बांग्लादेश में बीएनपी की जीत: क्या भारत चीन-पाकिस्तान से दूर रख पाएगा और खत्म होगा जमात का खतरा?
बांग्लादेश के आम चुनाव में पाकिस्तान समर्थक कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी को मुंह की खानी पड़ी। उसका सरकार बनाने का सपना चूर-चूर हो गया। जनता ने कट्टरपंथ की जगह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में चुना। इस जीत के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में नए सिरे से मजबूती आने की उम्मीद जगी है, लेकिन चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में बदलाव
बीएनपी के नेतृत्व में भारत के लिए यह व्यावहारिक रणनीतिक विकल्प बन गया है। पार्टी की विचारधारा दक्षिणपंथ के करीब है और इसमें बीजेपी से वैचारिक मेल देखा जा सकता है। बीएनपी के प्रमुख तारिक रहमान ने भी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का भरोसा दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए संकेत दिया कि भारत बीएनपी की मजबूत सरकार के साथ फिर से मजबूत संबंध बनाएगा। इस कूटनीति...










