
सासाराम/दिल्ली: बिहार के सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर रोक अभी भी जारी है और इसे जल्द ठीक करने की आवश्यकता है।
दलित भेदभाव पर सवाल:
मनोज कुमार ने कहा, “बीकेटीसी गैर-हिंदुओं के अधिकारों की बात कर रही है, लेकिन मैं दलित समाज से आता हूं। आज भी कई मंदिरों में दलितों का प्रवेश प्रतिबंधित है। अगर कोई दलित मंदिर में जाता है तो उसे धोया जाता है। हम हिंदू हैं, तो हमारे साथ यह भेदभाव क्यों?” उन्होंने स्पष्ट किया कि मुसलमान मस्जिद जाएंगे, ईसाई गिरजाघर, सिख गुरुद्वारा, लेकिन दलितों के साथ भेदभाव क्यों।
‘नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी’
सांसद ने कहा, “नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं, लेकिन व्यवहार में भेदभाव अभी भी जारी है। हम तो हिंदू हैं, तो हमारे साथ यह भेदभाव कब समाप्त होगा?”
बजट सत्र में उम्मीदें और राहत:
मनोज कुमार ने संसद के बजट सत्र 2026 को लेकर कहा कि देश और जनता दोनों उत्साहित हैं। महंगाई चरम पर है और इस बजट में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे, बैंक और विभिन्न मंत्रालयों में खाली पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को भी राहत मिलेगी और शिक्षा एवं स्वास्थ्य की स्थिति सुधरेगी।
किसानों और आम जनता की चिंता:
सांसद ने बिहार के किसानों की कठिनाईयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें खाद और धान बेचने के लिए भटकना पड़ता है। एम्स जैसे अस्पतालों में मरीज बिना कंबल के सोते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के हित में राहत देने वाला होगा।
मनोज कुमार ने दलित भेदभाव और बजट सत्र के मुद्दों पर स्पष्ट संदेश दिया कि समानता और न्याय सुनिश्चित किए बिना विकास अधूरा है।