
मुंबई: महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका चुनाव के परिणाम आने के बाद एआईएमआईएम की पार्षद सहर शेख के बयान ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। 29 वर्षीय सहर शेख ने ठाणे के मुंब्रा वार्ड से जीत हासिल कर चर्चाओं का विषय बन गई हैं।
सहर शेख और उनके पिता युनूस शेख ने एनसीपी के विधायक जितेंद्र आव्हाण को निशाने पर लिया था। जीत के बाद सहर शेख ने कहा था, “हम किसी के बाप के मोहताज नहीं हैं। हमारे पास अल्लाह और मजलिस की ताकत है। अगले पांच साल में मुंब्रा को हरे रंग से रंग दें।”
सहर के इस बयान पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुंब्रा पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर भड़काऊ भाषण न देने की चेतावनी दी गई।
इस बयान पर अब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “ठाणे भगवा है। मुंब्रा बहुत छोटा है। यह भगवा में कैसे हरा होगा। मुंब्रा में मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा है। यह क्षेत्र धर्मवीर आनंद दिघे का है और पूरी तरह भगवा है।”
सहर शेख ने स्पष्ट किया कि उनका बयान केवल एआईएमआईएम के मुंब्रा में मजबूत पकड़ और पार्टी की जीत को लेकर था। उनकी पार्टी का झंडा हरा रंग का है और उन्होंने केवल उसी संदर्भ में मुंब्रा को हरे रंग से रंगने की बात कही थी।
मुंबई और ठाणे की राजनीतिक बिसात पर यह बयान फिर से चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।