Tuesday, May 19

This slideshow requires JavaScript.

मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस का किनारा, पार्टी ने कहा– “पिछले कुछ वर्षों से कोई संबंध नहीं”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर अपने बयान से सियासी हलचल पैदा कर दी। केरल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अय्यर ने कहा कि पिनराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अय्यर पिछले कुछ वर्षों से पार्टी से जुड़े नहीं हैं और उनके विचार पूरी तरह से व्यक्तिगत हैं।

This slideshow requires JavaScript.

कांग्रेस ने क्या कहा

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि अय्यर पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस के सक्रिय सदस्य नहीं रहे हैं, इसलिए उनके बयान पर पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस पोस्ट को X पर साझा करते हुए कहा कि केरल की जनता जिम्मेदार और जवाबदेह शासन के लिए यूडीएफ को सत्ता में वापस लाएगी

अय्यर का बयान और उसकी पृष्ठभूमि

अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी “विजन 2031: विकास और लोकतंत्र” में कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में केरल का स्थान कानूनी रूप से सुरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने केरल के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत का अग्रणी राज्य है और मार्क्सवादी-लेनिनवादी शासन ने इस दिशा में सबसे अधिक प्रगति की है।

उन्होंने इस अवसर पर पार्टी सहयोगियों की अनुपस्थिति पर अफसोस भी जताया और कहा कि यह एक राष्ट्रीय अवसर है।

विवादित बयानों का लंबा इतिहास

मणिशंकर अय्यर की बयानों की लिस्ट लंबी है और अक्सर कांग्रेस को मुश्किल में डाल चुकी है:

  • साल 2014 में नरेंद्र मोदी को ‘चायवाला’ कहा, जो बीजेपी ने पकड़ लिया और कांग्रेस को नुकसान हुआ।

  • कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति तभी संभव जब मोदी सरकार गिर जाए।

  • प्रधानमंत्री के लिए ‘नीच’ शब्द का इस्तेमाल किया।

  • दशरथ के महल और भगवान राम के जन्मस्थान पर विवादित टिप्पणी की।

  • भारत को पाकिस्तान की इज्जत करने की सलाह दी, परमाणु संकट का हवाला देते हुए।

  • पिछले साल राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर आश्चर्य और उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए।

निष्कर्ष

अय्यर का बयान और कांग्रेस का उससे किनारा यह दर्शाता है कि पार्टी केरल में चुनावी रणनीति और अपने नेतृत्व की छवि को बचाने के लिए सावधानी बरत रही है। वरिष्ठ नेता के व्यक्तिगत बयानों का पार्टी से कोई संबंध नहीं होने की घोषणा कर कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह बयान पार्टी की नीति का हिस्सा नहीं है।

Leave a Reply