
पटना: बिहार की राजनीति के पर्दे के पीछे के ‘चाणक्य’ और कुशल रणनीतिकार राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। मुंगेर से जेडीयू सांसद और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
1974 के जेपी आंदोलन में सक्रिय रहकर राजनीति में अपनी पहचान बनाने वाले ललन सिंह को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सबसे भरोसेमंद ‘संकटमोचक’ माना जाता है। बिहार की सत्ता समीकरणों को तय करने में उनका राजनीतिक अनुभव और रणनीतिक कुशलता अहम रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह हमारे पंचायती राज तंत्र को मजबूत करने और पशुपालन, मत्स्य पालन व दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां चंडिका देवी से उनके लिए सफलता और स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
24 जनवरी 1955 को पटना में जन्मे ललन सिंह भूमिहार समाज से हैं। राजनीति में उनकी शुरुआत छात्र जीवन से हुई थी। मुंगेर से सांसद बनने के बाद वे राज्यसभा सदस्य और बिहार सरकार में जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे। जेडीयू में उनका कद इतना ऊँचा रहा कि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संगठन मजबूत करने और गठबंधन राजनीति में उनका अनुभव उन्हें पार्टी का अहम स्तंभ बनाता है।
हालांकि ललन सिंह का राजनीतिक सफर विवादों से भी खाली नहीं रहा। 2010 के आसपास उनका नीतीश कुमार से मतभेद हुआ, और उन्होंने बगावती तेवर अपनाए। इसके बाद दोनों के रिश्ते सुधरे और ललन सिंह फिर नीतीश के सबसे भरोसेमंद सहयोगी बन गए। उनके बेबाक और कई बार तल्ख बयानों ने भी बिहार की राजनीति में कई बार हलचल मचाई है।
मुंगेर क्षेत्र के विकास और गंगा पर बने रेल-सह-सड़क पुल जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए उनके प्रयासों की प्रशंसा होती है। बिहार की राजनीति में पर्दे के पीछे प्रभाव रखने वाले ललन सिंह आज भी पार्टी और जनता में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।