
मधुबनी/पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी दूसरी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत मधुबनी से कर अपने राजनीतिक इरादों को साफ कर दिया है। यह वही जिला है, जहां 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 10 में से 9 सीटों पर जीत मिली थी। इस चुनाव में जदयू ने भाजपा के बराबर स्ट्राइक रेट दर्ज कर मिथिलांचल में अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराया।
चुनावी प्रदर्शन से समझिए रणनीति
मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के 2025 के परिणामों के अनुसार एनडीए ने जिले की 10 सीटों में 9 पर जीत हासिल की। जदयू ने फुलपरास, हरलाखी, बाबूबरही और लौकहा विधानसभा सीटें जीती, जबकि भाजपा ने झंझारपुर, राजनगर, बेनीपट्टी और खजौली पर कब्जा जमाया। आरएलएम और राजद ने बिस्फी और मधुबनी सीटें अपने नाम कीं। इस तरह जदयू ने भाजपा के बराबर स्ट्राइक रेट दर्ज किया और मिथिलांचल में राजनीतिक मजबूती का संदेश दिया।
वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू का स्ट्राइक रेट मधुबनी में कुछ कम था, जबकि भाजपा ने चार में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2015 के चुनाव में जदयू को महागठबंधन की ओर से लड़ाई में तीन सीटों पर ही सफलता मिली थी।
प्रगति यात्रा का असर
समृद्धि और प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मधुबनी पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। 2025 में यात्रा के दौरान उन्होंने मधुबनी में 1107 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी थी। उस समय 139 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ किया गया था।
समृद्धि यात्रा 2026: मधुबनी को ‘रिटर्न गिफ्ट’
समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मधुबनी को 391 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। पहले दिन 101 नई योजनाओं का शिलान्यास 298 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जबकि 294 योजनाओं का लोकार्पण 93 करोड़ रुपये की लागत से जनता को सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री स्थानीय लोगों से जनसंवाद कर सरकारी योजनाओं का फीडबैक भी लेंगे।
नीतीश कुमार की इस यात्रा से स्पष्ट संदेश यह है कि मिथिलांचल में जदयू की राजनीतिक पकड़ मजबूत है और मधुबनी इसे केंद्र बिंदु बना रहा है। इस जिले में जीत और विकास योजनाओं के माध्यम से पार्टी अपनी पकड़ को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।