
अकोला/नागपुर।
महाराष्ट्र के अकोला महानगरपालिका में शुक्रवार को हुए मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए दोनों शीर्ष पदों पर जीत दर्ज की। बीजेपी की शारदा खेडकर मेयर और अमोल गोगे डिप्टी मेयर निर्वाचित हुए। इस चुनाव में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा।
मेयर पद के चुनाव में शारदा खेडकर को 45 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 32 वोट ही प्राप्त हो सके। बीजेपी को यह जीत अन्य दलों और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से मिली, जिसने चुनावी समीकरण को पूरी तरह बदल दिया।
अन्य दलों के समर्थन से बीजेपी की जीत
बीजेपी के पास अपने 38 पार्षदों के अलावा एनसीपी (एसपी) के तीन, एनसीपी (अजित पवार गुट) और शिवसेना के एक-एक पार्षद तथा दो निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला। खास बात यह रही कि कांग्रेस में शामिल हो चुके निर्दलीय पार्षद आशीष पवित्रकर ने अंतिम समय में बीजेपी प्रत्याशी का समर्थन किया। वहीं AIMIM के तीनों पार्षद मतदान में तटस्थ रहे।
एनसीपी के पार्षदों ने कहा कि उन्होंने शहर के विकास को प्राथमिकता देते हुए बीजेपी को समर्थन दिया है।
कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) को नुकसान
शिवसेना (यूबीटी) ने मेयर पद के लिए सुरेखा काले को मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस के आजाद खान उर्फ अलियार खान को 32 वोट मिले और वे डिप्टी मेयर पद के लिए अमोल गोगे से हार गए।
अकोला महानगरपालिका की स्थिति
80 सदस्यों वाली अकोला महानगरपालिका में सीटों का बंटवारा इस प्रकार है—
- बीजेपी: 38 सीटें
- कांग्रेस: 21 सीटें
- शिवसेना (यूबीटी): 6 सीटें
- वंचित बहुजन अघाड़ी: 5 सीटें
- AIMIM: 3 सीटें
- एनसीपी (एसपी): 3 सीटें
- शिवसेना और एनसीपी: 1-1 सीट
अकोला महानगरपालिका में कुल 20 वार्ड हैं। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में मुंबई महानगरपालिका सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए गए थे।
अकोला में यह जीत बीजेपी के लिए न सिर्फ स्थानीय स्तर पर मजबूती का संकेत है, बल्कि विपक्षी दलों के भीतर बढ़ती टूट और बदलते राजनीतिक समीकरणों को भी उजागर करती है।