Saturday, January 31

Politics

बिहार: विधायक बनने के लिए जमीन बिकी, सतीश प्रसाद सिंह को उनके धैर्य ने बनाया पहला ओबीसी मुख्यमंत्री
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बिहार: विधायक बनने के लिए जमीन बिकी, सतीश प्रसाद सिंह को उनके धैर्य ने बनाया पहला ओबीसी मुख्यमंत्री

पटना: बिहार की राजनीति में 28 जनवरी 1968 ऐतिहासिक दिन बन गया। इस दिन सतीश प्रसाद सिंह बिहार के पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मुख्यमंत्री बने। हालांकि यह कार्यकाल केवल पाँच दिन का था, लेकिन उनके धैर्य और राजनीतिक कौशल ने उन्हें इतिहास में अमर कर दिया। सतीश प्रसाद सिंह का राजनीतिक सफरमुंगेर जिले के कुरचक्का गांव से आने वाले सतीश प्रसाद सिंह जमींदार परिवार से थे। राजनीति में उनकी रुचि पढ़ाई के दौरान ही जाग गई थी। उनका चुनावी सफर चुनौतियों भरा रहा। 1962: स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर पहला चुनाव हार गए। 1964: उपचुनाव में फिर हार, यहां तक कि चुनाव जीतने के लिए जमीन भी बिक गई। 1967: तीसरी बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और पहली बार जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें बिहार की राजनीति में नई पहचान दिलाई और उनके संकल्प को साबित किया। 1967 का राजनीतिक उथल...
बिहार में 28 जनवरी की वो तारीख जब पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सामना किया अविश्वास प्रस्ताव
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बिहार में 28 जनवरी की वो तारीख जब पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सामना किया अविश्वास प्रस्ताव

पटना: बिहार की राजनीति में 28 जनवरी ऐतिहासिक तारीख के रूप में दर्ज है। 1968 में इसी दिन महामाया प्रसाद सिन्हा की गैर-कांग्रेसी सरकार अविश्वास प्रस्ताव के कारण गिर गई थी। प्रतिभा और देशभक्ति के धनी सिन्हा ने ICS की परीक्षा पास करने के बावजूद देश सेवा चुनी और गांधी जी के आंदोलन से जुड़कर जननायक बने। मुख्यमंत्री बनने का शानदार सफर1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से दूर। संसोपा ने 68 सीटें जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। महामाया प्रसाद सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में केबी सहाय को पटना पश्चिम से हराकर राजनीतिक तहलका मचा दिया। इसके बाद उन्हें राजा कामाख्या नारायण सिंह के जनक्रांति दल में शामिल होने का आमंत्रण मिला, और परिणामस्वरूप 13 निर्दलीय विधायक उनके साथ आए। महामाया प्रसाद सिन्हा को मुख्यमंत्री बनाकर बड़े जनादेश का सम्मान किया गया, जबकि कर्पूरी ठ...
‘नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं’, बिहार के कांग्रेस सांसद ने उठाया दलित भेदभाव का मुद्दा
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‘नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं’, बिहार के कांग्रेस सांसद ने उठाया दलित भेदभाव का मुद्दा

सासाराम/दिल्ली: बिहार के सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर रोक अभी भी जारी है और इसे जल्द ठीक करने की आवश्यकता है। दलित भेदभाव पर सवाल:मनोज कुमार ने कहा, "बीकेटीसी गैर-हिंदुओं के अधिकारों की बात कर रही है, लेकिन मैं दलित समाज से आता हूं। आज भी कई मंदिरों में दलितों का प्रवेश प्रतिबंधित है। अगर कोई दलित मंदिर में जाता है तो उसे धोया जाता है। हम हिंदू हैं, तो हमारे साथ यह भेदभाव क्यों?" उन्होंने स्पष्ट किया कि मुसलमान मस्जिद जाएंगे, ईसाई गिरजाघर, सिख गुरुद्वारा, लेकिन दलितों के साथ भेदभाव क्यों। 'नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी'सांसद ने कहा, "नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं, लेकिन व्यवहार में भेदभाव अभी भी जारी है। हम तो हिंदू हैं, तो हमारे साथ...
आज दरभंगा में नीतीश की ‘समृद्धि यात्रा’, 90 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, एयरपोर्ट का भी बदलेगा हुलिया
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आज दरभंगा में नीतीश की ‘समृद्धि यात्रा’, 90 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, एयरपोर्ट का भी बदलेगा हुलिया

दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दूसरे चरण में आज दरभंगा पहुंचे हैं। इस अवसर पर वे जिले को 138 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री दरभंगा हवाई अड्डे के निर्माणाधीन टर्मिनल, अंतरराज्यीय बस पड़ाव और आमस-दरभंगा पथ जैसी प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण करेंगे। 90 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यासनीतीश कुमार जिले में कुल 50 योजनाओं का शिलान्यास (105 करोड़ रुपये) और 40 योजनाओं का उद्घाटन (33 करोड़ रुपये) करेंगे। यह यात्रा जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा और नई परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से की जा रही है। अंतरराज्यीय बस पड़ाव का जायजामुख्यमंत्री दिल्ली मोड़ पर 88.78 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आधुनिक अंतरराज्यीय बस पड़ाव का निरीक्षण करेंगे। यह परियोजना दिसंबर 2027 तक पूरी होने की संभावना है। इसी दौरान वे प्रगति यात्रा ...
UGC विवाद: नीतीश की पार्टी का स्टैंड साफ, सवाल सुनते ही नित्यानंद राय ने लगाई जयकारे
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UGC विवाद: नीतीश की पार्टी का स्टैंड साफ, सवाल सुनते ही नित्यानंद राय ने लगाई जयकारे

पटना/हाजीपुर: UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए रेगुलेशन 2026 को लेकर बिहार सहित देशभर में सियासी हलचल मची हुई है। अपर जातियों की नाराजगी और विरोध के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने अपना रुख स्पष्ट किया है। जेडीयू का स्टैंड:पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "लोकतंत्र में किसी भी तबके की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है और न्यायपालिका का निर्णय सर्वोपरि होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 'न्याय के साथ विकास' का आदर्श हैं।" केंद्रीय शिक्षा मंत्री का भरोसा:केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि UGC नियम संविधान के दायरे में रहकर लागू होंगे और किसी को उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा। नित्यानंद राय का अनोखा रुख:हाजीपुर के कौनहारा घाट पर आ...
बच्चे के भाषण पर मुस्कुराए सीएम योगी, कहा – ‘रास्ते पर घर मत बनवाना, नहीं तो बुलडोजर चलवा दूंगा’
Politics, State, Uttar Pradesh

बच्चे के भाषण पर मुस्कुराए सीएम योगी, कहा – ‘रास्ते पर घर मत बनवाना, नहीं तो बुलडोजर चलवा दूंगा’

गोरखपुर/नवभारत टाइम्स: गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक नन्हे बच्चे के भाषण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यक्रम का अवसर था खजांची चौराहा फ्लाईओवर और बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सांसद रवि किशन भी मौजूद थे। नन्हे बच्चे का भाषण मंच पर अचानक माइक से तेज आवाज गूंजी – "नमस्कार, मैं योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बोल रहा हूं।" इसके बाद मंच पर नन्हा बच्चा दिखाई दिया। उसने सीएम योगी के गेरुआ वस्त्र पहने थे और मंच से कहा,"रास्ते पर घर मत बनवाना, नहीं तो बुलडोजर चलवा दूंगा। जय श्री राम, भारत माता की जय, वंदे मातरम।" बच्चे की चतुराई और सीएम की तरह वेश-भूषा देखकर वहाँ मौजूद सभी लोग मुस्कुराते रहे। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया सीएम योगी ...
बीजेपी से जुड़े मानहानि केस में केजरीवाल–आतिशी को राहत नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 21 अप्रैल तक टाली, निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक बरकरार
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बीजेपी से जुड़े मानहानि केस में केजरीवाल–आतिशी को राहत नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 21 अप्रैल तक टाली, निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक बरकरार

नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की उस याचिका पर सुनवाई 21 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी है, जिसमें उन्होंने भाजपा से जुड़े मानहानि मामले को रद्द करने से इनकार करने वाले निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले में विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. के. सिंह की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि यह मामला नियमित सुनवाई वाले दिन (मंगलवार, बुधवार और गुरुवार) में ही सुना जाना चाहिए। इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं की ओर से सुनवाई टालने का अनुरोध स्वीकार किया गया। AAP की ओर से दलील आम आदमी पार्टी की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत को बताया कि यह मामला संवैधानिक और कानूनी प्रश्नों से जुड़ा है, जिस पर विस्तार से बहस जरूरी है। वहीं, केंद्...
बीजेपी को देशभर में चुनौती देने की क्षमता सिर्फ ममता बनर्जी में, अखिलेश यादव ने किया पूर्ण समर्थन का ऐलान
Politics, State, West Bengal

बीजेपी को देशभर में चुनौती देने की क्षमता सिर्फ ममता बनर्जी में, अखिलेश यादव ने किया पूर्ण समर्थन का ऐलान

कोलकाता: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। मंगलवार को कोलकाता में मुख्यमंत्री कार्यालय नबन्ना में हुई मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि अगर देश में कोई नेता भारतीय जनता पार्टी का डटकर मुकाबला कर सकता है, तो वह ममता बनर्जी हैं। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की राजनीतिक दृढ़ता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लगातार बीजेपी के हमलों का मजबूती से सामना किया है। उन्होंने लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए ममता बनर्जी के संघर्ष को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करने की कोशिश की जा रही है, जिससे आम ल...
बाल ठाकरे के सामने फीका पड़ा उद्धव का स्टारडम, मुंबई में बीएमसी चुनाव में हार ने जताई ब्रांड की कमजोरी
Maharashtra, Politics, State

बाल ठाकरे के सामने फीका पड़ा उद्धव का स्टारडम, मुंबई में बीएमसी चुनाव में हार ने जताई ब्रांड की कमजोरी

मुंबई, विश्वनाथ सुमन: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे का करिश्मा आज भी कायम है, लेकिन उनके उत्तराधिकारी उद्धव ठाकरे मुंबई की राजनीति में अपने पिता की छवि को कायम नहीं रख सके। जिस ठाकरे ब्रांड ने छह दशकों तक मुंबई पर प्रभाव बनाए रखा, वह बीएमसी चुनाव में हार के बाद कमजोर नजर आया। बाल ठाकरे: मुंबई की राजनीति के ‘जस्टिस’बाल ठाकरे ने 1966 में शिवसेना की स्थापना की और मराठी मानूस के अधिकारों के लिए लंबी राजनीतिक यात्रा तय की। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री, ट्रेड यूनियनों और बिजनेस वर्ग तक पर अपना प्रभाव दिखाया। बाल ठाकरे के सामने विरोधी भी कायदे में रहे और पार्टी में कई बागी हुए, लेकिन उनके करिश्मे के सामने टिक नहीं सके। उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व ने मुंबई में उन्हें राजनीतिक ‘जस्टिस’ की हैसियत दी। उद्धव ठाकरे के प्रयोग और हार2003 में उद्धव ठाकरे को उत्तराधिकारी बनाया ...
गणेश नाइक का शिंदे गुट पर वार “नाम और वजूद मिट सकता है”
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गणेश नाइक का शिंदे गुट पर वार “नाम और वजूद मिट सकता है”

मुंबई/ठाणे: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी नेता गणेश नाइक और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के बीच तल्खी देखने को मिली है। नाइक ने हाल ही में ठाणे में एक गणेश मंडल का दौरा करते हुए तीखा बयान देते हुए कहा कि अगर बीजेपी नेतृत्व उन्हें आजादी से काम करने देता है, तो शिंदे का राजनीतिक नाम और वजूद पूरी तरह मिट सकता है। नाइक का बयान और चुनावी असंतोष गणेश नाइक ने बिना शिंदे का नाम लिए कहा, “हमारी पार्टी अनुशासित है। एक बार आदेश मिलने के बाद हम उसका पालन करते हैं। जब मन सहमत नहीं होता, तब भी कार्यकर्ताओं ने पार्टी अनुशासन का पालन किया और चुप रहे।” नाइक ने हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों में महायुति गठबंधन की रणनीति पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि मेयर और अन्य पद कार्यकर्ताओं के लिए होते हैं, नेताओं के लिए नहीं। उनके अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद जिस पार्टी के पास ज्यादा पार्ष...