Saturday, April 18

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राजस्थान विधानसभा में बजट बहस का आगाज़, दीया कुमारी ने स्पष्ट किया: स्टेट हाइवे टोल फ्री नहीं होंगे
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राजस्थान विधानसभा में बजट बहस का आगाज़, दीया कुमारी ने स्पष्ट किया: स्टेट हाइवे टोल फ्री नहीं होंगे

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार से बजट पर बहस शुरू हो गई है। प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद विधायकों द्वारा सरकार की नीतियों, योजनाओं और बजट प्रावधानों पर कड़ा सवाल-जवाब किया जा रहा है। इस दौरान विपक्षी कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के बीच वार-पलटवार का दौर देखने को मिल रहा है। टोल फ्री को लेकर सरकार का स्पष्ट रुखसिकराय से भाजपा विधायक विक्रम बंशीवाल ने स्टेट हाईवे पर छोटे वाहनों के टोल फ्री होने को लेकर सवाल उठाया। इस सवाल का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने बताया कि वसुंधरा राजे सरकार के दौरान छोटे वाहनों से स्टेट हाईवे टोल माफ किया गया था। लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार ने इसे बदलते हुए फिर से टोल वसूली शुरू कर दी। वर्तमान में छोटे वाहनों के टोल माफ करने की कोई योजना प्रक्रियाधीन नहीं है। अगले सप्ताह संभावित घोषणाएंडिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी अगले सप्ताह बजट बहस का ...
गुवाहाटी। असम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 फरवरी को समाप्त हुई, जो नवंबर से राज्य के सभी 35 जिलों में चल रही थी।  इस विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाया जा सके।  5.86 लाख नए नाम जुड़े, 2.43 लाख नाम हटाए गए  मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सत्यापन अभियान में लगभग 6.27 लाख ऐसे युवाओं की पहचान हुई जिनकी उम्र 18 वर्ष हो चुकी है या होने वाली है।  इसके अलावा अंतिम सूची में:  5.86 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए  2.43 लाख नाम मसौदा सूची से हटाए गए  उन्होंने बताया कि यह हटाए गए नाम कुल मसौदा सूची का लगभग 0.97 प्रतिशत हैं।  35 में से 24 जिलों में मतदाता संख्या घटी  निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, असम के 35 जिलों में से 24 जिलों में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई, जबकि 11 जिलों में मतदाता संख्या बढ़ी है।  आंकड़ों में यह बदलाव कुछ सौ से लेकर 30 हजार से अधिक तक दर्ज किया गया।  आदिवासी और पहाड़ी जिलों में बड़ी गिरावट  रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के तीन पहाड़ी जिलों और बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।  इसके साथ ही कामरूप और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में भी वोटरों की संख्या कम हुई है, जहां राज्य की राजधानी गुवाहाटी स्थित है।  मुस्लिम बहुल जिलों में वोटर बढ़े  सबसे अहम बात यह सामने आई है कि असम के अधिकांश मुस्लिम बहुल जिलों में मसौदा सूची की तुलना में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, बहुसंख्यक आदिवासी जनसंख्या वाले जिलों में वोटरों की संख्या घटने से इस प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।  निर्वाचन अधिकारी बोले—विशेष पुनरीक्षण में गिरावट सामान्य  मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने कहा कि अधिकारियों ने पूरी सतर्कता के साथ मतदाता सूची को अपडेट किया है और यह सुनिश्चित किया गया कि सूची अधिकतम त्रुटिरहित हो।  उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी जब विशेष पुनरीक्षण होता है, तो आमतौर पर मतदाता संख्या में गिरावट देखने को मिलती है, क्योंकि मृत, स्थानांतरित या फर्जी नाम हटाए जाते हैं।  जनता से अपील—मतदाता सूची में नाम जरूर जांचें  मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य की जनता से अपील की है कि अंतिम सूची प्रकाशित हो चुकी है, इसलिए हर नागरिक को अपना नाम दोबारा जांच लेना चाहिए।  उन्होंने कहा कि लोग:  Voter Helpline App  voters.eci.gov.in पोर्टल  या अपने BLO से संपर्क कर सूची में अपना नाम सत्यापित कर सकते हैं।  उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो अपडेट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि तक सूची में सुधार जारी रहेगा।
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गुवाहाटी। असम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 फरवरी को समाप्त हुई, जो नवंबर से राज्य के सभी 35 जिलों में चल रही थी। इस विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाया जा सके। 5.86 लाख नए नाम जुड़े, 2.43 लाख नाम हटाए गए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सत्यापन अभियान में लगभग 6.27 लाख ऐसे युवाओं की पहचान हुई जिनकी उम्र 18 वर्ष हो चुकी है या होने वाली है। इसके अलावा अंतिम सूची में: 5.86 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए 2.43 लाख नाम मसौदा सूची से हटाए गए उन्होंने बताया कि यह हटाए गए नाम कुल मसौदा सूची का लगभग 0.97 प्रतिशत हैं। 35 में से 24 जिलों में मतदाता संख्या घटी निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, असम के 35 जिलों में से 24 जिलों में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई, जबकि 11 जिलों में मतदाता संख्या बढ़ी है। आंकड़ों में यह बदलाव कुछ सौ से लेकर 30 हजार से अधिक तक दर्ज किया गया। आदिवासी और पहाड़ी जिलों में बड़ी गिरावट रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के तीन पहाड़ी जिलों और बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। इसके साथ ही कामरूप और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में भी वोटरों की संख्या कम हुई है, जहां राज्य की राजधानी गुवाहाटी स्थित है। मुस्लिम बहुल जिलों में वोटर बढ़े सबसे अहम बात यह सामने आई है कि असम के अधिकांश मुस्लिम बहुल जिलों में मसौदा सूची की तुलना में अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, बहुसंख्यक आदिवासी जनसंख्या वाले जिलों में वोटरों की संख्या घटने से इस प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। निर्वाचन अधिकारी बोले—विशेष पुनरीक्षण में गिरावट सामान्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने कहा कि अधिकारियों ने पूरी सतर्कता के साथ मतदाता सूची को अपडेट किया है और यह सुनिश्चित किया गया कि सूची अधिकतम त्रुटिरहित हो। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी जब विशेष पुनरीक्षण होता है, तो आमतौर पर मतदाता संख्या में गिरावट देखने को मिलती है, क्योंकि मृत, स्थानांतरित या फर्जी नाम हटाए जाते हैं। जनता से अपील—मतदाता सूची में नाम जरूर जांचें मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य की जनता से अपील की है कि अंतिम सूची प्रकाशित हो चुकी है, इसलिए हर नागरिक को अपना नाम दोबारा जांच लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग: Voter Helpline App voters.eci.gov.in पोर्टल या अपने BLO से संपर्क कर सूची में अपना नाम सत्यापित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो अपडेट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि तक सूची में सुधार जारी रहेगा।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्यभर से मुगल शासकों से जुड़े नाम और निशान हटाए जाएंगे। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में बंगाल में बाबर जैसे “विदेशी हमलावरों” के नाम सार्वजनिक स्थानों पर बने रहेंगे, लेकिन भाजपा सरकार बनने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। ‘अप्रैल तक इंतजार कीजिए, फिर देखिए क्या होता है’ भाजपा नेता ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में भाजपा सरकार बनाएगी और उसके बाद बंगाल में मुगल शासकों से जुड़े नामों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा—“अप्रैल तक इंतजार करें, जब हम...
असम में SIR प्रक्रिया पूरी, अंतिम मतदाता सूची जारी
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असम में SIR प्रक्रिया पूरी, अंतिम मतदाता सूची जारी

गुवाहाटी। असम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो गई है और राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 फरवरी को समाप्त हुई, जो नवंबर से राज्य के सभी 35 जिलों में चल रही थी। इस विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाया जा सके। 5.86 लाख नए नाम जुड़े, 2.43 लाख नाम हटाए गए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सत्यापन अभियान में लगभग 6.27 लाख ऐसे युवाओं की पहचान हुई जिनकी उम्र 18 वर्ष हो चुकी है या होने वाली है। इसके अलावा अंतिम सूची में: 5.86 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए 2.43 लाख नाम मसौदा सूची से हटाए गए उन्होंने बताया कि यह हटाए गए नाम कुल मसौदा सूची का लगभग 0.97 प्रतिशत हैं। 35 में स...
दक्षिण कोलकाता में मतदाता सूची संशोधन पर विवाद, भवानीपुर-बालीगंज में ‘तार्किक विसंगति’ वाले वोटरों में मुस्लिम सबसे अधिक
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दक्षिण कोलकाता में मतदाता सूची संशोधन पर विवाद, भवानीपुर-बालीगंज में ‘तार्किक विसंगति’ वाले वोटरों में मुस्लिम सबसे अधिक

कोलकाता। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के दौरान दक्षिण कोलकाता के दो प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों भवानीपुर और बालीगंज में सामने आई ‘तार्किक विसंगतियों’ (Logical Discrepancies) ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि इन क्षेत्रों में विसंगति के आधार पर चिह्नित मतदाताओं में मुस्लिम समुदाय के वोटरों की संख्या असमान रूप से अधिक पाई गई है। यह अध्ययन सबार इंस्टीट्यूट द्वारा किया गया है, जिसमें SIR प्रक्रिया के दौरान चिह्नित मतदाताओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। भवानीपुर में 15 हजार से अधिक मतदाताओं में आधे से ज्यादा मुस्लिम अध्ययन के अनुसार, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में तार्किक विसंगति के तहत चिह्नित कुल 15,145 मतदाताओं में से 7,846 मतदाता मुस्लिम हैं। यानी यह अनुपात करीब 52% तक पह...
यूपी बजट 2026: कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये, किसानों को लेकर बड़ी घोषणाएं
Politics, State, Uttar Pradesh

यूपी बजट 2026: कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये, किसानों को लेकर बड़ी घोषणाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के दसवें बजट में किसानों को विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए किसानों के हितों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। कृषि योजनाओं के लिए बजट प्रावधान सरकार ने कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इससे किसानों को अपनी फसल उत्पादन बढ़ाने और कृषि गतिविधियों में सुधार करने में मदद मिलेगी। सिंचाई योजनाओं के लिए भी पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। गन्ना किसानों का रिकॉर्ड भुगतान पिछले नौ सालों में गन्ना किसानों को 3,04,321 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पिछली सरकारों की तुलना में 90,888 करोड़ रुपये अधिक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और उनके हक सुनिश्चित करने को सरकार प्राथमिकता दे रही है। किसानों...
लोकसभा स्पीकर के चेंबर में कांग्रेस सांसदों का गाली-गलौच, रिजिजू ने लगाया गंभीर आरोप
Natioanal, Politics

लोकसभा स्पीकर के चेंबर में कांग्रेस सांसदों का गाली-गलौच, रिजिजू ने लगाया गंभीर आरोप

नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को गंभीर आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चेंबर में घुसकर उन्हें भला-बुरा कहा। रिजिजू ने बताया कि इस घटना के समय वह भी मौके पर मौजूद थे। रिजिजू बोले- स्पीकर के साथ दुर्व्यवहारकेंद्रीय मंत्री ने कहा, "कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चेंबर में घुस आए और उनसे दुर्व्यवहार किया। यदि स्पीकर कठोर स्वभाव के होते तो निश्चित रूप से कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद थे और वे उन्हें उकसा रहे थे।" अविश्वास प्रस्ताव पेशयह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष ने महासचिव को नोटिस सौंपते हुए आरोप लगाया कि स्पीकर पक्षपाती तरीके से सदन का संचालन कर रहे हैं, कांग्रेस सांसदों प...
अनुष्का यादव की ‘वो’ तस्वीरों ने बढ़ाई तेज प्रताप यादव की मुश्किलें
Bihar, Politics, State

अनुष्का यादव की ‘वो’ तस्वीरों ने बढ़ाई तेज प्रताप यादव की मुश्किलें

पटना: बिहार की सियासत में इस समय तेज प्रताप यादव चर्चा में हैं। मामला अनुष्का यादव की बेटी को जन्म देने से जुड़ा है। हालांकि तेज प्रताप यादव ने इस बात से साफ इनकार किया कि उनका अनुष्का यादव या उनकी नवजात बेटी से कोई संबंध है। जानकारी के अनुसार, 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अनुष्का यादव और तेज प्रताप यादव की कुछ पुरानी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने राजनीतिक और सामाजिक बवाल मचा दिया। तेज प्रताप के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए पोस्ट में 12 साल पुराने रिश्ते का उल्लेख था। पोस्ट में दावा किया गया कि दोनों लंबे समय से रिलेशनशिप में हैं और अब इसे सार्वजनिक किया जा रहा है। विवादास्पद तस्वीरें और सोशल मीडिया पोस्टतस्वीरों में अनुष्का यादव नवविवाहित महिला की तरह नजर आ रही थीं। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद तेज प्रताप ने पोस्ट और तस्वीरों को गलत बताते हुए कहा कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया है और...
बिहार में रेंट एग्रीमेंट कराना होगा सस्ता, 50% तक निबंधन शुल्क घटाने की तैयारी
Bihar, Politics, State

बिहार में रेंट एग्रीमेंट कराना होगा सस्ता, 50% तक निबंधन शुल्क घटाने की तैयारी

पटना: बिहार में किराए पर मकान, दुकान या अन्य संपत्ति लेने वालों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार जल्द ही रेंट एग्रीमेंट और निबंधित लीज एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 फीसदी तक कटौती करने की तैयारी कर रही है। इस कदम से किराएदारों और मकान मालिकों दोनों को सीधा फायदा मिलेगा। इस प्रस्ताव पर काम शुरू करते हुए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने एक विशेष समिति (स्पेशल कमेटी) का गठन कर दिया है, जो शुल्क कटौती को लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने रेंट एग्रीमेंट को कानूनी रूप से रजिस्टर्ड कराएं। पटना में 10 लाख से ज्यादा किराएदार, फिर भी रजिस्ट्रेशन बेहद कम विभागीय आंकड़ों के अनुसार राजधानी पटना में होल्डिंग टैक्स देने वाले करीब 3 लाख 10 हजार रजिस्टर्ड घर हैं। नगर निगम के अनुमान के मुताबिक यहां 10 लाख से अधिक किराएदार (घरेलू और व्यावसायिक) रह रहे...
राजस्थान बजट 2026: दीया कुमारी के पिटारे में क्या होगा खास? 10 बड़ी घोषणाओं पर टिकी प्रदेश की नजरें
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राजस्थान बजट 2026: दीया कुमारी के पिटारे में क्या होगा खास? 10 बड़ी घोषणाओं पर टिकी प्रदेश की नजरें

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बुधवार सुबह 11 बजे उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करेंगी। भजनलाल शर्मा सरकार के इस बजट को लेकर प्रदेशभर में खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट ‘विकसित राजस्थान-2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। राज्य सरकार के इस बजट से युवाओं, किसानों, महिलाओं, सड़क परिवहन, जल आपूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर बड़ी घोषणाओं की उम्मीद जताई जा रही है। युवाओं, किसानों और महिलाओं पर रहेगा विशेष फोकस सूत्रों के अनुसार, इस बार के बजट में युवाओं के लिए नई नौकरियों की घोषणा हो सकती है। वहीं ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए विशेष मार्ट स्थापित करने की योजना सामने आ सकती है। किसानों को राहत देने के लिए सम्मान निधि में बढ़...
महाराष्ट्र जिला पंचायत चुनाव में ननद-भौजाई की T-20 जैसी टक्कर, आशा भिसे ने दो वोटों से हराई भाभी सरिता
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महाराष्ट्र जिला पंचायत चुनाव में ननद-भौजाई की T-20 जैसी टक्कर, आशा भिसे ने दो वोटों से हराई भाभी सरिता

पुणे/लातूर: महाराष्ट्र के जिला परिषद चुनावों में एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला, जहां ननद और भाभी आमने-सामने थीं। लातूर जिले के रेनापुर तहसील के कामखेड़ा जिला परिषद ग्रुप चुनाव में कांग्रेस कैंडिडेट ननद आशा भिसे ने बीजेपी कैंडिडेट अपनी भाभी सरिता भिसे को केवल दो वोटों के अंतर से हराया। रोचक मतगणनामतगणना के परिणाम के अनुसार, आशा भिसे को कुल 6,871 वोट मिले, जबकि सरिता भिसे को 6,869 वोट ही प्राप्त हुए। यह मुकाबला इतना रोमांचक था कि हार-जीत का फैसला केवल दो मतों के अंतर से हुआ। चुनाव की पृष्ठभूमिमहाराष्ट्र के जिला परिषद और पंचायत समितियों के लिए मतदान 7 फरवरी को संपन्न हुआ था। 9 फरवरी को सभी 12 जिला परिषद और 125 पंचायत परिषद के नतीजे घोषित किए गए। इस मुकाबले की चर्चा राज्य में खूब हो रही है, क्योंकि ननद-भौजाई का आमना-सामना और जीत का अंतर बेहद न्यूनतम था। राजनीतिक रंगइस चुनाव में आशा भिसे ...