजनीतिक पकड़ मजबूत
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नीतीश का मिथिला कार्ड: समृद्धि यात्रा का दूसरा चरण मधुबनी से, जदयू की राजनीतिक पकड़ मजबूत

मधुबनी/पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी दूसरी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत मधुबनी से कर अपने राजनीतिक इरादों को साफ कर दिया है। यह वही जिला है, जहां 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 10 में से 9 सीटों पर जीत मिली थी। इस चुनाव में जदयू ने भाजपा के बराबर स्ट्राइक रेट दर्ज कर मिथिलांचल में अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराया। चुनावी प्रदर्शन से समझिए रणनीति मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के 2025 के परिणामों के अनुसार एनडीए ने जिले की 10 सीटों में 9 पर जीत हासिल की। जदयू ने फुलपरास, हरलाखी, बाबूबरही और लौकहा विधानसभा सीटें जीती, जबकि भाजपा ने झंझारपुर, राजनगर, बेनीपट्टी और खजौली पर कब्जा जमाया। आरएलएम और राजद ने बिस्फी और मधुबनी सीटें अपने नाम कीं। इस तरह जदयू ने भाजपा के बराबर स्ट्राइक रेट दर्ज किया और मिथिलांचल में राजनीतिक मजबूती का संदेश दिया। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू का स...
यूजीसी कानून 2026: सवर्ण समाज के विरोध पर भड़के स्वामी प्रसाद मौर्य, SC-ST-OBC के अधिकारों की उठाई आवाज
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यूजीसी कानून 2026: सवर्ण समाज के विरोध पर भड़के स्वामी प्रसाद मौर्य, SC-ST-OBC के अधिकारों की उठाई आवाज

लखनऊ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम, 2026' पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। नए नियम के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सभी वर्ग के छात्रों, शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए समानता कोषांग का गठन अनिवार्य किया गया है। इन कोषांगों का उद्देश्य उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव को रोकना और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है। हालांकि, सवर्ण समाज के कई संगठन और समूह इस कानून का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा भी विवादित रहा। राजनीतिक दल इस पर फिलहाल खुलकर बोलने से बच रहे हैं। लेकिन अब पूर्व मंत्री और जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने UGC कानून का समर्थन करते हुए SC, ST और OBC वर्ग के अधिकारों की जोरदार पैरवी की है। स्वामी प्रसाद मौर्य ...
391 करोड़ की ‘समृद्धि पोटली’ के साथ मधुबनी पहुंचे नीतीश, विकास कार्यों के साथ होगी योजनाओं की सख्त समीक्षा
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391 करोड़ की ‘समृद्धि पोटली’ के साथ मधुबनी पहुंचे नीतीश, विकास कार्यों के साथ होगी योजनाओं की सख्त समीक्षा

मधुबनी।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण के तहत 27 से 29 जनवरी तक मिथिलांचल के जिलों के दौरे पर हैं। इस चरण की शुरुआत मंगलवार को मधुबनी जिले से हुई, जहां मुख्यमंत्री ने करीब 391 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य नई योजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण करने के साथ-साथ पहले से चल रही सरकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करना है। 101 योजनाओं का शिलान्यास, 294 का लोकार्पण समृद्धि यात्रा के पहले दिन मुख्यमंत्री ने मधुबनी में 298 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 101 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही 93 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण 294 योजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इन योजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं। जनसंवाद से लें...
प्रधानमंत्री को चुनौती देकर RJD बनाने वाले लालू यादव की राजनीति का अंत? तेजस्वी के नेतृत्व पर उठे सवाल
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प्रधानमंत्री को चुनौती देकर RJD बनाने वाले लालू यादव की राजनीति का अंत? तेजस्वी के नेतृत्व पर उठे सवाल

    पटना: बिहार की राजनीति के दिग्गज लालू प्रसाद यादव की सक्रिय राजनीति का युग अब धीरे-धीरे समाप्त होता दिख रहा है। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लालू यादव की राजनीति से विदाई के संकेत दिए। उन्होंने तेजस्वी यादव की नई भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए और उन्हें एक तरह से 'कठपुतली कार्यकारी अध्यक्ष' बताया।   रोहिणी आचार्य ने लिखा कि लालू यादव की गौरवशाली राजनीतिक पारी का यह एक तरह से अंत है। उनका कहना है कि अगर पार्टी की वास्तविक शक्ति तेजस्वी के हाथ में नहीं रही, तो राजद में वास्तविक निर्णय किसके पास होंगे, यह सवाल बना रहेगा।   राजनीतिक संघर्ष और RJD का निर्माण लालू यादव संयोग से जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे, लेकिन उन्होंने अपने वरिष्ठ नेताओं और प्रधानमंत्री को चुनौती देकर 1997 में राष्ट्रीय ज...
मोदी–शाह के करीबी के. अन्नामलाई को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी  नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में एंट्री लगभग तय, तमिलनाडु में दिखा चुके हैं सियासी ताकत
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मोदी–शाह के करीबी के. अन्नामलाई को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में एंट्री लगभग तय, तमिलनाडु में दिखा चुके हैं सियासी ताकत

      भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पद संभालते ही संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलावों की आहट तेज हो गई है। आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत रणनीति बनाने में जुटी है। इसी कड़ी में तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई को पार्टी में बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा जोरों पर है।   सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई की नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अन्नामलाई जैसे आक्रामक और जमीनी नेता को आगे लाकर तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत में भाजपा को निर्णायक बढ़त मिल सकती है।   तमिलनाडु चुनावों पर भाजपा का विशेष फोकस  ...
मुंब्रा छोटा है, ठाणे भगवा, कैसे हरा होगा? सहर शेख के बयान पर एकनाथ शिंदे का बड़ा हमला
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मुंब्रा छोटा है, ठाणे भगवा, कैसे हरा होगा? सहर शेख के बयान पर एकनाथ शिंदे का बड़ा हमला

मुंबई: महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका चुनाव के परिणाम आने के बाद एआईएमआईएम की पार्षद सहर शेख के बयान ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। 29 वर्षीय सहर शेख ने ठाणे के मुंब्रा वार्ड से जीत हासिल कर चर्चाओं का विषय बन गई हैं। सहर शेख और उनके पिता युनूस शेख ने एनसीपी के विधायक जितेंद्र आव्हाण को निशाने पर लिया था। जीत के बाद सहर शेख ने कहा था, “हम किसी के बाप के मोहताज नहीं हैं। हमारे पास अल्लाह और मजलिस की ताकत है। अगले पांच साल में मुंब्रा को हरे रंग से रंग दें।” सहर के इस बयान पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुंब्रा पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर भड़काऊ भाषण न देने की चेतावनी दी गई। इस बयान पर अब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “ठाणे भगवा है। मुंब्रा बहुत छोटा है। यह भगवा में कैसे हरा होगा। मुंब्रा में म...
ठाकरे भाई अब नहीं होंगे अलग! बाल ठाकरे के जन्मदिन पर छलका प्यार, मंच पर बजी तालियां
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ठाकरे भाई अब नहीं होंगे अलग! बाल ठाकरे के जन्मदिन पर छलका प्यार, मंच पर बजी तालियां

मुंबई: शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के 100वें जन्मदिन पर मुंबई में ठाकरे भाइयों – उद्धव और राज ठाकरे – के बीच कीमिस्ट्री ने सभी का दिल जीत लिया। 20 साल तक अलग रहने के बाद, पिछले साल राज ठाकरे ने भाई उद्धव का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस कार्यक्रम में उनकी मधुर मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। मंच पर जब संचालनकर्ता ने कहा कि उद्धव ठाकरे राज का सम्मान करें, तो मनसे प्रमुख राज ठाकरे चौंक उठे और बोले, “ऐसा कैसे हो सकता है।” इसके बाद राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे का सम्मान किया। शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी राज ठाकरे को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों भाइयों के बीच की गर्मजोशी और सम्मान साफ झलक रहा था। राज ठाकरे ने मंच पर सम्मान देने की क्रम उलटने की परंपरा को भी न मानते हुए, भाई उद्धव को पूरी इज्जत दी। उद्धव ठाकरे जहां अभिभूत दिखे, वहीं राज ने साफ कर दिया कि बाल ठाकरे क...
मोदी से योगी तक ने दी जन्मदिन की बधाई! जानिए कौन हैं बिहार के ‘पावर हाउस’ ललन सिंह
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मोदी से योगी तक ने दी जन्मदिन की बधाई! जानिए कौन हैं बिहार के ‘पावर हाउस’ ललन सिंह

पटना: बिहार की राजनीति के पर्दे के पीछे के ‘चाणक्य’ और कुशल रणनीतिकार राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। मुंगेर से जेडीयू सांसद और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। 1974 के जेपी आंदोलन में सक्रिय रहकर राजनीति में अपनी पहचान बनाने वाले ललन सिंह को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सबसे भरोसेमंद ‘संकटमोचक’ माना जाता है। बिहार की सत्ता समीकरणों को तय करने में उनका राजनीतिक अनुभव और रणनीतिक कुशलता अहम रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह हमारे पंचायती राज तंत्र को मजबूत करने और पशुपालन, मत्स्य पालन व दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें उ...
नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ में अधूरी योजनाओं की समीक्षा: मुजफ्फरपुर के विकास पर गहरी नजर
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नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ में अधूरी योजनाओं की समीक्षा: मुजफ्फरपुर के विकास पर गहरी नजर

    मुजफ्फरपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुजफ्फरपुर पहुंचेगे। इस यात्रा में वे जिले के लिए नई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, साथ ही उन योजनाओं की भी समीक्षा करेंगे, जो किसी कारणवश अधूरी पड़ी हैं।   मुख्यमंत्री की निगाह उन प्रमुख योजनाओं पर है, जिन्होंने अभी तक अपनी पूरी गति नहीं पकड़ी। इनमें शामिल हैं:   अपूर्ण सिक्स लेन: रामदयालु नगर से चांदनी चौंक तक बनने वाले 89.77 करोड़ की लागत वाले इस सिक्स लेन प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण और अन्य समस्याएं आई हैं। नीतीश कुमार इसकी गहन समीक्षा करेंगे।   गोबरसाही आरओबी: 167.68 करोड़ की लागत से बनने वाला यह अति महत्वपूर्ण रोड ओवर ब्रिज अधूरा है।   जगन्नाथ मिश्रा पुल का एप्रोच रोड: 120 करोड़ की लागत वाली इस योजना के निर्माण में भी भूमि अधिग्रहण की अड़चनें हैं। ...
मुंब्रा की हिजाब वाली पार्षद सहर शेख ने दिया विवादित बयान, AIMIM की जीत पर बोलीं – “पूरे इलाके को हरा रंगना है”
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मुंब्रा की हिजाब वाली पार्षद सहर शेख ने दिया विवादित बयान, AIMIM की जीत पर बोलीं – “पूरे इलाके को हरा रंगना है”

    मुंबई: महाराष्ट्र में हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में मुंब्रा के वार्ड 30 से AIMIM की युवा पार्षद सहर शेख सुर्खियों में आ गई हैं। उनके जीत के तुरंत बाद दिए गए एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। सहर शेख ने कहा, “अल्लाह की ताकत से हमें जीत मिली है और अगले पांच साल में मुंब्रा को हरे रंग में रंगना है।” उनके इस बयान को कुछ लोगों ने विभाजनकारी बताया है।   राजनीतिक पृष्ठभूमि और जीत का सफर 29 वर्षीय सहर शेख ने अपनी पहली स्पीच में यह भी कहा कि वे किसी के बाप की मोहताज नहीं हैं। सहर शेख AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) की टिकट पर चुनाव लड़ीं और सिर्फ एनसीपी के प्रत्याशी शरद पवार के समर्थक जितेंद्र आव्हाण को ही नहीं हराया, बल्कि बीजेपी, शिवसेना और कांग्रेस के अन्य उम्मीदवारों को भी पीछे छोड़ते हुए 400 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।   स...