एआई समिट के पीछे भारत की बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक सोच, चीन–अमेरिका को लग सकता है झटका
नई दिल्ली: भारत ने ऐसे समय में AI Impact Summit 2026 का आयोजन किया है, जब वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स में बहुत उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार अपने देश को फिर से “ग्रेट” बनाने की कोशिश में उलझी है और चीन अपने विस्तारवादी मिशन पर शांत लेकिन खतरनाक ढंग से काम कर रहा है। ऐसे समय में भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक मंच पर दुनिया को एकजुट करने का बीड़ा उठाया है, जो न सिर्फ तकनीकी बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए बड़ा अवसर है।
भारत का एआई इकोसिस्टम और वैश्विक संदेशAI समिट दो हालिया सफल व्यापार समझौतों—भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपियन यूनियन—के तुरंत बाद हो रहा है। इससे दुनिया को संदेश जाता है कि भारत वैश्विक एआई नेतृत्व के लिए तैयार है। एआई इकोसिस्टम के लिए चार मुख्य आधार स्तंभ माने जाते हैं:
विशाल चिप-मेकिंग इंडस्ट्री
ऊर्जा क्षमता
रिसर्च...










